कौन बनेगा करोड़पति के मंच पर सीआरपीएफ कमांडेंट के अद्भुत शौर्य और साहस की गूंज से क्यों भर आई आँखें

कौन बनेगा करोड़पति के मंच पर सीआरपीएफ कमांडेंट के अद्भुत शौर्य और साहस की गूंज से क्यों भर आई आँखें

भारतीय टेलीविजन के सबसे प्रतिष्ठित और ज्ञानवर्धक रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC 18) के इस सीजन में देश के सामने एक ऐसा एपिसोड आया जिसने हर दर्शक के रोंगटे खड़े कर दिए और देशप्रेम की भावना को सर्वोच्च शिखर पर पहुंचा दिया। शो की हॉट सीट पर इस बार देश की आंतरिक सुरक्षा के पहरेदार और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक जांबाज कमांडेंट ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता और गेम की शानदार स्किल से न केवल करोड़ों दर्शकों का दिल जीता बल्कि खेल के इतिहास में एक नया अध्याय भी लिख दिया। जब इस वर्दीधारी वीर ने शो के महानायक अमिताभ बच्चन के सामने अपनी और अपनी पूरी बटालियन की जिंदगी के उन अनकहे पन्नों को पलटना शुरू किया, तो सेट पर मौजूद हर शख्स की सांसें थम गईं। आम जनता अक्सर यह सोचती है कि सुरक्षा बलों के जवान केवल सीमा पर या बंकरों में बंदूक लेकर खड़े रहते हैं, लेकिन इस मंच पर आकर उस जांबाज अधिकारी ने जिस तरह से देश के दुश्मनों से मुकाबला करने और विकट परिस्थितियों में जीने की असल कहानी बयां की, उसने हर भारतीय के सीने को गर्व से चौड़ा कर दिया। इस ऐतिहासिक एपिसोड ने साबित कर दिया कि केबीसी केवल ज्ञान और पैसों का खेल नहीं है, बल्कि यह देश के असली हीरोज के बलिदान और संघर्ष को दुनिया के सामने लाने का सबसे बड़ा और पावन मंच भी है।

सीआरपीएफ की बेहद कठोर और खतरनाक कमांडेंट ट्रेनिंग के दौरान जंगल में किन भयानक परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है?

जब अमिताभ बच्चन ने सीआरपीएफ कमांडेंट से उनकी शुरुआती ट्रेनिंग और उस कठिन दौर के बारे में पूछा जिसे पार करके वे इस मुकाम पर पहुंचे हैं, तो कमांडेंट ने जो खुलासे किए वे किसी फिल्मी कहानी से भी ज्यादा रोमांचक और डरावने थे। देश के सबसे खूंखार नक्सलियों और आतंकवादियों से लोहा लेने वाले इन कमांडोज को तैयार करने के लिए जंगलों के बीच एक ऐसी विशेष और कठोर ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है, जिसकी कल्पना आम इंसान सपने में भी नहीं कर सकता है। कमांडेंट ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान कई बार ऐसी विषम और जानलेवा परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं जहां खाने के लिए राशन या अन्न का एक दाना भी मौजूद नहीं होता है, और ऐसे में जिंदा रहने के लिए उन्हें गहरे जंगलों के बीच जहरीले सांपों, कीड़े-मकोड़ों और जंगली जीवों को खाकर अपनी भूख मिटानी पड़ती है। बिना पानी के दिनों तक रेगिस्तान और घने जंगलों में भटकना, दुश्मन की नजरों से बचकर जमीन के अंदर छिपना और अपनी सहनशक्ति को अंतिम सीमा तक परीक्षण करने वाले ये अभ्यास आम आदमियों के लिए असंभव प्रतीत होते हैं। इस प्रकार की जानलेवा और पसीने ला देने वाली ट्रेनिंग से गुजरने के बाद ही एक आम इंसान देश की सुरक्षा करने वाला फौलादी और अजेय 'सीआरपीएफ कमांडेंट' बनकर देश की रक्षा के लिए तैयार होता है।

केबीसी 18 के इस रोमांचक मुकाबले में एक करोड़ के बेहद कठिन सवाल का जवाब देकर कैसे रचा गया नया इतिहास?

अपनी असाधारण बुद्धिमत्ता और गजब की मानसिक शांति का परिचय देते हुए इस सीआरपीएफ कमांडेंट ने खेल के हर पड़ाव को बहुत ही सूझबूझ के साथ पार किया और आखिरकार 1 करोड़ रुपये के बेहद चुनौतीपूर्ण सवाल तक सफलतापूर्वक पहुंच गए। खेल का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण और सांसें रोक देने वाला था, क्योंकि एक छोटी सी गलती उन्हें भारी नुकसान पहुंचा सकती थी, लेकिन फौजी अनुशासन में पले-बढ़े इस जांबाज ने बिना अपना मानसिक संतुलन खोए सही विकल्प का चयन किया। जैसे ही अमिताभ बच्चन ने घोषणा की कि उनका जवाब सौ फीसदी सही है और वे 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जीत चुके हैं, पूरा स्टूडियो तालियों की गड़गड़ाहट और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। महानायक अमिताभ बच्चन ने भी अपनी सीट से खड़े होकर इस वीर कमांडेंट को सैल्यूट किया और उनके संघर्ष तथा उनकी देशभक्ति की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। यह जीत केवल एक व्यक्ति की वित्तीय सफलता नहीं थी, बल्कि यह उस हर एक वर्दीधारी सैनिक की जीत थी जो देश के कोने-कोने में अपनी जान की बाजी लगाकर हमारी और हमारी आने वाली पीढ़ियों की रक्षा दिन-रात कर रहे हैं।

जीती गई इस भारी पुरस्कार राशि का एक बड़ा और नेक हिस्सा देश के वीर जवानों के परिवारों को समर्पित करने का फैसला

करोड़ों रुपये की बड़ी धनराशि जीतने के बाद जब अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा कि वे इस पैसे का क्या उपयोग करेंगे, तो उस कमांडेंट के जवाब ने वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों को नम कर दिया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि इस इनामी राशि का एक बहुत बड़ा हिस्सा वे उन शहीद वीर जवानों के परिवारों और उनके बच्चों की शिक्षा के कल्याण के लिए समर्पित करेंगे जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी है। एक फौजी का दिल किस तरह से अपने साथियों के प्रति संवेदना और देश के प्रति समर्पण से ओत-प्रोत होता है, इस बात का इससे बड़ा और जीवंत उदाहरण दूसरा कोई नहीं हो सकता है। उनकी इस महान सोच और दरियादिली को देखकर महानायक अमिताभ बच्चन भी भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि इस मंच पर आने वाले कई लोग पैसे जीत कर जाते हैं, लेकिन आज इस मंच की गरिमा इस महान फौजी के आने से कई गुना बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी इस एपिसोड के टेलीकास्ट होने के बाद से ही इस सीआरपीएफ कमांडेंट की जमकर तारीफ हो रही है और लोग उनके इस जज्बे को बार-बार सलाम कर रहे हैं।

इस प्रेरणादायक एपिसोड ने देश के युवाओं को अनुशासन, संघर्ष और देशभक्ति का क्या अनमोल संदेश दिया है?

केबीसी 18 का यह विशेष एपिसोड केवल एक टेलीविजन गेम शो बनकर नहीं रह गया, बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं के लिए देशभक्ति, अनुशासन और कभी हार न मानने वाले जज्बे का एक जीवंत पाठ्यक्रम बन गया है। आज के समय में जहां युवा छोटी-छोटी असफलताओं से निराश होकर जल्दी हार मान लेते हैं, वहीं इन फौजी भाइयों की जीवन कहानियां यह सिखाती हैं कि असली सफलता केवल संघर्ष, पसीने और अटूट दृढ़ संकल्प के बल पर ही हासिल की जा सकती है। जंगल में सांप खाकर जिंदा रहने से लेकर देश की रक्षा की कसम खाने तक का यह सफर इस बात का प्रमाण है कि इंसान की इच्छाशक्ति के आगे दुनिया की कोई भी बड़ी बाधा टिक नहीं सकती है। यह एपिसोड आने वाली कई पीढ़ियों तक लोगों को यह याद दिलाता रहेगा कि जब हमारे देश के जवान सरहद पर और जंगलों में इतना कड़ा संघर्ष कर रहे हैं, तब जाकर हम अपने घरों में चैन की नींद सो पा रहे हैं। इस प्रकार के सार्थक और प्रेरणास्पद मीडिया कंटेंट आज के समाज की सबसे बड़ी जरूरत हैं जो मनोरंजन के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण और नैतिक मूल्यों का पाठ भी बहुत ही खूबसूरती से पढ़ा जाते हैं।