फिल्म रिलीज मत करो, करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा, जब अनिल कपूर ने दी थी अजय देवगन को सीधी चेतावनी
News India Live, Digital Desk : बॉलीवुड की दुनिया किस्सों और कहानियों से भरी पड़ी है, जहाँ एक फैसला किसी को फर्श से अर्श पर पहुंचा सकता है, तो किसी को अर्श से फर्श पर. ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा जुड़ा है बॉलीवुड के दो बड़े सुपरस्टार्स- अनिल कपूर और अजय देवगन से. यह उस दौर की बात है जब अनिल कपूर इंडस्ट्री के बेताज बादशाह थे और अजय देवगन अपना पहला कदम रखने जा रहे थे.
यह कहानी है साल 1991 की, जब दो बड़ी फिल्मों का आमना-सामना होने वाला था. एक तरफ थी यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी, अनिल कपूर और श्रीदेवी स्टारर उस साल की सबसे बड़ी और भव्य फिल्म 'लम्हे'. वहीं दूसरी तरफ थी एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन के बेटे, एक नए चेहरे अजय देवगन की पहली फिल्म 'फूल और कांटे'.
जब अनिल कपूर ने की थी 'बर्बादी' की भविष्यवाणी
अनिल कपूर उस समय अपने करियर के शिखर पर थे और 'लम्हे' को लेकर हर कोई आश्वस्त था कि यह साल की सबसे बड़ी हिट होगी. जब उन्हें पता चला कि अजय देवगन की डेब्यू फिल्म भी उसी दिन रिलीज हो रही है, तो उन्हें新人 अजय और उनके पिता वीरू देवगन की फिक्र हुई.
एक पुराने इंटरव्यू में खुद अजय देवगन ने इस किस्से का जिक्र किया था. उन्होंने बताया कि अनिल कपूर ने उनके पिता वीरू देवगन को फोन किया और बड़े प्यार से समझाया, “देवगन साहब, आप यह क्या कर रहे हैं? 'लम्हे' जैसी बड़ी फिल्म के सामने अपने बेटे की फिल्म रिलीज करके आप उसका करियर क्यों बर्बाद कर रहे हैं? आपकी फिल्म बुरी तरह पिट जाएगी. अजय का करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा.” अनिल कपूर की यह चिंता जायज भी थी, क्योंकि यश चोपड़ा और श्रीदेवी के नाम के आगे कोई भी नहीं टिक पाता था.
पिता का भरोसा और एक बड़ा दांव
लेकिन, वीरू देवगन को अपनी फिल्म की स्क्रिप्ट, उसके एक्शन और सबसे बढ़कर अपने बेटे के टैलेंट पर पूरा भरोसा था. उन्होंने अनिल कपूर की सलाह और चेतावनी को विनम्रता से नजरअंदाज कर दिया और फिल्म को उसी दिन रिलीज करने का अपना फैसला नहीं बदला. यह एक बहुत बड़ा जुआ था, जहां एक नए लड़के का पूरा करियर दांव पर लगा था.
और फिर... जो हुआ वो इतिहास बन गया
जब दोनों फिल्में सिनेमाघरों में उतरीं, तो नतीजा सबकी उम्मीदों के बिल्कुल उलट था.
- 'फूल और कांटे' ने बॉक्स ऑफिस पर सुनामी ला दी. दो मोटरसाइकिलों पर पैर रखकर अजय देवगन की एंट्री ने देश भर के युवाओं को दीवाना बना दिया. फिल्म के एक्शन और संगीत ने तहलका मचा दिया और यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई. अजय देवगन रातों-रात एक नए एक्शन सुपरस्टार बनकर उभरे.
- वहीं दूसरी ओर, यश चोपड़ा की खूबसूरत और अपने समय से आगे की फिल्म 'लम्हे' को समीक्षकों ने तो बहुत सराहा, लेकिन यह दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में बुरी तरह नाकाम रही और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई.
अनिल कपूर की वह 'चेतावनी' और 'भविष्यवाणी' पूरी तरह गलत साबित हुई. एक नए लड़के ने इंडस्ट्री के सबसे बड़े स्टार को सीधी टक्कर दी और जीत हासिल की. यह किस्सा आज भी बॉलीवुड में एक मिसाल है कि यहां कुछ भी हो सकता है और किसी को भी कम आंकना सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है.