डोनाल्ड ट्रंप-वलादिमीर पुतिन की हाई-स्टेक बैठक अलास्का में: यूक्रेन युद्ध पर शांति वार्ता की आशा

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को अलास्का पहुंचे, जहां उनका रूस के राष्ट्रपति वलादिमीर पुतिन के साथ उच्च स्तरीय शांति वार्ता का सामना होगा। यह बैठक यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।

ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि वे यूक्रेन की ओर से कोई समझौता करवाने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उनका उद्देश्य पुतिन को वार्ता की मेज तक लाना है।

उन्होंने कहा, “मैं अपनी सेहत के लिए नहीं बल्कि जान बचाने के लिए यह कर रहा हूँ।”

ट्रंप ने पुतिन को “होशियार” बताया और कहा कि दोनों के बीच “अच्छा सम्मान” है।

उन्होंने कहा कि रूस तब तक कोई व्यापार नहीं करेगा जब तक युद्ध समाप्त नहीं हो जाता।

बैठक में सफलता की संभावना के बारे में ट्रंप ने 25% असफलता का अनुमान भी जताया, लेकिन उन्होंने आगे की बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को भी शामिल करने की संभावना जताई।

पुतिन की क्या स्थिति है?

पुतिन के लिए यह बैठक रूस की वैश्विक कूटनीति में पुनः प्रतिष्ठा हासिल करने का अवसर है।

वे NATO के विस्तार को रोकना चाहते हैं और यूक्रेन को रूस के प्रभाव क्षेत्र में वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि पुतिन ने युद्ध विराम के लिए कई शर्तें रखी हैं जिनमें पश्चिमी हथियार सप्लाई पर रोक शामिल है, जिसे यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने ठुकरा दिया है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति का रुख

ज़ेलेंस्की ने जोर दिया है कि “यूक्रेन के बिना यूक्रेन के बारे में कोई फैसला नहीं होना चाहिए”।

उन्होंने ट्रंप-पुतिन वार्ता को “न्यायसंगत शांति” का रास्ता खोलने वाला बताया।

बैठक की अहमियत

यह पहली बार है जब ट्रंप और पुतिन 2018 के बाद अकेले बातचीत के लिए मिल रहे हैं।

वार्ता का परिणाम यूरोपीय सुरक्षा और यूक्रेन युद्ध के भविष्य को तय करेगा।

इसके साथ ही यह ट्रंप के लिए यह साबित करने का मौका है कि वे एक विश्वव्यापी शांति निर्माता भी हो सकते हैं।

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