अग्निवीरों के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा तोहफा! सरकारी नौकरियों में मिलेगा 20% बंपर आरक्षण
भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देने वाले और देश की सुरक्षा में तैनात रहने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने एक बेहद शानदार और बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया है। सेना से 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद लौटने वाले नौजवानों के रोजगार और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार के नए प्रस्ताव के मुताबिक, अब दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले विभिन्न विभागों और सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत (20% Reservation for Agniveers) का बंपर आरक्षण लागू किया जाएगा। इस बड़े कदम से दिल्ली और देश भर के युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है, जो अग्निवीर योजना के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे।
केजरीवाल सरकार की कैबिनेट बैठक में लगी अंतिम मुहर
दिल्ली सचिवालय में हुई एक उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक के दौरान इस नीति को आधिकारिक मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में इस बात पर सर्वसम्मति बनी कि देश की सेवा करने वाले इन अनुशासित युवाओं के अनुभव और कौशल का लाभ दिल्ली के प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में लिया जाना चाहिए। सरकार के इस फैसले के बाद अब जल्द ही संबंधित विभागों को भर्ती नियमों (Recruitment Rules) में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि आगामी भर्तियों में अग्निवीरों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
ग्रुप 'सी' और 'डी' के साथ-साथ इन विभागों में मिलेगी सीधी प्राथमिकता
दिल्ली सरकार की इस नई आरक्षण नीति के तहत अग्निवीरों को मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस (Delhi Police), होमगार्ड (Delhi Home Guards), दिल्ली फायर सर्विस (Delhi Fire Service), परिवहन विभाग (डीटीसी) और विभिन्न प्रशासनिक विभागों के ग्रुप 'सी' (Class 3) और ग्रुप 'डी' (Class 4) के पदों पर यह 20 फीसदी का कोटा दिया जाएगा। इसके अलावा, इन पदों पर आवेदन करने के लिए अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में भी विशेष छूट दी जाएगी। फिजिकल टेस्ट और अन्य पात्रता मानदंडों में भी सेना के अनुभव को देखते हुए कुछ रियायतें देने का प्रावधान किया गया है, जिससे उनके चयन की राह बेहद आसान हो जाएगी।
युवाओं के भविष्य को मिलेगी नई सुरक्षा: कूटनीतिक और राजनीतिक मायने
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना की शुरुआत के बाद से ही युवाओं के बीच 4 साल की सेवा के बाद रोजगार की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। दिल्ली सरकार का यह कदम न केवल उन आशंकाओं को दूर करेगा, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक बड़ा उदाहरण पेश करेगा। स्थानीय और भौगोलिक स्तर पर इस फैसले के दूरगामी प्रभाव होने वाले हैं, क्योंकि दिल्ली और इसके आस-पास के राज्यों (जैसे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) के लाखों युवा भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर शामिल हो रहे हैं और सेवा के बाद वे दिल्ली में मिलने वाले इन बेहतरीन रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकेंगे।