'द व्वां' का एक्स पर फैसला: सिद्धार्थ मल्होत्रा की एक्टिंग और लोककथा के विजुअल्स पर फिदा हुए फैंस, कमजोर कहानी पर भड़के क्रिटिक्स
बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और अभिनेत्री तमन्ना भाटिया की बहुप्रतीक्षित लोककथा फैंटेसी फिल्म 'द व्वां: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' आखिरकार देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। भारतीय लोककथाओं, रहस्यमयी जंगलों, वन देवी की महिमा और छठ पूजा जैसे सांस्कृतिक तत्वों को आधुनिक फंतासी के सांचे में ढालकर बड़े पर्दे पर उतारने वाली इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता थी। फिल्म का निर्देशन दीपक कुमार मिश्रा ने किया है, जिन्होंने इससे पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सधी हुई कहानी कहने की शैली से एक खास पहचान बनाई है। वहीं बालाजी मोशन पिक्चर्स, द वायरल फीवर (टीवीएफ) और 11.11 प्रोडक्शन के संयुक्त सहयोग से बनी इस फिल्म के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दर्शकों और समीक्षकों के बीच दोहरी राय देखने को मिल रही है।
फिल्म के शुरुआती शोज देखकर बाहर निकले दर्शकों ने जहां एक तरफ फिल्म के विशाल कैनवास, सिनेमैटोग्राफी और सिद्धार्थ मल्होत्रा के दमदार अभिनय की खुलकर तारीफ की है, वहीं कई दर्शकों और फिल्म समीक्षकों ने इसकी बिखरी हुई पटकथा और कमजोर लेखन पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर एक वर्ग इसे बड़े पर्दे का अद्भुत विजुअल स्पेक्टेकल मान रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे एक बेहतरीन विचार को आधी-अधूरी पटकथा में बर्बाद करने का उदाहरण बता रहा है।
सिद्धार्थ मल्होत्रा के अभिनय और क्लाइमेक्स ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
फिल्म रिलीज के पहले और दूसरे दिन थिएटर पहुंचे दर्शकों ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अपने विस्तृत विचार साझा किए हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा के 'वीर' (शिव अंश) वाले किरदार को उनके करियर की अब तक की शीर्ष तीन सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों में से एक बताया है। प्रशंसकों का कहना है कि उन्होंने जिस भावनात्मक गहराई और शारीरिक ऊर्जा के साथ इस रहस्यमयी और अलौकिक किरदार को निभाया है, वह स्क्रीन पर बेहद प्रभावी दिखता है। देवी की शक्ति और आस्था के इर्द-गिर्द बुने गए दृश्यों में सिद्धार्थ की मौजूदगी ने दर्शकों को रोमांचित किया है।
दर्शकों के एक बड़े वर्ग ने फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स), बैकग्राउंड स्कोर और रोंगटे खड़े कर देने वाले क्लाइमेक्स की जमकर सराहना की है। एक दर्शक ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा कि यह फिल्म शक्ति की भक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती है और इसमें दिखाया गया है कि प्रकृति और सर्वोच्च शक्ति की पूजा करना क्यों आवश्यक है। सिनेमाघरों में मौजूद दर्शकों के अनुसार, फिल्म का आखिरी आधा घंटा बेहद तीव्र है, जो दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखता है। अगर कोई दर्शक बड़े पर्दे पर भारतीय लोककथाओं और फैंटेसी का अनूठा मिश्रण देखना चाहता है, तो उसे यह सिनेमैटिक अनुभव काफी पसंद आ रहा है।
आलोचकों का कड़ा रुख: कमजोर पटकथा और ढीला स्क्रीनप्ले बना सबसे बड़ी बाधा
