Bihar Board 10th Dummy Admit Card 2027: नाम, जन्मतिथि और फोटो में गलती? ऐसे कराएं ऑनलाइन सुधार
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2027 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए डमी एडमिट कार्ड जारी करने की व्यवस्था एक अनिवार्य प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा फॉर्म और पंजीकरण रिकॉर्ड में दर्ज विवरणों का सत्यापन कराना होता है। कई बार साइबर कैफे या विद्यालय स्तर पर परीक्षा फॉर्म भरते समय लिपिकीय भूल (Clerical Error) के कारण छात्र का नाम, माता या पिता के नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि (DOB), लिंग, जाति कोटि या फोटो और हस्ताक्षर में गंभीर गलतियां दर्ज हो जाती हैं।
यदि इन गलतियों को डमी एडमिट कार्ड चरण के दौरान ठीक नहीं कराया जाता है, तो वही अशुद्धियां छात्र के मुख्य प्रवेश पत्र (Final Admit Card), अंकपत्र (Marksheet) और मूल प्रमाण पत्र (Original Certificate) में दर्ज हो जाती हैं। आगे चलकर उच्च कक्षाओं में प्रवेश, सरकारी नौकरियों के सत्यापन और पासपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाते समय प्रमाण पत्रों में दर्ज गलत नाम या जन्मतिथि के कारण कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। इसलिए डमी एडमिट कार्ड मिलते ही उसकी एक-एक प्रविष्टि का बारीकी से मिलान करना प्रत्येक परीक्षार्थी के लिए बेहद जरूरी है।
नाम और माता-पिता के नाम की स्पेलिंग में सुधार की प्रक्रिया
डमी एडमिट कार्ड में सबसे ज्यादा गलतियां विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के नाम के अक्षरों (Spelling) में देखने को मिलती हैं। बिहार बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नाम में केवल स्पेलिंग की गलतियों को ठीक करने की अनुमति दी जाती है; किसी छात्र के स्थान पर किसी दूसरे छात्र का पूरा नाम बदलने (पूर्ण प्रतिस्थापन) की अनुमति बिल्कुल नहीं होती।
यदि आपके नाम, माता के नाम या पिता के नाम में कोई अक्षर गलत है, तो सुधार कराने की विधि इस प्रकार है:
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डमी एडमिट कार्ड का प्रिंट निकालें: बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल से अपने डमी एडमिट कार्ड की दो साफ प्रतियां (Photocopies) निकालें।
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गलती को चिह्नित करें: जहां अशुद्ध नाम मुद्रित है, उस हिस्से को पेन से रेखांकित (Underline) या हल्के हाथ से काटें और उसके ठीक सामने साफ अक्षरों में अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स (Capital Letters) में सही नाम लिखें।
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सहायक दस्तावेज संलग्न करें: सुधार के प्रमाण के रूप में अपने 9वीं कक्षा के रजिस्ट्रेशन कार्ड (Registration Slip), स्कूल एडमिशन रजिस्टर (SR) की प्रति या पूर्व में जारी वैध पहचान पत्र की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करें।
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प्रार्थना पत्र लिखें: अपने विद्यालय प्रधान (Headmaster/Principal) के नाम एक औपचारिक आवेदन लिखें, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और रोल कोड का हवाला देते हुए नाम की सही स्पेलिंग दर्ज करने का अनुरोध करें।
जन्मतिथि (Date of Birth) में विसंगति को कैसे ठीक कराएं?
