Durga Puja 2025 : महाष्टमी से सिंदूर खेला तक, जानें एक-एक शुभ मुहूर्त और पाएं माँ दुर्गा का आशीर्वाद
News India Live, Digital Desk: Durga Puja 2025 : साल 2025 में एक बार फिर देवी दुर्गा की अराधना का पावन पर्व, दुर्गा पूजा आने वाला है। यह त्यौहार खासकर बंगाली समुदाय में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है, और नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। शक्ति और विजय का ये पर्व सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में खास जोश के साथ मनाया जाता है। दशहरा यानी विजयादशमी के दिन इस पर्व का समापन होता है, जो 2 अक्टूबर 2025 को है।
दुर्गा पूजा का आरंभ घटस्थापना यानी कलश स्थापना से होता है, जो इस बार 26 सितंबर 2025, गुरुवार को होगी। यह दिन मां दुर्गा के नौ पवित्र दिनों की शुरुआत का प्रतीक है।
महाष्टमी और संधि पूजा (Mahashtami & Sandhi Puja):
दुर्गा पूजा में महाष्टमी का दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है, और यह 27 सितंबर 2025, शनिवार को पड़ रही है। अष्टमी तिथि की शुरुआत 26 सितंबर को रात 11:29 बजे होगी और इसका समापन 28 सितंबर को सुबह 01:21 बजे होगा। महाष्टमी पर कन्या पूजन और अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की जाती है।
महाष्टमी और महानवमी के बीच का समय "संधि पूजा" कहलाता है, जो कि दुर्गा पूजा के सबसे पवित्र और शक्तिशाली क्षणों में से एक होता है। ये अष्टमी के आखिरी 24 मिनट और नवमी के शुरुआती 24 मिनट मिलकर बनता है। 2025 में संधि पूजा का समय 28 सितंबर की सुबह 00:57 बजे से सुबह 01:45 बजे तक रहेगा। इस दौरान भक्त विशेष प्रार्थनाएं और अनुष्ठान करते हैं।
महानवमी (Maha Navami):
नवमी तिथि 28 सितंबर 2025, रविवार को पड़ेगी। यह तिथि 28 सितंबर को सुबह 01:21 बजे से शुरू होगी और अगले दिन यानी 29 सितंबर की सुबह 03:00 बजे समाप्त होगी। महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है, जो भक्तों को सभी सिद्धियां प्रदान करती हैं। इस दिन हवन और कन्या पूजन का भी विधान है।
सिंदूर खेला (Sindoor Khela):
दुर्गा पूजा का समापन सिंदूर खेला से होता है, जो विजयादशमी यानी 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन शादीशुदा महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर लगाती हैं और फिर आपस में एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। यह खुशहाल वैवाहिक जीवन, संतान और समृद्धि की कामना के साथ किया जाने वाला एक उत्सवपूर्ण रीति-रिवाज है।
तो, इन तारीखों को अपने कैलेंडर में मार्क कर लीजिए और इस बार दुर्गा पूजा का भरपूर आनंद लेने के लिए तैयार हो जाइए!