FMGE Result 2026 : एफएमजीई जनवरी सत्र का परिणाम घोषित, 76% अभ्यर्थी हुए फेल, यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड और पास प्रतिशत
News India Live, Digital Desk : नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) जनवरी 2026 सत्र के नतीजों का ऐलान कर दिया है। विदेश से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री लेकर भारत में प्रैक्टिस का सपना देखने वाले हजारों डॉक्टरों के लिए यह परिणाम काफी चौंकाने वाला रहा है। इस बार परीक्षा का स्तर इतना कठिन रहा कि महज 23.37 प्रतिशत अभ्यर्थी ही सफलता का स्वाद चख सके हैं, जबकि भारी संख्या में छात्र असफल रहे हैं।
कड़ा रहा मुकाबला: 43 हजार में से केवल 10 हजार हुए सफल
आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल 17 जनवरी 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा में कुल 43,933 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इनमें से केवल 10,264 अभ्यर्थी ही पासिंग मार्क (150/300) हासिल कर पाए हैं। वहीं, 32,604 उम्मीदवार परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके। आयोग ने परिणाम को पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में जारी किया है, जिसमें सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर और उनके द्वारा प्राप्त अंकों का विवरण दिया गया है।
स्कोरकार्ड कब और कहाँ से करें डाउनलोड?
रिजल्ट जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों को अपने व्यक्तिगत स्कोरकार्ड का इंतजार है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि:
स्कोरकार्ड जारी होने की तिथि: 6 फरवरी 2026 को या उसके बाद।
डाउनलोड की अवधि: स्कोरकार्ड केवल 6 महीने तक ही वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा।
आधिकारिक वेबसाइट: अभ्यर्थी natboard.edu.in पर जाकर अपनी लॉगिन आईडी से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।
पास होने के बाद अगला कदम: फिजिकल वेरिफिकेशन
एफएमजीई परीक्षा पास करना केवल पहला पड़ाव है। सफल उम्मीदवारों को अब नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से प्रैक्टिस का लाइसेंस पाने के लिए 'इन-पर्सन' डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके लिए एनबीईएमएस जल्द ही शेड्यूल जारी करेगा। वेरिफिकेशन सफल होने के बाद ही उम्मीदवारों को 'पास सर्टिफिकेट' दिया जाएगा, जिसके आधार पर वे स्टेट मेडिकल काउंसिल में अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
रिजल्ट चेक करने का आसान तरीका
आधिकारिक पोर्टल natboard.edu.in पर जाएं।
होमपेज पर 'Public Notice' सेक्शन में 'Result of FMGE December 2025' के लिंक पर क्लिक करें।
एक पीडीएफ फाइल खुलेगी, उसमें अपना रोल नंबर (Ctrl+F का उपयोग करें) खोजें।
अपना स्कोर देखें और भविष्य के लिए पीडीएफ सुरक्षित रख लें।
अमर उजाला विशेष: क्यों गिर रहा है पास प्रतिशत?
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मेडिकल कॉलेजों के पाठ्यक्रम और भारत की क्लीनिकल परीक्षाओं के स्तर में अंतर होने के कारण एफएमजीई का रिजल्ट हमेशा कम रहता है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे क्लीनिकल विषयों और बेसिक साइंसेज पर अधिक ध्यान दें, क्योंकि अब परीक्षा का पैटर्न अधिक व्यावहारिक (Practical) होता जा रहा है।