जहां आम प्रशंसकों ने फिल्म के भावनात्मक और विजुअल पहलुओं को सराहा है, वहीं अधिकांश फिल्म समीक्षकों और क्रिटिक्स ने फिल्म को लेकर सख्त रुख अपनाया है। प्रमुख मीडिया घरानों और फिल्म विश्लेषकों ने इसे पांच में से केवल दो स्टार देते हुए इसकी पटकथा की खामियों को उजागर किया है। समीक्षकों का मानना है कि 'द व्वां: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' की मूल अवधारणा बेहद प्रभावशाली थी। घने जंगलों की पौराणिक लोककथाएं, वन देवी का रहस्य, लोक संस्कृति और छठ पूजा की पृष्ठभूमि एक क्लासिक फैंटेसी सिनेमा की मजबूत नींव बन सकते थे, लेकिन इस सुनहरे विचार को एक कसी हुई और प्रभावशाली कहानी में बदलने में फिल्म की टीम मात खा गई।
समीक्षकों के अनुसार, फिल्म का स्क्रीनप्ले कई जगहों पर अत्यधिक धीमा और बिखरा हुआ नजर आता है। फिल्म का टोन लगातार बदलता रहता है, जिससे दर्शक कहानी के साथ उस गहराई से नहीं जुड़ पाते जैसी अपेक्षा एक फंतासी थ्रिलर से की जाती है। इसके अलावा, किरदारों का विकास अधूरा सा लगता है और कहानी में जबरन डाले गए हास्य दृश्य माहौल को हल्का कर देते हैं। आलोचकों का निष्कर्ष है कि कलाकारों के ईमानदार प्रयासों और तकनीकी रूप से बेहतरीन दृश्यों के बावजूद, एक मजबूत कथानक की अनुपस्थिति के कारण फिल्म अपने पूरे सामर्थ्य को हासिल करने में चूक जाती है।
बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत: दो दिनों में 11.85 करोड़ की कमाई
फिल्म ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क (Sacnilk) के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 'द व्वां: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी रिलीज के दूसरे दिन धीमी लेकिन स्थिर गति दर्ज की है। फिल्म ने देश भर के लगभग 6,746 शोज में पहले दिन करीब 8 करोड़ रुपये की ओपनिंग ली थी। वहीं शनिवार को दूसरे दिन दोपहर 3 बजे तक के शुरुआती रुझानों के अनुसार, लगभग 3,800 शोज से इसने 3.85 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके साथ ही फिल्म का कुल घरेलू बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 11.85 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच गया है।
ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिली-जुली समीक्षाओं के चलते फिल्म के लिए रविवार का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। बड़े बजट की फैंटेसी फिल्मों को अपनी लागत निकालने के लिए वर्ड-ऑफ-माउथ का मजबूत समर्थन चाहिए होता है। हालांकि मास सर्किट और पारिवारिक दर्शकों के बीच लोककथा और देवी शक्ति का एंगल फिल्म को आने वाले दिनों में अतिरिक्त फायदा पहुंचा सकता है, लेकिन मल्टीप्लेक्स दर्शकों के बीच इसे अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ सकता है।
लोककथाओं का बॉलीवुड प्रयोग: क्या दर्शकों की कसौटी पर खरी उतरेगी 'द व्वां'
हाल के वर्षों में भारतीय सिनेमा में लोककथाओं, क्षेत्रीय मान्यताओं और पौराणिक फंतासी कहानियों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी काफी बढ़ी है। दक्षिण भारतीय सिनेमा में इस जॉनर की सफलता के बाद बॉलीवुड ने भी इस राह पर बड़े कदम बढ़ाने शुरू किए हैं। 'द व्वां' इसी प्रयोग की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जहां दीपक कुमार मिश्रा जैसे निर्देशक ने पारंपरिक ग्रामीण मान्यताओं को एक सुपरनैचुरल थ्रिलर के रूप में प्रस्तुत करने का साहसिक प्रयास किया है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सोशल मीडिया पर चल रही मिली-जुली बहस और आलोचकों की कड़ी टिप्पणियों के बीच आम दर्शक इस फिल्म को कितना समर्थन देते हैं। क्या सिद्धार्थ मल्होत्रा का स्टार पावर और भव्य विजुअल्स फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर एक सम्मानजनक आंकड़े तक पहुंचा पाएंगे, यह अगले कुछ दिनों के बिजनेस ट्रेंड्स से पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा।