FASTag Scam Alert: NHAI की बड़ी चेतावनी! असली जैसी दिखने वाली इन नकली वेबसाइटों से बचें, वरना खाली हो जाएगा बैंक खाता
नई दिल्ली। अगर आप भी अपने वाहन के लिए FASTag का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने फास्टैग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) के नाम पर हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। ठग अब बिल्कुल असली जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइटों के जरिए वाहन चालकों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं।
इस खबर को आपकी न्यूज़ वेबसाइट और Google Discover के लिए SEO-अनुकूल फॉर्मेट में तैयार किया गया है:
कैसे काम करता है यह हाई-टेक स्कैम?
असली का मुखौटा: जालसाजों ने हुबहू NHAI या असली FASTag पोर्टल्स जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें तैयार कर ली हैं।
सर्च इंजन गेम (SEO): स्कैमर्स विज्ञापनों (Ads) और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) का इस्तेमाल करके इन फर्जी साइट्स को Google सर्च रिज़ल्ट में सबसे ऊपर रैंक करवाते हैं। इससे यूज़र्स को लगता है कि यही आधिकारिक साइट है।
ठगी का तरीका क्या है?
निजी जानकारी की चोरी: जब यूज़र इन नकली साइट्स पर क्लिक करता है, तो उससे मोबाइल नंबर, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और बैंक/पेमेंट डिटेल्स मांगी जाती हैं।
पैसा ट्रांसफर: जानकारी भरते ही पैसा सीधे स्कैमर्स के खाते में चला जाता है।
कोई रसीद नहीं: पेमेंट कटने के बाद यूज़र को कोई कंफर्मेशन नहीं मिलता, या फिर एक फर्जी रसीद थमा दी जाती है।
गृह मंत्रालय ने भी किया था आगाह
यह मामला इतना गंभीर है कि इससे पहले गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भी इस बारे में चेतावनी जारी की थी। अधिकारियों के मुताबिक, ये स्कैम इतने हाई-टेक हो चुके हैं कि आम यूज़र के लिए पहली नजर में असली और नकली वेबसाइट के बीच फर्क करना लगभग नामुमकिन हो गया है।
इस ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें? (Safety Tips)
आधिकारिक ऐप का प्रयोग: FASTag Annual Pass या किसी भी सर्विस के लिए हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या Rajmargyatra (राजमार्गयात्रा) ऐप का ही इस्तेमाल करें।
विज्ञापनों से बचें: Google पर सर्च करते समय 'Sponsored' या विज्ञापन वाले लिंक्स पर क्लिक करने से बचें।
URL की जांच करें: अपनी निजी या पेमेंट डिटेल्स डालने से पहले वेबसाइट का URL (वेब एड्रेस) ध्यान से चेक करें।
गोपनीयता बनाए रखें: अपना OTP, कार्ड डिटेल्स या लॉगिन आईडी-पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें।
संदिग्ध साइट्स को बंद करें: अगर कोई वेबसाइट आपसे गैर-जरूरी परमिशन मांगती है, तो उसे तुरंत बंद कर दें।