Google Share Crash: AI के बढ़ते खर्च ने गूगल को दिया तगड़ा झटका, मात्र 5 मिनट में 13% टूटे शेयर, निवेशकों के डूबे ₹48 लाख करोड़

Google Share Crash: AI के बढ़ते खर्च ने गूगल को दिया तगड़ा झटका, मात्र 5 मिनट में 13% टूटे शेयर, निवेशकों के डूबे ₹48 लाख करोड़

वैश्विक वित्तीय बाजारों और कॉरपोरेट जगत से इस वक्त टेक्नोलॉजी सेक्टर की दुनिया का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सनसनीखेज समाचार सामने आ रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर टेक कंपनियों में शुमार, सर्च इंजन दिग्गज गूगल (Google) की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet Inc.) के शेयरों में अचानक ऐसा भारी भूचाल आया कि बाजार सहम गया। वॉल स्ट्रीट पर कारोबार के दौरान अल्फाबेट के शेयरों में महज 5 मिनट के भीतर 13 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस ऐतिहासिक क्रैश के कारण कंपनी के बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) से देखते ही देखते 48 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रकम स्वाहा हो गई। कंपनी द्वारा जारी किए गए ताजा तिमाही नतीजों में मुनाफा घटने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अंधाधुंध बढ़ते खर्च ने निवेशकों की चिंताओं को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि अल्फाबेट के शेयरों में आए इस बेजोड़ भूचाल के पीछे की असली वजह क्या है और वॉल स्ट्रीट पर इसका क्या असर देखने को मिला है।

वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी अल्फाबेट की तीसरी तिमाही की कमाई

मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की सबसे प्रमुख और दिग्गज कंपनियों में शुमार अल्फाबेट ने हाल ही में अपनी चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे (Q3 Earnings) दुनिया के सामने रखे हैं। लेकिन कंपनी के ये आंकड़े निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए, जिसके चलते शेयरों में बिकवाली का भारी सैलाब आ गया।

कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से सितंबर की तिमाही के दौरान अल्फाबेट ने कुल 127.6 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 25% अधिक जरूर है, लेकिन वॉल स्ट्रीट के बड़े-बड़े वित्तीय विश्लेषकों के अनुमानित 128 अरब डॉलर के आंकड़े से यह थोड़ा कम रह गया। इसके अलावा, कंपनी की शुद्ध आय यानी नेट इनकम (Net Income) में 25% की भारी गिरावट देखने को मिली है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी की नेट इनकम 34.98 अरब डॉलर थी, जो घटकर इस बार 26.17 अरब डॉलर पर सिमट गई है। कमाई में आई इस अचानक सुस्ती और मुनाफे में कमी ने निवेशकों के भरोसे को तगड़ा झटका दिया है।

मात्र 5 मिनट में 13% से ज्यादा टूटा शेयर, मार्केट वैल्यू में इतिहास का सबसे बड़ा नुकसान

कारोबारी सत्र की शुरुआत होते ही अल्फाबेट के शेयरों में जैसी भारी बिकवाली देखने को मिली, उसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। अमेरिका में आर्थिक विकास के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के बावजूद, अल्फाबेट के शेयरों ने निवेशकों की नींद उड़ा दी।

ट्रेडिंग शुरू होने के लगभग पांच मिनट के भीतर ही अल्फाबेट के शेयर 13.2% का गोता लगाते हुए 279.43 डॉलर के स्तर पर आ गए। न्यूयॉर्क में सुबह के शुरुआती कारोबार में जब शेयर 13% गिरकर 281.37 डॉलर पर पहुंचे, तो कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू में 500 अरब डॉलर (लगभग 48 लाख करोड़ रुपये) से अधिक की कमी दर्ज की गई। कॉर्पोरेट इतिहास में अल्फाबेट के मार्केट कैपिटलाइजेशन में एक दिन में आया यह अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी नुकसान माना जा रहा है, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार में हड़कंप मच गया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते खर्च ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे सबसे मुख्य और बड़ा कारण अल्फाबेट द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जाने वाला भारी-भरकम पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) है। टेक जगत में इस समय एआई की रेस में सबसे आगे निकलने की होड़ मची हुई है, और गूगल भी इसमें पीछे नहीं रहना चाहता।

समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़कर 51.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में किए गए खर्च का दोगुने से भी अधिक है। कंपनी ने यह विशाल निवेश अपने नए डेटा सेंटरों, अत्याधुनिक कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और शक्तिशाली AI चिप्स को विकसित करने में किया है। इस भारी निवेश के चलते जून तिमाही के बाद सितंबर तिमाही लगातार दूसरी ऐसी तिमाही रही जब कंपनी का फ्री कैश फ्लो नेगेटिव दर्ज किया गया। अल्फाबेट ने साल 2026 के लिए अपने 195 अरब डॉलर से 205 अरब डॉलर के पूंजीगत व्यय के अनुमान को अभी भी बरकरार रखा है, और कंपनी की सीएफओ अनाट अशकेनाजी ने संकेत दिया है कि आने वाले 2027 में यह खर्च और अधिक बढ़ जाएगा, क्योंकि कंपनी अपने एआई नेटवर्क का दायरा लगातार फैला रही है।

सर्च और विज्ञापन कारोबार में धीमी हुई ग्रोथ, निवेशकों का घटा भरोसा

केवल एआई का खर्च ही नहीं, बल्कि गूगल के मुख्य व्यावसायिक स्तंभ माने जाने वाले सर्च एडवरटाइजिंग (Search Advertising) बिजनेस की रफ्तार भी धीमी पड़ती हुई नजर आई है, जिसने निवेशकों को निराश किया है।

गूगल सर्च और अन्य विज्ञापनों से होने वाला रेवेन्यू साल-दर-साल 12% बढ़कर 63.35 अरब डॉलर पर जरूर पहुंचा, लेकिन पिछली तिमाही में दर्ज की गई 17% की ग्रोथ के मुकाबले यह काफी कम था। इसके अलावा, लोकप्रिय वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब का विज्ञापन रेवेन्यू 9% बढ़कर 11.21 अरब डॉलर रहा, जिससे गूगल का कुल विज्ञापन रेवेन्यू बढ़कर 82.01 अरब डॉलर हो गया। विश्लेषकों का मानना है कि जहां एक तरफ सर्च मार्केट में गूगल को नई तकनीकी कंपनियों और एआई चैटबॉट्स से कड़ी टक्कर मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ एआई पर हो रहे अरबों डॉलर के खर्च से कंपनी के मुनाफे पर भारी दबाव पड़ रहा है। यही वजह है कि निवेशकों ने इस शेयर से दूरी बनानी शुरू कर दी है, जिससे अल्फाबेट को यह बड़ा आर्थिक झटका लगा है।