Hanuman Ansh Box Office Day 58: 58वें दिन भी नहीं थमा 'हनुमान अंश' का तूफान, शनिवार को फिर छापे करोड़ों
भारतीय सिनेमा के इतिहास में बहुत कम ऐसी फिल्में देखने को मिलती हैं जो बिना किसी बड़े सुपरस्टार और महज कुछ करोड़ के सूक्ष्म बजट में बनकर बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण ध्वस्त कर दें। डॉ. विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी और संत श्री नीम करोली बाबा के दिव्य जीवन पर आधारित भक्ति नाटक फिल्म 'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh) ने यह अकल्पनीय करिश्मा सच कर दिखाया है। 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म अब थिएटर्स में अपने दो महीने यानी 60 दिन पूरे करने की ओर अग्रसर है। रिलीज के 58वें दिन यानी आठवें शनिवार को भी टिकट खिड़की पर फिल्म की आंधी थमती नहीं दिख रही है। शनिवार को फिल्म ने फिर से बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों की कमाई दर्ज कर हर किसी को हैरान कर दिया है।
58वें दिन करोड़ों में कारोबार: शनिवार को दिखा जबरदस्त उछाल
सिनेमाघरों में अजय देवगन की 'दृश्यम 3' जैसी भारी-भरकम बजट वाली फिल्मों की मौजूदगी के बावजूद 'हनुमान अंश' के शोज में दर्शकों का हुजूम बरकरार है। शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को वीकेंड की छुट्टी का भरपूर लाभ इस स्पिरिचुअल ड्रामा को मिला। बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क और ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने अपने 58वें दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब ₹1.59 करोड़ से ₹2.10 करोड़ का शानदार नेट कलेक्शन जुटाया है। 58 दिनों के लंबे सफर के बाद भी किसी फिल्म का दैनिक कलेक्शन करोड़ों में दर्ज होना भारतीय फिल्म जगत में दुर्लभ घटना मानी जा रही है। इस ताजा आंकड़े के साथ फिल्म का कुल घरेलू नेट कलेक्शन ₹321.22 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर चुका है।
2 करोड़ के बजट में 417 करोड़ पार: बनी ऑल-टाइम मोस्ट प्रॉफिटेबल फिल्म
फिल्म व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, 'हनुमान अंश' का कुल भारतीय ग्रॉस कलेक्शन अब ₹379.96 करोड़ से अधिक हो चुका है। वहीं विदेशों में 11 सितंबर से होम्बाले फिल्म्स (Hombale Films) द्वारा रिलीज किए जाने के बाद ओवरसीज मार्केट से भी इसे भरपूर समर्थन मिल रहा है। 58 दिनों में फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹417 करोड़ के ऐतिहासिक मील के पत्थर को लांघ चुका है। गौरतलब है कि फिल्म का निर्माण महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में किया गया था। बजट के मुकाबले 20,000% से अधिक का मुनाफा कमाकर यह फिल्म भारतीय सिनेमा के 113 वर्षों के इतिहास में सबसे अधिक लाभदायक (Most Profitable) फिल्मों की शीर्ष सूची में दर्ज हो चुकी है।
लखनऊ, दिल्ली और पटना के सिनेमाघरों में परिवार संग उमड़ रहे दर्शक
स्थानीय स्तर पर उत्तर भारत के हिंदी भाषी राज्यों में फिल्म को लेकर अद्भुत जनसैलाब देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और बिहार के पटना व मुजफ्फरपुर में मल्टीप्लेक्स से लेकर सिंगल स्क्रीन थिएटर्स में शनिवार को 40% से 50% तक की ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। खासकर नीम करोली बाबा के भक्तों और आध्यात्मिक रुचि रखने वाले परिवारों के बीच यह फिल्म एक उत्सव की तरह देखी जा रही है। लखनऊ के वेव सिनेमा और फिनिक्स पलासियो समेत दिल्ली-एनसीआर के कई सिनेमाघरों में सुबह और दोपहर के पारिवारिक शोज में दर्शकों की संख्या नई रिलीज फिल्मों को कड़ी टक्कर दे रही है। दर्शक इसे केवल मनोरंजन नहीं बल्कि आत्मिक शांति और सांस्कृतिक प्रेरणा के रूप में स्वीकार कर रहे हैं।
माउथ पब्लिसिटी और नीम करोली बाबा की महिमा बनी सफलता की रीढ़
फिल्म के निर्देशक और लेखक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने अपनी आत्मकथात्मक पुस्तक 'डिवाइन डिटूर: दैट चेंज्ड माई लाइफ' पर इस त्रयी (Trilogy) की पहली कड़ी को तैयार किया है। स्वतंत्रता-पूर्व भारत की पृष्ठभूमि पर रचित इस कहानी में युवा लक्ष्मी नारायण के बाल्यकाल से लेकर संत नीम करोली बाबा बनने की दिव्य यात्रा को बेहद सादगी और प्रामाणिकता के साथ दर्शाया गया है। मुख्य भूमिका में शोभिनव सत्या और चंदन आनंद के भावपूर्ण अभिनय ने दर्शकों के दिलों को छू लिया है। बिना किसी आक्रामक पीआर, बड़े विज्ञापनों या प्री-रिलीज हाइप के शुरू हुई इस फिल्म को केवल दर्शकों की 'वर्ड ऑफ माउथ' यानी आपसी प्रशंसा के दम पर यह मुकाम हासिल हुआ है।
रविवार को 325 करोड़ क्लब की दहलीज पर पहुंचेगी फिल्म
ट्रेड पंडितों का अनुमान है कि 59वें दिन यानी रविवार को छुट्टी होने के कारण इसके कलेक्शन में 30% से 40% की अतिरिक्त वृद्धि देखने को मिल सकती है। रविवार को फिल्म ₹2.50 करोड़ से ₹3 करोड़ तक का नेट कारोबार आसानी से छू सकती है, जिससे इसका घरेलू नेट कलेक्शन सीधे ₹324-325 करोड़ के करीब पहुंच जाएगा। बॉलीवुड के दिग्गज फिल्मकारों ने भी 'हनुमान अंश' की इस ऐतिहासिक सफलता को सिनेमा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण 'केस स्टडी' करार दिया है, जिसने यह साबित कर दिया है कि अगर विषयवस्तु में सचाई और भावनात्मक गहराई हो, तो बड़े बजट और स्टारडम की सीमाएं टूट जाती हैं।