DU Direct Admission Without CUET: बिना CUET के दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले का सुनहरा मौका! डीयू के इन 2 कॉलेजों में 12वीं के नंबरों पर डायरेक्ट एडमिशन शुरू, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया और अंतिम तिथि

DU Direct Admission Without CUET: बिना CUET के दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले का सुनहरा मौका! डीयू के इन 2 कॉलेजों में 12वीं के नंबरों पर डायरेक्ट एडमिशन शुरू, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया और अंतिम तिथि

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में दाखिले का सपना देख रहे उन हजारों छात्रों के लिए एक राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है, जो किसी कारणवश कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) में शामिल नहीं हो पाए थे या जिनका सीयूईटी स्कोर कम रह गया था। दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अपने दो प्रमुख ऑफ-कैंपस कॉलेजों को 12वीं कक्षा के प्राप्तांकों (मेरिट) के आधार पर सीधे दाखिला देने की विशेष अनुमति प्रदान कर दी है। इस फैसले के तहत अब छात्र बिना सीयूईटी स्कोर कार्ड के भी डीयू के इन दो कॉलेजों में बीए, बीकॉम और बीएससी जैसे लोकप्रिय स्नातक पाठ्यक्रमों में डायरेक्ट एडमिशन ले सकते हैं।

विश्वविद्यालय द्वारा दी गई यह छूट उन दो कॉलेजों के लिए लागू की गई है जहां पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीयकृत कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) काउंसलिंग के कई दौर पूरे होने के बाद भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती थीं। ये दो कॉलेज हैं- बवाना स्थित अदिति महाविद्यालय (Aditi Mahavidyalaya) और नजफगढ़ स्थित भगिनी निवेदिता कॉलेज (Bhagini Nivedita College)। दोनों ही कॉलेज महिलाओं के लिए विशेष संस्थान हैं और शहर के बाहरी व ग्रामीण इलाकों में स्थित होने के कारण इन्हें हर साल छात्रों की कमी का सामना करना पड़ता था। इस विशेष व्यवस्था के शुरू होने से न केवल ग्रामीण व स्थानीय छात्राओं को उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि कॉलेजों में खाली रहने वाली सैकड़ों सीटों को भी सही समय पर भरा जा सकेगा।

इन दो कॉलेजों में 12वीं मेरिट से एडमिशन शुरू होने की मुख्य वजह

दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता और संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों के अनुसार, यह फैसला स्थायी नीतिगत बदलाव नहीं है, बल्कि खाली सीटों की पुरानी समस्या को हल करने का एक व्यावहारिक उपाय है। भगिनी निवेदिता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रूबी मिश्रा और अदिति महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. नीलम राठी ने बताया कि उनके कॉलेजों में कुल स्वीकृत सीटों की तुलना में पिछले सत्रों में 40 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह गई थीं। सीयूईटी की प्रक्रिया के तहत शुरुआती राउंड में आवंटन तो होता है, लेकिन अपग्रेडेशन राउंड और लंबी दूरी की वजह से बाहरी क्षेत्रों से आने वाली कई छात्राएं दाखिला छोड़ देती हैं।

इसके अलावा बवाना और नजफगढ़ जैसे बाहरी एवं ग्रामीण इलाकों की कई प्रतिभावान छात्राएं जागरूकता की कमी या डिजिटल संसाधनों के अभाव में सीयूईटी का फॉर्म ही नहीं भर पाती हैं। 12वीं बोर्ड परीक्षा में 80 से 90 प्रतिशत अंक लाने के बावजूद वे सीयूईटी परीक्षा से बाहर हो जाने के कारण डीयू में प्रवेश से वंचित रह जाती थीं। इसी विषम परिस्थिति को देखते हुए दोनों कॉलेजों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से 12वीं के अंकों के आधार पर ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया संचालित करने की विशेष अनुमति मांगी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

ऑफलाइन मोड में आवेदन की समय-सीमा और चयन प्रक्रिया

इस विशेष डायरेक्ट एडमिशन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को सीयूईटी या सीएसएएस (CSAS) पोर्टल की जटिलताओं से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। भगिनी निवेदिता कॉलेज और अदिति महाविद्यालय ने इच्छुक छात्राओं से ऑफलाइन मोड में सीधे आवेदन पत्र आमंत्रित किए हैं। अभ्यर्थी कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट से एडमिशन फॉर्म डाउनलोड कर या सीधे कॉलेज परिसर में जाकर भौतिक रूप से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

चयन प्रक्रिया पूरी तरह से 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्राप्त बेस्ट फोर (Best Four) या संबंधित विषय के अंकों की मेरिट लिस्ट पर आधारित होगी। आवेदन पत्रों की जांच के बाद कॉलेज परिसर और आधिकारिक वेबसाइट पर मेरिट सूची जारी की जाएगी। जिन छात्राओं का नाम मेरिट सूची में आएगा, उन्हें निर्धारित तिथियों के भीतर अपने मूल दस्तावेजों के सत्यापन (Document Verification) और फीस भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सीटों का आवंटन उपलब्ध सीटों की सीमा के अनुसार मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

शिक्षक संगठनों ने जताई चिंता, समान नीति की उठाई मांग

हालांकि, दिल्ली विश्वविद्यालय के इस निर्णय का जहां एक ओर स्थानीय छात्राओं और अभिभावकों ने स्वागत किया है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक संगठनों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (INTEC) और एकेडमिक फॉर एक्शन एंड डेवलपमेंट टीचर्स एसोसिएशन (AADTA) जैसे संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस रुख पर चिंता व्यक्त की है। शिक्षक संघों का कहना है कि जब सीयूईटी के माध्यम से सभी कॉलेजों में सीटें भरने का दावा किया गया था, तो केवल दो चुनिंदा कॉलेजों को 12वीं की मेरिट पर एडमिशन की छूट क्यों दी गई?

शिक्षक संगठनों ने कुलपति को पत्र लिखकर मांग की है कि यदि सीयूईटी प्रक्रिया के बाद भी विश्वविद्यालय के कई ऑफ-कैंपस या इवनिंग कॉलेजों में सीटें खाली रह जाती हैं, तो इसके लिए सभी कॉलेजों के लिए एक समान, पारदर्शी और केंद्रीयकृत नीति बनाई जानी चाहिए। केवल कुछ संस्थानों को अलग से छूट देने से भ्रम की स्थिति पैदा होती है और सीयूईटी प्रणाली की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।

डायरेक्ट एडमिशन की इच्छा रखने वाली छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह

यदि आप या आपके परिवार में कोई छात्रा बिना सीयूईटी के दिल्ली विश्वविद्यालय के अदिति महाविद्यालय या भगिनी निवेदिता कॉलेज में दाखिला लेना चाहती है, तो बिना समय गंवाए संबंधित कॉलेज में तुरंत संपर्क करें। चूँकि यह प्रक्रिया सीमित सीटों और निश्चित समय-सीमा के अंतर्गत चलाई जा रही है, इसलिए आवेदन में देरी होने पर दाखिले का अवसर हाथ से निकल सकता है।

छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने साथ 12वीं की मार्कशीट, 10वीं का प्रमाण पत्र, जाति/आरक्षण प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), चरित्र प्रमाण पत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज फोटो के साथ कॉलेज परिसर पहुंचें। यह कदम उन सभी छात्राओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है जो दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठित डिग्री प्राप्त कर अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहती हैं।

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