Farming Subsidy : अब खेती में मेहनत होगी कम और कमाई होगी डबल ,मशीनों पर सरकार दे रही है 60% की तगड़ी छूट

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News India Live, Digital Desk: आज 8 जनवरी 2026 है और बदलते मौसम के बीच खेती-किसानी के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। अक्सर हमारे किसान भाई पैसा न होने की वजह से उन मशीनों को नहीं खरीद पाते जिनसे खेती आसान और मुनाफा बढ़ाने वाली हो सकती है। लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है।

सरकार ने एक ऐसी योजना पेश की है, जिसके तहत खेती में काम आने वाले औजारों जैसे ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर और यहाँ तक कि 'खेती वाले ड्रोन' पर भी भारी सब्सिडी मिल रही है। अलग-अलग राज्यों और योजनाओं के हिसाब से यह छूट 40% से शुरू होकर 60% तक जा रही है।

क्यों जरूरी है ये सब्सिडी?
पुराने समय में हल-बैल से खेती होती थी, जिसमें बहुत मेहनत और समय लगता था। लेकिन आज की भागदौड़ वाली दुनिया में समय ही पैसा है। आधुनिक मशीनें न केवल कम समय में काम पूरा करती हैं, बल्कि बीजों और खाद की बर्बादी को भी कम करती हैं। जब किसान की लागत कम होगी, तभी तो उसका मुनाफा बढ़ेगा। सरकार का लक्ष्य यही है कि देश का हर छोटा किसान भी मशीनों का मालिक बने।

किन मशीनों पर मिल रही है छूट?
इस सब्सिडी का दायरा काफी बड़ा है। आप ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर, पावर टिलर, स्प्रे पंप, रीपर और थ्रेशर जैसी मशीनें आधे से भी कम दाम में खरीद सकते हैं। इसके अलावा, आजकल जैविक खेती और ड्रोन से दवा छिड़कने का काफी चलन है, तो ड्रोन जैसी महंगी तकनीक पर भी सरकार बड़ा आर्थिक सहयोग दे रही है।

इसका फायदा कैसे लें? (सिंपल प्रोसेस)
इसका फायदा लेना बहुत आसान है, बस कुछ बातों का ध्यान रखना होगा:

  1. जरूरी कागज़: अपने पास आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक (जो आधार से लिंक हो), खतौनी (जमीन के कागज़) और मोबाइल नंबर तैयार रखें।
  2. आवेदन: ज्यादातर राज्यों में कृषि विभाग के पोर्टल पर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आप अपने नज़दीकी 'सीएससी सेंटर' या जनसेवा केंद्र पर जाकर भी फॉर्म भरवा सकते हैं।
  3. चयन प्रक्रिया: कई बार पहले आओ-पहले पाओ या फिर 'लॉटरी सिस्टम' के जरिए किसानों का चुनाव किया जाता है। इसलिए समय पर आवेदन करना बहुत जरूरी है।

किसानों के लिए खास टिप:
एक बात जो आपको हमेशा याद रखनी चाहिए, वह यह है कि किसी भी बिचौलिए या धोखेबाज के चक्कर में न आएं। यह पूरी तरह से सरकारी प्रक्रिया है। अगर आप छोटे किसान (सीमांत किसान) या महिला किसान हैं, तो आपको इस सब्सिडी में और भी ज्यादा प्राथमिकता दी जा सकती है।