मैट्रिक के प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि को ही जीवनभर के लिए आधिकारिक आयु प्रमाण माना जाता है। यदि डमी एडमिट कार्ड पर आपकी जन्मतिथि गलत अंकित हो गई है, तो इसे सुधारने के लिए बोर्ड के नियम काफी सख्त हैं क्योंकि जन्मतिथि में मनमाना बदलाव स्वीकार्य नहीं होता।
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आवश्यक प्रमाण: जन्मतिथि में संशोधन के लिए विद्यालय के एडमिशन रजिस्टर (स्कॉलर रजिस्टर) की प्रमाणित प्रति, आठवीं कक्षा की टीसी (Transfer Certificate) या नगर निगम/ग्राम पंचायत द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) अनिवार्य रूप से संलग्न करना होता है।
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प्रक्रिया: छात्र को आवेदन के साथ जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति संलग्न कर विद्यालय में प्रस्तुत करना होता है। विद्यालय प्रधान स्कूल रिकॉर्ड (SR Book) से उस तारीख का मिलान करेंगे। यदि स्कूल रिकॉर्ड और डमी कार्ड में अंतर पाया जाता है, तो प्रधान अपने स्तर से बोर्ड पोर्टल पर जन्मतिथि में तत्काल संशोधन दर्ज करेंगे।
धुंधली, कटी हुई या गलत फोटो और हस्ताक्षर को बदलने का तरीका
कई परीक्षार्थियों के डमी एडमिट कार्ड पर फोटो बिल्कुल काली, अत्यधिक धुंधली या किसी अन्य छात्र की फोटो छप जाती है। इसी प्रकार हस्ताक्षर (Signature) के स्थान पर खाली जगह छूट जाना या किसी दूसरे का साइन प्रदर्शित होना एक आम तकनीकी समस्या है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के समय बायोमेट्रिक और फोटो मिलान किया जाता है, इसलिए गलत फोटो होने पर केंद्र में प्रवेश से रोका जा सकता है।
फोटो और हस्ताक्षर में सुधार कराने का क्रम इस प्रकार है:
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नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो: छात्र अपनी दो हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (सफेद या हल्के पृष्ठभूमि वाली) तैयार रखें।
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हस्ताक्षर का नमूना: एक सादे सफेद कागज पर काले या नीले बॉल पेन से स्पष्ट हस्ताक्षर करें।
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विद्यालय प्रधान द्वारा सत्यापन: आवेदन पत्र और डमी कार्ड की प्रति पर नई फोटो चिपकाएं। विद्यालय प्रधान उस फोटो पर अपनी मुहर और हस्ताक्षर करके उसे सत्यापित (Attest) करेंगे।
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ऑनलाइन पोर्टल पर री-अपलोड: विद्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर या प्रधान अपने आधिकारिक पोर्टल लॉगिन के जरिए छात्र के प्रोफाइल में जाकर पुरानी अमान्य फोटो और हस्ताक्षर की जगह नई स्कैन की गई फाइल (तय जेपीजी/पीएनजी साइज में) अपलोड कर देंगे।
स्कूल स्तर से बोर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन करेक्शन: छात्र स्वयं क्यों नहीं कर सकते?
बिहार बोर्ड के स्पष्ट नियमों के तहत, डमी एडमिट कार्ड केवल छात्र स्वयं डाउनलोड करके देख सकते हैं, लेकिन पोर्टल पर संशोधन (Correction) करने का डिजिटल अधिकार केवल संबंधित विद्यालय के प्रधान के पास ही सुरक्षित होता है।
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संशोधन प्रक्रिया: छात्र द्वारा भौतिक रूप से जमा किए गए संशोधित आवेदन के आधार पर विद्यालय प्रधान बोर्ड के माध्यमिक परीक्षा पोर्टल (secondary.biharboardonline.com) पर अपने आधिकारिक यूजर आईडी (User ID) और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करते हैं।
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पोर्टल के 'Correction Panel' में जाकर छात्र का यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया जाता है।
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इसके बाद स्क्रीन पर छात्र का डिजिटल फॉर्म खुल जाता है, जहां नाम, जन्मतिथि, जाति, लिंग या फोटो में वांछित बदलाव करके 'Save & Submit' कर दिया जाता है।
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पावती रसीद (Receiving): आवेदन जमा करते समय छात्र को अपने आवेदन की दूसरी प्रति पर स्कूल की मुहर और हस्ताक्षर युक्त रिसीविंग अवश्य लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई तकनीकी चूक होने पर आपके पास ठोस साक्ष्य मौजूद रहे।
सुधार के बाद 2nd और 3rd डमी एडमिट कार्ड का मिलान जरूर करें
बोर्ड द्वारा निर्धारित करेक्शन विंडो समाप्त होने के बाद विद्यालय द्वारा भेजे गए संशोधित डेटा के आधार पर द्वितीय डमी एडमिट कार्ड (2nd Dummy Admit Card) जारी किया जाता है।
छात्रों की यह जिम्मेदारी होती है कि वे दोबारा पोर्टल पर जाकर अपना दूसरा डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा दिए गए संशोधन (नाम, जन्मतिथि या फोटो) सिस्टम में पूरी तरह अपडेट हो चुके हैं या नहीं। यदि द्वितीय डमी कार्ड में भी कोई त्रुटि रह जाती है, तो बोर्ड द्वारा दिए गए अंतिम अवसर (3rd Dummy Card) के दौरान तुरंत प्रधानाध्यापक से मिलकर उसे दुरुस्त कराया जा सकता है। तय समय सीमा बीत जाने के बाद मुख्य एडमिट कार्ड जारी होने पर किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं होता।