बिहार में अग्नि परीक्षा शुरू 45 डिग्री वाली गर्मी तोड़ेगी पुराने रिकॉर्ड, IMD ने जारी किया भीषण लू का रेड अलर्ट
News India Live, Digital Desk: बिहार में इस बार गर्मी आम जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। अप्रैल के महीने में ही सूरज के तेवर इतने तल्ख हो गए हैं कि प्रदेश के कई जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि इस बार 'दो जेठ' (अधिक मास) होने के कारण गर्मी का प्रकोप लंबे समय तक बना रहेगा और आने वाले दिनों में तापमान पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ सकता है। दक्षिण बिहार के जिलों में 'हीट वेव' (Heatwave) का रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बक्सर के डुमरांव में पारा 44 पार, पटना बेहाल
बिहार के जिलों में तापमान का टॉर्चर शुरू हो गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बक्सर जिले का डुमरांव 44.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है। वहीं, राजधानी पटना में भी तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। भागलपुर, बेगूसराय और मुंगेर जैसे जिलों में भी पारा 43 से 44 डिग्री के बीच झूल रहा है। पछुआ हवाओं के चलते लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं।
लू और आंधी का 'डबल अटैक'
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में इस समय मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां दक्षिण और मध्य बिहार भीषण लू की चपेट में है, वहीं उत्तर-पूर्वी जिलों जैसे किशनगंज, अररिया और सुपौल में आंधी और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसमविदों का कहना है कि 24 और 25 अप्रैल को प्रदेश के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन गर्मी से स्थाई राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं हैं।
हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा: दोपहर में घर से न निकलें
लगातार 40 से 45 डिग्री के बीच रहने वाले तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी हाई अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
यदि बाहर निकलना जरूरी हो, तो सिर को कपड़े से ढकें और पर्याप्त पानी पिएं।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि उन पर लू का असर तेजी से होता है।
दो जेठ का संयोग: जून तक तपेगा बिहार
ज्योतिषीय गणनाओं और मौसम के मिजाज को जोड़कर देखें तो इस बार गर्मी का सीजन लंबा खिंचने वाला है। 'अधिक मास' के कारण ज्येष्ठ का महीना दो बार पड़ रहा है, जिससे तीखी धूप और गर्म हवाओं का दौर जून के अंत तक जारी रह सकता है। खेतों में खड़ी फसलों और पशु-पक्षियों के लिए भी यह मौसम काफी कष्टदायक साबित हो रहा है। प्रशासन ने सभी जिलों को