Dwarka Accident Update : 1400 धमकी भरे कॉल्स और बोर्ड एग्जाम का डर द्वारका हादसे के आरोपी नाबालिग के वकील ने जताई अनहोनी की आशंका
News India Live, Digital Desk : दिल्ली के द्वारका में 23 वर्षीय साहिल धनेशरा की जान लेने वाले सड़क हादसे ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी 17 वर्षीय नाबालिग (अक्षत सिंह) के वकील लाल सिंह ठाकुर का बड़ा बयान सामने आया है। वकील ने दावा किया है कि आरोपी छात्र और उसका परिवार जबरदस्त मानसिक दबाव (Mental Pressure) में है और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
"1400 कॉल्स और गंदी गालियां": वकील का सनसनीखेज दावा
नाबालिग के वकील लाल सिंह ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जब से यह हादसा हुआ है, आरोपी के परिवार को अब तक करीब 1400 से ज्यादा धमकी भरे फोन आ चुके हैं।
मानसिक प्रताड़ना: वकील का कहना है कि फोन पर बहुत ही भद्दी भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पूरा परिवार डरा हुआ है।
अनहोनी का डर: "बच्चा बहुत दबाव में है, हमें डर है कि वह कहीं खुद को नुकसान न पहुँचा ले," वकील ने यह आशंका जताते हुए जनता से 'मीडिया ट्रायल' न करने की अपील की है।
बोर्ड एग्जाम के लिए मिली है अंतरिम जमानत
बता दें कि यह हादसा 3 फरवरी को हुआ था, जिसमें एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार साहिल को टक्कर मार दी थी।
जमानत की वजह: जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने आरोपी को 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए 10 फरवरी को अंतरिम जमानत दी थी।
सरेंडर की तारीख: वकील के अनुसार, बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने के बाद 7 मार्च को नाबालिग आरोपी खुद कोर्ट में सरेंडर कर देगा, जिसके बाद उसे सुधार गृह भेजा जा सकता है।
वकील की दलील: "आरोपी मौके से भागा नहीं"
बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट और मीडिया के सामने एक और तर्क रखा है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद आरोपी नाबालिग मौके से भागा नहीं था, बल्कि वह पुलिस के आने तक वहीं मौजूद रहा। वकील के मुताबिक, यह उसके 'जिम्मेदार व्यवहार' को दर्शाता है और यह पूरी घटना महज एक "दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना" थी, न कि जानबूझकर किया गया अपराध।
पीड़ित मां का दर्द: "स्टंट के चक्कर में उजाड़ दी दुनिया"
दूसरी ओर, मृतक साहिल की मां न्याय के लिए सोशल मीडिया पर गुहार लगा रही हैं। उनका आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार नाबालिग सोशल मीडिया के लिए 'रील' (Reel) बना रहा था और बेहद लापरवाही से गाड़ी चला रहा था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि गाड़ी पर पहले से ही ओवरस्पीडिंग के कई चालान थे।