हॉलीवुड को बड़ा झटका: 'स्टार ट्रेक' और 'एक्स-मेन' फेम दिग्गज अभिनेता पैट्रिक स्टीवर्ट का 86 वर्ष की आयु में निधन, दुनिया भर में शोक की लहर
हॉलीवुड और वैश्विक मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। पिछले छह दशकों से अधिक समय तक अपनी शानदार अदायगी, दमदार आवाज और बेहतरीन किरदारों से दुनिया भर के दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले हॉलीवुड के लीजेंडरी अभिनेता पैट्रिक स्टीवर्ट (Patrick Stewart) अब हमारे बीच नहीं रहे। कल्ट साइंस-फिक्शन सीरीज 'स्टार ट्रेक' (Star Trek) में कैप्टन जीन-ल्यूक पिकार्ड और मार्वल की 'एक्स-मेन' (X-Men) सीरीज में प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर जैसी अमर भूमिकाएं निभाने वाले पैट्रिक स्टीवर्ट का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से उनके करोड़ों फैंस, हॉलीवुड के साथी कलाकारों और दुनियाभर में शोक की लहर दौड़ गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस महान अभिनेता का शुरुआती संघर्ष कैसा रहा और उनके छह दशक लंबे शानदार सिनेमैटिक करियर की पूरी कहानी क्या है।
लॉस एंजेलिस स्थित घर पर ली अंतिम सांस, लंबे समय से जूझ रहे थे गंभीर बीमारियों से
अभिनेता पैट्रिक स्टीवर्ट के परिवार ने उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (एक्स अकाउंट) के जरिए उनके निधन की दुखद सूचना साझा की। परिवार द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक, पैट्रिक स्टीवर्ट ने लॉस एंजेलिस (Los Angeles) स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
पिछले कुछ समय से वे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे। अभिनेता अल्जाइमर (Alzheimer's) और लेवी बॉडी डिमेंशिया (Lewy Body Dementia) जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से पीड़ित थे। उनके जीवन के अंतिम और मुश्किल पलों में उनकी तीसरी पत्नी सनी ओजेल (Sunny Ozell) लगातार उनके साथ मौजूद थीं। परिवार के साझा किए गए बयान में कहा गया, "हमें यह बताते हुए अत्यंत हृदयविदारक पीड़ा हो रही है कि पैट्रिक स्टीवर्ट का कल लॉस एंजेलिस में निधन हो गया। वह काफी समय से अल्जाइमर और लेवी बॉडी डिमेंशिया का सामना कर रहे थे, और इस कठिन समय में उनकी हमसफर सनी उनके साथ थीं।"
गरीबी से भरे बचपन से लेकर ब्रिटेन के सबसे सम्मानित अभिनेता बनने तक का सफर
13 जुलाई 1940 को इंग्लैंड के यॉर्कशायर (Yorkshire) के मीरफील्ड (Mirfield) में जन्मे पैट्रिक स्टीवर्ट का शुरुआती जीवन बेहद गरीबी और संघर्षों के बीच बीता था। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और अभिनय के प्रति समर्पण के दम पर उन्होंने न सिर्फ गरीबी को मात दी, बल्कि वे ब्रिटेन और हॉलीवुड के सबसे सम्मानित और प्रतिष्ठित अभिनेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो गए।
महज 18 वर्ष की कच्ची उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले पैट्रिक ने साल 1960 में प्रसिद्ध 'रॉयल शेक्सपियर कंपनी' (Royal Shakespeare Company) की सदस्यता ली। उन्होंने शेक्सपियर के कई महान नाटकों में अपनी अद्भुत अदाकारी से मंच पर जान फूंक दी। स्टेज नाटकों से अपनी पहचान बनाने वाले पैट्रिक को अभिनय की दुनिया में असली और वैश्विक लोकप्रियता तब मिली जब उन्होंने 47 साल की उम्र में कल्ट टीवी सीरीज 'स्टार ट्रेक: द नेक्स्ट जेनरेशन' में कैप्टन जीन-ल्यूक पिकार्ड का ऐतिहासिक किरदार निभाया। उनका यह किरदार साइंस-फिक्शन (Sci-Fi) की दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित चेहरा बन गया, जिसे आज भी याद किया जाता है।
स्टेज शो से लेकर टेलीविजन और ब्लॉकबस्टर फिल्मों तक का सफर
पैट्रिक स्टीवर्ट के अभिनय का दायरा केवल टेलीविजन तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने थिएटर, टेलीविजन और बॉक्स ऑफिस की ब्लॉकबस्टर फिल्मों—तीनों माध्यमों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।
उन्होंने साल 1965 में प्रसिद्ध स्टेज शो 'द लाइफ ऑफ गैलिलिओ' से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने शेक्सपियर के रचित प्रसिद्ध नाटक 'हेमलेट' में राजा का किरदार निभाया। साल 1967 में 'कोरोनेशन स्ट्रीट' के जरिए उन्होंने अपने टेलीविजन सफर की शुरुआत की और इसके बाद 'फॉल ऑफ इगल्स', 'नोवा', 'सैटरडे नाइट लाइव', 'किंग ऑफ टेक्सास', 'हेमलेट' और 'स्टार ट्रेक: पिकार्ड' जैसे कई बेहतरीन शोज में काम किया।
फिल्मी पर्दे पर भी उनका जादू सिर चढ़कर बोला। उन्होंने 'ड्यून' (Dune), 'लेडी जेन', 'गनमैन', 'स्टार ट्रेक जेनरेशन', 'लेट इट बी', 'मास्टरमाइंड', 'स्टार ट्रेक: इंसरेक्शन' और मार्वल की सुपरहिट 'एक्स-मेन' (X-Men) फ्रेंचाइजी जैसी तमाम सफल फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
आने वाली फिल्म 'एवेंजर्स डूम्सडे' होगी उनकी आखिरी सिनेमैटिक सौगात
पैट्रिक स्टीवर्ट की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस उम्र में भी वे फिल्मों में सक्रिय थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली बहुप्रतीक्षित मार्वल फिल्म 'एवेंजर्स डूम्सडे' (Avengers: Doomsday) उनके करियर की आखिरी फिल्म बनने जा रही है, जिसमें उन्होंने एक बार फिर अपने प्रसिद्ध किरदार 'प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर' (Professor Charles Xavier) की भूमिका को निभाया है।
60 साल तक दर्शकों को अपनी बेजोड़ कला से मंत्रमुग्ध करने वाले पैट्रिक स्टीवर्ट भले ही आज हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनके द्वारा निभाए गए ऐतिहासिक किरदार और उनकी आवाज हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। हॉलीवुड ने एक सच्चा रत्न खो दिया है, और उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता।