UP Board Exams: 29 अक्टूबर तक फाइनल होगी परीक्षा केंद्रों की लिस्ट, पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी चयन प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UPMSP) ने हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्र निर्धारण की विस्तृत नीति और समयसारिणी (Schedule) जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि आगामी परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची 29 अक्टूबर तक पूरी तरह से फाइनल कर ली जाएगी। इस बार भी परीक्षा केंद्रों का आवंटन किसी मानवीय हस्तक्षेप के बिना, आधुनिक तकनीक और विशेष ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
मानवीय हस्तक्षेप खत्म: सॉफ्टवेयर और जियो-टैगिंग से होगा केंद्रों का चयन
बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत और ऑनलाइन होगी। सभी विद्यालयों को अपने आधारभूत ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का पूरा ब्योरा यूपी बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) स्तर पर गठित टीमें स्कूलों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) और जियो-टैगिंग (Geo-tagging) करेंगी। स्कूलों द्वारा दी गई सुविधाओं की पुष्टि होने के बाद सॉफ्टवेयर दूरी के मानकों और छात्र क्षमता के आधार पर ऑटोमेटेड तरीके से परीक्षा केंद्रों की प्राथमिक सूची तैयार करेगा।
परीक्षा केंद्र बनने के लिए ये मानक होंगे बेहद अनिवार्य
नकल माफिया पर नकेल कसने और विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए यूपी बोर्ड ने केंद्र बनने वाले विद्यालयों के लिए कड़े मानक निर्धारित किए हैं:
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सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर: परीक्षा केंद्र के प्रत्येक कमरे, मुख्य प्रवेश द्वार, कॉरिडोर और स्ट्रांग रूम में नाइट विजन और वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से एक्टिव होने चाहिए।
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वेबकास्टिंग और हाई-स्पीड इंटरनेट: सभी कैमरों को जिले के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम और राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सेल से लाइव वेबकास्टिंग के लिए 24 घंटे हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।
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स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा: प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए स्ट्रॉन्ग रूम में डबल लॉक वाली सुरक्षित अलमारियां और चौबीसों घंटे निगरानी व्यवस्था होनी आवश्यक है।
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बुनियादी सुविधाएं: कमरों में उचित प्रकाश व्यवस्था, पंखे, शुद्ध पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय और चारदीवारी का होना अनिवार्य है।
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संकीर्ण गलियों में स्थित स्कूल नहीं बनेंगे केंद्र: जिन विद्यालयों तक मुख्य मार्ग से पहुंचने के लिए कम से कम 10 फीट चौड़ी पक्की सड़क नहीं होगी या जो दूरदराज के संवेदनशील इलाकों में हैं, उन्हें केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
आपत्तियों का निस्तारण और 29 अक्टूबर तक फाइनल लिस्ट
बोर्ड के तय कार्यक्रम के अनुसार, सॉफ्टवेयर द्वारा प्राथमिक रूप से चयनित केंद्रों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। इसके बाद प्रधानाचार्यों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से ऑनलाइन आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति इन आपत्तियों की जांच कर उनका निस्तारण करेगी। सभी आपत्तियों और भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट के अंतिम परीक्षण के बाद, बोर्ड मुख्यालय द्वारा 29 अक्टूबर तक सभी जिलों के अंतिम परीक्षा केंद्रों की सूची मुहर लगाकर आधिकारिक पोर्टल पर जारी कर दी जाएगी।
छात्राओं को स्वकेंद्र या नजदीकी केंद्र का लाभ
यूपी बोर्ड की नीति के अनुसार, छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके अपने विद्यालय में ही 'स्वकेंद्र' (Self-Center) की सुविधा दी जाएगी। यदि किसी बालिका विद्यालय में संसाधन पूरे न होने के कारण उसे केंद्र नहीं बनाया जा सकता, तो छात्राओं को उनके स्कूल से अधिकतम 5 किलोमीटर के दायरे में स्थित नजदीकी केंद्र आवंटित किया जाएगा। वहीं, दिव्यांग छात्रों को भी निकटतम परीक्षा केंद्र का आवंटन किया जाएगा।