बहती नाक से हैं परेशान? 'लौंग का तेल' है तुरंत राहत पाने का सबसे असरदार उपाय

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सर्दी-जुकाम की सबसे बड़ी परेशानी क्या है? बार-बार नाक का बहना! यह न सिर्फ हमें परेशान और असहज करता है, बल्कि नाक के आसपास की त्वचा भी टिश्यू पेपर से पोंछ-पोंछकर लाल हो जाती है। ऐसे में हम अक्सर दवाइयों का सहारा लेते हैं, जो हमें सुस्त बना देती हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस बहती नाक को रोकने का एक बहुत ही शक्तिशाली और प्राकृतिक उपाय आपके किचन के मसाले के डिब्बे में ही मौजूद है? जी हां, हम बात कर रहे हैं लौंग के तेल (Clove Oil) की।

दांत दर्द के लिए तो यह रामबाण है ही, लेकिन बहती नाक और सर्दी-जुकाम में भी यह किसी जादू से कम नहीं है।

आखिर लौंग का तेल काम कैसे करता है?

लौंग की तासीर गर्म होती है और इसमें कई चमत्कारी गुण होते हैं:

  • एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल: यह सर्दी-जुकाम फैलाने वाले कीटाणुओं से लड़ता है।
  • एंटी-इंफ्लेमेटरी: यह नाक के अंदर की सूजन को कम करता है, जिससे बंद नाक खुलती है और सांस लेना आसान हो जाता है।
  • तीखी खुशबू: इसकी तेज और असरदार महक बंद नाक के रास्ते को खोलने में मदद करती है और बलगम को ढीला करती है।

कैसे करें इसका सही इस्तेमाल?

बहती नाक और बंद गले से राहत पाने के लिए आप लौंग के तेल का इस्तेमाल इन 3 तरीकों से कर सकते हैं:

1. भाप लेना (Steam Inhalation) - सबसे असरदार तरीका
यह तरीका बंद नाक, गले की खराश और बहती नाक, तीनों पर एक साथ काम करता है।

  • कैसे करें: एक बड़े कटोरे में गर्म पानी लें (खौलता हुआ नहीं)। अब इसमें लौंग के तेल की 3-4 बूंदें डालें। एक तौलिये से अपना सिर ढकें, कटोरे के ऊपर झुकें और गहरी सांस लें।
  • सावधानी: अपनी आंखें बंद रखें ताकि भाप आंखों में न लगे। 5-10 मिनट तक ऐसा करने से आपको तुरंत राहत मिलेगी।

2. सूंघना (Direct Inhalation)
अगर आपके पास भाप लेने का समय नहीं है, तो यह सबसे तेज तरीका है।

  • कैसे करें: एक साफ रूमाल या टिश्यू पेपर पर लौंग के तेल की 2-3 बूंदें डालें। अब इसे थोड़ी-थोड़ी देर पर सूंघते रहें। इसकी महक आपकी नाक को खोलने और बहने से रोकने में मदद करेगी।

3. लगाना (Topical Application) - सावधानी के साथ
यह तरीका छाती की जकड़न और गले के दर्द के लिए अच्छा है।

  • कैसे करें: सावधान! लौंग का तेल सीधे त्वचा पर न लगाएं, यह जलन कर सकता है। एक चम्मच नारियल, सरसों या बादाम के तेल में 2-3 बूंद लौंग का तेल मिलाएं।
  • कहां लगाएं: इस तेल से अपनी छाती, गले और नाक के आस-पास हल्के हाथ से मालिश करें। इसकी गर्मी से आपको बहुत आराम मिलेगा।

इन बातों का रखें ध्यान:

  • हमेशा अच्छी क्वालिटी का और 100% शुद्ध लौंग का तेल ही इस्तेमाल करें।
  • यह सिर्फ बाहरी इस्तेमाल के लिए है।
  • अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, तो लगाने से पहले एक पैच टेस्ट जरूर कर लें।

तो अगली बार जब सर्दी-जुकाम आपको परेशान करे, तो दवाइयों से पहले अपनी रसोई में मौजूद इस प्राकृतिक 'हीलर' को जरूर आजमाएं।