बदहाली की ओर यूरोप? एलन मस्क ने खुलेआम यूरोप के सिस्टम पर उठाया सवाल, मचा दिया हड़कंप

Post

News India Live, Digital Desk: एलन मस्क एक ऐसे शख्स हैं जिन्हें आप नजरअंदाज तो बिल्कुल नहीं कर सकते। वो अपनी टेक कंपनियों (Tesla, X, SpaceX) से कहीं ज्यादा अपनी बेबाकी और विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस बार मस्क ने किसी कंपनी या तकनीक को नहीं, बल्कि सीधे पूरे यूरोप को ही आड़े हाथों ले लिया है। उनका हालिया बयान इंटरनेट पर काफी आग लगा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यूरोप 'आत्महत्या की राह पर' (Path to Suicide) बढ़ रहा है।

अब सवाल यह उठता है कि दुनिया के सबसे अमीर इंसान को आखिर यूरोप से इतनी परेशानी क्यों है? दरअसल, मस्क अक्सर यूरोपीय संघ (EU) के कड़े नियमों, ब्यूरोक्रेसी और वहां की गिरती जन्मदर पर चिंता जताते रहते हैं। इस बार उन्होंने यूरोप के नेताओं की नीतियों को सीधा निशाना बनाया है। उनका मानना है कि वहां जो कड़े नियम कायदे (खासकर टेक्नोलॉजी और एआई को लेकर) थोपे जा रहे हैं, वो वहां के भविष्य को खत्म कर रहे हैं।

बात सिर्फ बिजनेस की नहीं है; मस्क ने यूरोप की सांस्कृतिक और आर्थिक स्थिति पर भी चोट की है। मस्क के मुताबिक, जिस रफ़्तार से यूरोप अपने कड़े रेगुलेशंस में फंसता जा रहा है और इनोवेशन को रोक रहा है, वह उसे बाकी दुनिया (खासकर अमेरिका और चीन) से काफी पीछे छोड़ देगा। सोशल मीडिया पर उनके इस तीखे वार के बाद बहस छिड़ गई है।

यूरोप के कुछ नेताओं ने तो मस्क की बातों को बकवास करार दिया है, लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो मस्क की बातों में थोड़ी-बहुत सच्चाई देख रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यूरोप अपनी पुरानी व्यवस्थाओं से चिपका हुआ है, जबकि दुनिया बदल चुकी है। मस्क ने इसे ही 'सुसाइडल पाथ' का नाम दिया है क्योंकि उनके हिसाब से यह तरीका यूरोप की ताकत और प्रभाव को पूरी तरह खत्म कर देगा।

क्रिकेट या राजनीति की तरह टेक की दुनिया में भी मस्क के शब्दों का अपना वजन होता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब एलन मस्क का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी तेजी से बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि यूरोपीय देश मस्क की इस खरी-खोटी पर अपना सिस्टम बदलते हैं या फिर मस्क के इन शब्दों को एक और विवाद मानकर दरकिनार कर दिया जाता है।

वैसे, आपको क्या लगता है? क्या वाकई मस्क की बातें सही हैं या वो फिर से सुर्खियां बटोरने के लिए कोई नया ड्रामा कर रहे हैं?