राखी सावंत की बढ़ीं मुश्किलें: 16 साल पुराने आत्महत्या मामले में UP की अदालत में नहीं हुईं पेश, जारी हुआ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट
बॉलीवुड और टीवी जगत की ड्रामा क्वीन कही जाने वाली अभिनेत्री राखी सावंत एक बार फिर गंभीर कानूनी पचड़े में फंस गई हैं। उत्तर प्रदेश की झांसी जिला अदालत ने लगातार कई तारीखों पर हाजिर न होने और अदालती आदेशों की अनदेखी करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए अभिनेत्री के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट (Non-Bailable Warrant - NBW) जारी कर दिया है। यह मामला करीब 16 साल पुराना है, जो साल 2010 में प्रसारित हुए उनके विवादित रियलिटी शो 'राखी का इंसाफ' के दौरान एक युवक को अपमानित करने और उसके बाद युवक द्वारा की गई आत्महत्या से जुड़ा हुआ है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि राखी सावंत को गिरफ्तार कर अगली तारीख पर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए।
झांसी कोर्ट का सख्त रुख: बार-बार बुलाने पर भी नहीं पहुंचीं राखी
झांसी के जिला शासकीय अधिवक्ता (क्राइम) मृदुल कांत श्रीवास्तव ने इस अदालती कार्रवाई की पुष्टि की है। मामले की सुनवाई कर रहीं सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अंजलि की अदालत ने अभिनेत्री द्वारा लगातार समन की अवहेलना करने पर यह वारंट जारी किया। अदालत में इस मुकदमे की पिछली कई सुनवाई के दौरान राखी सावंत या उनके अधिकृत अधिवक्ताओं की ओर से संतोषजनक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई। इसके बाद अदालत ने कड़ा कदम उठाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को मुकर्रर की है।
क्या है 2010 का 'राखी का इंसाफ' आत्महत्या मामला?
यह पूरा विवाद अक्टूबर-नवंबर 2010 का है। उस दौरान 'इमेजिन टीवी' पर राखी सावंत का रियलिटी शो 'राखी का इंसाफ' प्रसारित होता था, जिसमें आम लोगों के पारिवारिक व वैवाहिक झगड़ों को मंच पर सुलझाने का दावा किया जाता था।
-
वैवाहिक विवाद को लेकर शो में बुलावा: झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हंसारी निवासी लक्ष्मण अहिरवार और उनकी पत्नी अनीता के बीच अनबन चल रही थी। दोनों के पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए शो की टीम ने उन्हें मुंबई बुलाया था।
-
शो में अपमानजनक टिप्पणी का आरोप: शो की शूटिंग के दौरान राखी सावंत ने लक्ष्मण अहिरवार पर कई तीखी और बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। परिजनों का आरोप है कि राखी ने लक्ष्मण को सार्वजनिक रूप से 'नामर्द' कहकर जलील किया था।
-
सदमे में युवक ने की आत्महत्या: 10 नवंबर 2010 को झांसी स्थित अपने घर लौटने के बाद लक्ष्मण गहरे अवसाद में चले गए और उन्होंने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक की मां सावित्री अहिरवार ने प्रेमनगर थाने में तहरीर देकर राखी सावंत और शो के निर्माताओं के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मुकदमा दर्ज कराया था।
वारंट जारी होने पर राखी सावंत का जवाब: 'जेल जाना पड़े तो मंजूर, पर मैं तो सिर्फ होस्ट थी'
गैर-जमानती वारंट जारी होने की खबर सामने आते ही राखी सावंत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी। राखी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि शो का प्रसारण सालों पहले हुआ था और वह केवल एक एंकर के तौर पर काम कर रही थीं।
राखी सावंत ने कहा, "यह 2010 का मामला है, जिससे मेरा कोई निजी लेना-देना नहीं है। मैं तो सिर्फ उस शो की होस्ट थी और वही बोलती थी जो चैनल और मेकर्स मुझे बोलने को कहते थे। उस व्यक्ति का अनुबंध चैनल के साथ था, मेरे साथ नहीं। अब गड़े मुर्दे उखाड़कर मुझे जेल भेजने की धमकियां दी जा रही हैं। मैं कानून और झांसी पुलिस का पूरा सम्मान करती हूं। अगर देश की जनता के लिए मुझे जेल भी जाना पड़े तो मैं पीछे नहीं हटूंगी। कानून अपना काम करेगा और मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।"
अब आगे क्या होगा? पुलिस की कानूनी प्रक्रिया
अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए जाने के बाद अब झांसी पुलिस इस वारंट की तामीली के लिए मुंबई पुलिस से संपर्क साधेगी। यदि अभिनेत्री तय तारीख 1 दिसंबर से पहले उच्च न्यायालय (इलाहाबाद हाईकोर्ट) से इस वारंट पर स्टे (रोक) नहीं ले पाती हैं या अदालत में सरेंडर कर नियमित जमानत की अर्जी नहीं लगाती हैं, तो पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर झांसी कोर्ट में पेश कर सकती है।