Financial Deadline : सावधान 31 मार्च तक नहीं किया ये काम तो बंद हो सकते हैं PPF, NPS और सुकन्या खाते

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News India Live, Digital Desk: भारत में अधिकांश सरकारी बचत योजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के आधार पर गणना की जाती है। यदि आपने चालू वित्त वर्ष (2025-26) में अपने खातों में न्यूनतम अनिवार्य योगदान नहीं दिया है, तो आपका खाता 'Default' श्रेणी में आ जाएगा।

प्रमुख योजनाओं के लिए न्यूनतम जमा राशि (Minimum Deposit Rules)

बचत योजनान्यूनतम वार्षिक जमाचूक होने पर क्या होगा?
Public Provident Fund (PPF)₹500खाता 'Inoperative' हो जाएगा। लोन और निकासी की सुविधा बंद हो जाएगी।
Sukanya Samriddhi (SSY)₹250खाता 'Default' माना जाएगा। ब्याज दर में कोई कमी नहीं होगी, लेकिन संचालन रुक जाएगा।
National Pension System (NPS)₹1,000 (Tier-1)आपका PRAN खाता 'Freeze' हो जाएगा। Tier-2 खाता भी प्रभावित हो सकता है।

खाता 'इनएक्टिव' होने के नुकसान

टैक्स लाभ का नुकसान: आप आयकर की धारा 80C के तहत मिलने वाली छूट का लाभ नहीं उठा पाएंगे (पुरानी टैक्स व्यवस्था में)।

लोन और निकासी पर रोक: पीपीएफ जैसे खातों में मिलने वाली आंशिक निकासी और लोन की सुविधा तब तक नहीं मिलेगी जब तक खाता सक्रिय न हो।

पेनल्टी: खाते को दोबारा शुरू करने के लिए आपको बकाया राशि के साथ जुर्माना भी भरना होगा।

निष्क्रिय खाते को दोबारा कैसे शुरू करें? (How to Reactivate)

यदि आप 31 मार्च की डेडलाइन चूक जाते हैं, तो आपको निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:

PPF के लिए: हर साल की ₹500 की न्यूनतम राशि + ₹50 प्रति वर्ष का जुर्माना।

SSY के लिए: न्यूनतम ₹250 की राशि + ₹50 प्रति वर्ष का जुर्माना।

NPS के लिए: बकाया ₹1,000 का योगदान + ₹100 का जुर्माना। इसके लिए आपको अपने संबंधित बैंक या पीओपी (Point of Presence) पर लिखित अनुरोध देना पड़ सकता है।

अंतिम समय की भगदड़ से बचें

31 मार्च को सर्वर पर लोड बढ़ने या बैंक छुट्टियों के कारण ऑनलाइन ट्रांजेक्शन फेल होने का जोखिम रहता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि 25 मार्च तक अपनी सभी जरूरी जमा राशि का भुगतान ऑनलाइन या चेक के माध्यम से कर दें।