थकान और कमज़ोर इम्यूनिटी ने कर रखा है परेशान? जानिए क्यों गोंद के लड्डू सर्दियों में आपके लिए सबसे ज़रूरी हैं

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News India Live, Digital Desk : दिसंबर-जनवरी की वो हवाएं जो हड्डियों तक में ठंड पहुँचा देती हैं, उनसे बचने के लिए हम स्वेटर और जैकेट तो पहन लेते हैं, लेकिन शरीर को अंदर से भी मज़बूत रखना ज़रूरी होता है। 'गोंद' या जिसे हम एडिबल गम (Edible Gum) कहते हैं, सदियों से हमारी पारंपरिक डाइट का हिस्सा रहा है। आइए बात करते हैं उन फायदों की जिनकी वजह से इसे विंटर डाइट में शामिल करना किसी वरदान से कम नहीं।

हड्डियों और जोड़ों के दर्द का देसी समाधान
सर्दियों में उम्रदराज़ लोगों के साथ-साथ अब युवाओं में भी जोड़ों के दर्द की शिकायत बढ़ने लगती है। कड़कड़ाती ठंड नसों में जकड़न और दर्द बढ़ा देती है। गोंद के लड्डुओं में कैल्शियम और प्रोटीन का भरपूर भंडार होता है। इसे घी, गुड़ और सूखे मेवों के साथ मिलाकर खाने से हड्डियों को मज़बूती मिलती है और जोड़ों के दर्द (Arthritis pain) में बहुत राहत महसूस होती है। यह एक प्राकृतिक ल्युब्रिकेंट की तरह काम करता है।

शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाए और संक्रमण से बचाए
ठंड का मौसम अपने साथ सर्दी-खांसी और बुखार भी लाता है। गोंद की तासीर गर्म होती है। जब हम इसे लड्डू के रूप में खाते हैं, तो यह हमारे शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता यानी 'रोग प्रतिरोधक क्षमता' को बढ़ा देता है। जो लोग हर मौसम बदलने पर बीमार पड़ जाते हैं, उनके लिए गोंद के लड्डू किसी नेचुरल गार्ड की तरह काम करते हैं।

ऊर्जा का अटूट भंडार (Energy Booster)
सुबह की शुरुआत अगर एक गोंद के लड्डू और गरम दूध के साथ हो जाए, तो आपको दिनभर भारी थकान महसूस नहीं होगी। इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स और फाइबर आपके पेट को भी ठीक रखते हैं और शरीर को वो ज़रूरी एनर्जी देते हैं जो सर्दियों में आलस को भगाने के काम आती है। बच्चों के लिए यह किसी 'देसी एनर्जी बार' जैसा है जो उनकी याददाश्त और शारीरिक विकास में मदद करता है।

माताओं के लिए रामबाण
हमारे समाज में आज भी प्रसव के बाद (Post-delivery) महिलाओं को गोंद के लड्डू खिलाने की परंपरा है। इसके पीछे बड़ा वैज्ञानिक कारण है। यह शरीर को हुई क्षति को ठीक करने, ऊर्जा देने और माताओं में ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने में भी मदद करता है। यह माँ और बच्चे दोनों की सेहत के लिए सबसे पौष्टिक आहार माना गया है।

कुछ सावधानियां भी हैं ज़रूरी
भले ही गोंद के लड्डू सेहत का खजाना हों, लेकिन चूंकि ये तासीर में गर्म होते हैं, इसलिए इन्हें ज़रूरत से ज़्यादा नहीं खाना चाहिए। रोज़ाना एक लड्डू ही सेहत के लिए काफी है। साथ ही, डायबिटीज़ के मरीज़ों को मीठा कम डालना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।