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April 02 2026 12:45 pm

EPF Rules 2026: क्या आपको भी लगता है PF में 60 साल है रिटायरमेंट की उम्र? तुरंत दूर कर लें ये 5 बड़े कन्फ्यूजन

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नई दिल्ली: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (EPF) ही बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा होता है। हर महीने कर्मचारी की सैलरी से एक तय हिस्सा कटकर पीएफ खाते में जाता है और उतनी ही रकम कंपनी (एंप्लॉयर) भी अपनी तरफ से जमा करती है। ईपीएफओ (EPFO) के नियम वैसे तो बिल्कुल पारदर्शी हैं, लेकिन फिर भी करोड़ों कर्मचारियों के मन में पीएफ, पेंशन और रिटायरमेंट की उम्र को लेकर कई तरह के भ्रम बने रहते हैं। आइए आज आपके उन 5 बड़े कन्फ्यूजन को हमेशा के लिए दूर करते हैं, जिनके बारे में सही जानकारी होना आपके लिए बेहद जरूरी है।

1. रिटायरमेंट की उम्र 60 नहीं, 58 साल है

सबसे बड़ा भ्रम यही है कि लोग ईपीएफ में रिटायरमेंट की उम्र 60 साल मान बैठते हैं। कस्टोडियन लाइफ के फाउंडर कुणाल काबरा के मुताबिक, ईपीएफ के नियमों के तहत ऑफिशियल रिटायरमेंट की उम्र केवल 58 साल तय की गई है। जैसे ही आप 58 वर्ष के होते हैं, आपके खाते में पीएफ का कंट्रिब्यूशन (अंशदान) आना बंद हो जाता है, भले ही आप आगे भी अपनी नौकरी क्यों न जारी रखें।

2. रिटायरमेंट के बाद ब्याज बंद होने का सच

अक्सर कर्मचारियों को लगता है कि रिटायर होते ही पीएफ में जमा पैसों पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। यह पूरी तरह सच नहीं है! नियम के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी अपनी 58 साल की ऑफिशियल उम्र में रिटायर होता है, तो उसे अगले तीन साल (यानी 61 साल की उम्र) तक अपने ईपीएफ बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है।

3. अर्ली रिटायरमेंट (VRS) पर क्या हैं ब्याज के नियम?

अगर आप 58 साल से पहले ही रिटायरमेंट ले लेते हैं, तो ब्याज मिलने का 3 साल वाला नियम लागू नहीं होता। अर्ली रिटायरमेंट की स्थिति में आपको 58 साल की उम्र पूरी होने तक ब्याज मिलता रहेगा। उदाहरण के लिए, यदि आप 45 साल की उम्र में नौकरी छोड़ देते हैं या रिटायर हो जाते हैं, तो आपको अगले 13 सालों तक (58 की उम्र तक) ब्याज का फायदा मिलता रहेगा।

4. नौकरी में गैप आने पर क्या अकाउंट बंद हो जाता है?

कई बार नौकरी छूटने या बदलने के दौरान पीएफ खाते में कुछ महीनों तक पैसा जमा नहीं हो पाता। लोग डर जाते हैं कि उनका अकाउंट इनएक्टिव हो जाएगा। ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, ऐसे 'नॉन-कंट्रिब्यूटरी पीरियड' को पेंशन योग्य सेवा में नहीं गिना जाता, लेकिन आपका खाता तुरंत बंद नहीं होता है। ईपीएफ अकाउंट तभी 'इनऑपरेटिव' (निष्क्रिय) श्रेणी में जाता है, जब उसमें लगातार 3 साल तक कोई अंशदान न किया गया हो।

5. 58 की उम्र होते ही शुरू हो जाती है पेंशन

सबसे अहम कन्फ्यूजन एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) को लेकर है। लोगों को लगता है कि पेंशन का फायदा नौकरी छोड़ने के बाद ही मिलेगा। असलियत यह है कि जैसे ही आप 58 साल के होते हैं, आपकी ईपीएस पेंशन शुरू हो जाती है और यह जीवन भर हर महीने मिलती है। इसका आपके वर्किंग स्टेटस से कोई लेना-देना नहीं है। आप रिटायर हो चुके हों या अभी भी काम कर रहे हों, 58 की उम्र पार करते ही आपकी पेंशन चालू कर दी जाती है।