केजरीवाल के एक और मंत्री पर ED का शिकंजा! अब सौरभ भारद्वाज के घर पड़ा छापा, 'अस्पताल घोटाले' का है मामला
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) और केंद्र की जांच एजेंसियों के बीच चल रही जंग अब एक नए और बहुत बड़े मोड़ पर पहुंच गई है। शराब घोटाले और दिल्ली जल बोर्ड मामले के बाद, अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बिल्कुल नए मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, और इस बार ED के निशाने पर हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सबसे करीबी और भरोसेमंद मंत्रियों में से एक, सौरभ भारद्वाज।
ताजा खबर यह है कि आज सुबह-सुबह ही ED की एक टीम ने भारी सुरक्षा के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के दिल्ली स्थित आवास पर छापा (Raid) मारा है। सिर्फ भारद्वाज ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी के एक और बड़े नेता और सांसद, संजय सिंह के सहयोगियों के ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी की कार्रवाई चल रही है।
क्या है यह 'अस्पताल घोटाला'?
इस बार मामला किसी शराब नीति या जल बोर्ड से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा है। ED की यह कार्रवाई दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के निर्माण और मरम्मत में हुए कथित "अस्पताल निर्माण घोटाले" (Hospital Construction Scam) को लेकर की जा रही है।
क्या हैं आरोप?
- आरोप है कि दिल्ली सरकार द्वारा बनवाए जा रहे नए अस्पतालों के निर्माण की लागत को जान-बूझकर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया, जबकि असल में उतना खर्च हुआ ही नहीं।
- यह भी आरोप है कि अस्पतालों की मरम्मत और रखरखाव के ठेके देने में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गईं और अपने पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया।
- ED को शक है कि इस प्रक्रिया में जो अतिरिक्त पैसा बचा, उसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के लिए किया गया।
सौरभ भारद्वाज चूंकि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री हैं, इसलिए वे इस मामले में सीधे तौर पर जांच एजेंसी के रडार पर आ गए हैं।
आम आदमी पार्टी ने क्या कहा?
जैसे ही छापेमारी की खबर सामने आई, आम आदमी पार्टी ने इसे एक बार फिर से केंद्र सरकार की "तानाशाही" और "बदले की राजनीति" करार दिया है।
- पार्टी का कहना है कि बीजेपी सरकार चुनाव से पहले उनके नेताओं को झूठे केसों में फंसा कर जेल में डालना चाहती है ताकि वे चुनाव प्रचार न कर सकें।
- आप का यह भी दावा है कि यह छापे दिल्ली के स्वास्थ्य और शिक्षा के 'वर्ल्ड-класс मॉडल' को बदनाम करने की एक साजिश है।
एक तरफ जहां ED अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी ने सड़कों पर उतरने का इशारा दे दिया है। एक के बाद एक नेताओं पर हो रही इस कार्रवाई ने दिल्ली की सियासत को एक बार फिर से उबाल पर ला दिया है। अब देखना यह है कि क्या ED को सौरभ भारद्वाज के खिलाफ कोई ठोस सबूत मिलता है, या फिर यह भी सिर्फ एक सियासी तूफान बनकर रह जाएगा।