मेहनत की कमाई बर्बाद न होने दें अपनी पुरानी कंपनी का पीएफ बैलेंस चेक करने का सबसे आसान तरीका
News India Live, Digital Desk : हम में से बहुत से लोग अपनी पिछली कंपनियों का पीएफ बैलेंस यह सोचकर छोड़ देते हैं कि "अब कौन इतनी माथापच्ची करे" या "पता नहीं पुराना नंबर कहाँ होगा"। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ईपीएफओ (EPFO) के पास हज़ारों करोड़ रुपये ऐसे पड़े हैं जिनका कोई दावेदार ही नहीं मिल रहा?
आज 8 जनवरी 2026 है, और अब स्थिति काफी बदल चुकी है। अगर आपकी नौकरी 15 साल पुरानी भी है, तब भी आप अपना पैसा आसानी से ढूँढ सकते हैं। ईपीएफओ ने अपने सिस्टम को आधार और यूएएन (UAN) के साथ ऐसा जोड़ा है कि आपका रिकॉर्ड कभी गुम नहीं होता।
ये 'खोया हुआ' पैसा कैसे ढूँढें?
पुराने समय में हर कंपनी का अलग पीएफ नंबर होता था, जिससे ट्रैक करना मुश्किल था। अब 'यूनिवर्सल अकाउंट नंबर' (UAN) ने सारा झंझट खत्म कर दिया है। अगर आपको अपना पुराना नंबर याद नहीं है, तो आप 'Know Your UAN' सेक्शन में जाकर अपने आधार या पैन कार्ड के ज़रिए उसे वापस पा सकते हैं।
सिर्फ 2 मिनट का काम
एक बार जब आपके पास UAN आ जाए, तो ईपीएफओ पोर्टल पर लॉग इन करके 'Service History' चेक करें। वहां आपको आपकी हर पुरानी नौकरी की लिस्ट मिल जाएगी। आप देख पाएंगे कि किस कंपनी ने आपका कितना पैसा जमा किया था। 15 साल पुराने खातों को ट्रैक करना अब इसलिए मुमकिन है क्योंकि विभाग ने पुराने रिकॉर्ड्स का डिजिटल आर्काइव तैयार कर लिया है।
अधूरे केवाईसी (KYC) का पंगा
रिफंड न आने या ट्रैक न होने की सबसे बड़ी वजह होती है—केवाईसी का अधूरा होना। अगर आपका आधार और बैंक अकाउंट यूएएन से लिंक है, तो आप पुराने पैसे को मौजूदा अकाउंट में घर बैठे ऑनलाइन 'ट्रांसफर' भी कर सकते हैं।
भविष्य के लिए छोटी सी सलाह:
जब भी आप नौकरी बदलें, पुरानी कंपनी का पीएफ क्लोज करने के बजाय उसे नए अकाउंट में मर्ज कर दें। इससे न सिर्फ आपकी जमा पूंजी बढ़ती है, बल्कि आपको उस पर कंपाउंड इंटरेस्ट का भी पूरा फायदा मिलता है। आपका पुराना पैसा सिर्फ़ आपकी कमाई नहीं है, वह आपके रिटायरमेंट की सबसे मज़बूत लाठी है।