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March 26 2026 12:39 am

Finance Bill 2026 Passed: लोकसभा में गूंजा टैक्स सुधार 32 संशोधनों के साथ फाइनेंस बिल पारित, अब न टैक्स नोटिस का डर

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News India Live, Digital Desk : भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। लोकसभा ने केंद्र सरकार के 'फाइनेंस बिल 2026' को 32 महत्वपूर्ण संशोधनों के साथ अपनी मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन संशोधनों को पेश करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य 'टैक्स टेररिज्म' को खत्म करना और ईमानदार करदाताओं के लिए नियमों को सरल बनाना है। इन बदलावों के साथ ही देश में 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

संशोधनों के मुख्य आकर्षण: करदाताओं को मिली बड़ी राहत

वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए 32 संशोधनों में तीन प्रमुख स्तंभों सरलीकरण, निश्चितता और मुकदमेबाजी में कमी पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

नोटिस का जवाब देने के लिए अब 30 दिन: धारा 148 के तहत जारी होने वाले टैक्स नोटिस का जवाब देने की न्यूनतम समय सीमा को बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है। इससे पहले यह समय सीमा काफी कम थी, जिससे करदाताओं को तैयारी का पर्याप्त समय नहीं मिलता था।

पुराने मुकदमों से मुक्ति (Retrospective Relief): सरकार ने 2019 और 2021 के बाद के कई तकनीकी आधारों पर फंसे टैक्स ऑर्डर्स को 'वैध' मानकर भविष्य की लंबी मुकदमेबाजी को रोकने का प्रावधान किया है। इससे अदालतों में लंबित हजारों मामलों का बोझ कम होगा।

डिजिटल सिग्नेचर की अनिवार्यता में ढील: यदि किसी अधिकारी ने प्रशासनिक रूप से अप्रूवल दे दिया है, तो केवल 'डिजिटल सिग्नेचर' न होने या फॉर्म में छोटी तकनीकी कमी होने के आधार पर असेसमेंट को अवैध नहीं माना जाएगा।

आम आदमी और छोटे व्यापारियों के लिए क्या बदला?

रिवाइज्ड रिटर्न (Revised Return) की समय सीमा बढ़ी: अब करदाता अपने आईटीआर (ITR) में सुधार असेसमेंट ईयर के 31 मार्च तक कर सकेंगे। इसके लिए केवल एक मामूली शुल्क देना होगा। पहले यह समय सीमा 31 दिसंबर को समाप्त हो जाती थी।

TCS दरों में कटौती: विदेश यात्रा (Overseas Tour) के लिए टीसीएस की दर को 5% और 20% से घटाकर सीधे 2% कर दिया गया है। इसके अलावा, विदेश में शिक्षा और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर भी टीसीएस अब केवल 2% ही लगेगा।

विदेशी संपत्ति का खुलासा (Amnesty Scheme): छात्रों, युवा पेशेवरों और एनआरआई (NRI) के लिए 6 महीने की एक विशेष योजना शुरू की गई है, जिसके तहत वे अपनी छोटी विदेशी संपत्तियों का खुलासा बिना किसी दंड के कर सकेंगे।

कॉर्पोरेट इंडिया के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस'

वित्त मंत्री ने फाइनेंस बिल के साथ ही 'कॉर्पोरेट लॉ (संशोधन) बिल 2026' पर भी जोर दिया। इसके तहत छोटे अपराधों को 'डिक्रिमिनलाइज' (Decriminalize) किया गया है। यानी अब छोटी प्रक्रियाओं में गलती होने पर जेल नहीं, बल्कि केवल 'सिविल पेनाल्टी' (जुर्माना) लगेगी। साथ ही, शेयर बायबैक पर लगने वाले टैक्स को अब 'कैपिटल गेन्स' की तरह माना जाएगा, जिससे शेयरधारकों पर टैक्स का बोझ कम होगा।

नया इनकम टैक्स एक्ट: 60 साल पुराने कानून की विदाई

निर्मला सीतारमण ने सदन को बताया कि 1 अप्रैल 2026 से 1961 का पुराना कानून इतिहास बन जाएगा। नया 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' अधिक सरल भाषा में होगा, जिसमें कम धाराएं और आसान फॉर्म होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में करदाता को किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद के बिना खुद रिटर्न फाइल करने में आसानी हो।