Diwali 2025 : तमिलनाडु का वो मंदिर जहां सोने से बनती हैं किस्मतें, श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर के रहस्य और अद्भुत चमत्कार

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News India Live, Digital Desk: दिवाली, जिसे रोशनी और खुशहाली का त्योहार कहते हैं, मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे बड़ा अवसर होता है. इस दौरान हर कोई अपने घरों में मां लक्ष्मी का आवाहन करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसा मंदिर भी है, जो पूरी तरह सोने का बना है और दिवाली पर यहां मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं? हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु के वेल्लोर शहर में स्थित अद्भुत श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर की, जिसके रहस्य और मान्यताएं किसी को भी हैरान कर सकती हैं. यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक दिव्य अनुभव है, जिसे 'स्वर्ण मंदिर' भी कहते हैं.

सोने की चमक में जगमगाती हैं खुशियां: श्रीपुरम मंदिर की बनावट

想像 कीजिए एक मंदिर जो बाहर से अंदर तक शुद्ध सोने से ढका हो! यह सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर की हकीकत है. इस मंदिर का निर्माण आध्यात्मिक गुरु 'श्री शक्ति अम्मा' द्वारा कराया गया है. कहते हैं इसे बनाने में कई सौ किलो शुद्ध सोना लगा है और इसकी लागत करोड़ों डॉलर में है. इस मंदिर में आप जैसे ही अंदर प्रवेश करेंगे, देखेंगे कि मंदिर के अर्द्धमंडपम् (अर्ध मंडप), विमानम (छत का ऊपरी हिस्सा), और कोडिकंबम् (ध्वजस्तंभ) तक सब कुछ सोने का बना हुआ है. मंदिर के अंदर स्थापित मां लक्ष्मी की प्रतिमा भी 'स्वर्णलक्ष्मी' यानी सोने की लक्ष्मी कहलाती है, जो भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव होता है. यहां की रातें खासकर दिवाली की रातें तो और भी भव्य लगती हैं, जब लाखों दीयों की रोशनी सोने पर पड़कर अद्भुत नजारा पेश करती है.

श्रीचक्र की चाल पर चलती है समृद्धि: मंदिर का अनूठा पथ

इस मंदिर की एक और खासियत है यहां तक पहुंचने का रास्ता. मंदिर तक का रास्ता किसी साधारण रास्ते जैसा नहीं है, बल्कि इसे एक सितारे (स्टार) के आकार में, जिसे 'श्रीचक्र' पैटर्न कहते हैं, डिजाइन किया गया है. जब आप इस पथ पर चलते हुए मां लक्ष्मी तक पहुंचते हैं, तो माना जाता है कि आप जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि की ओर कदम बढ़ा रहे होते हैं. श्रीचक्र, तंत्र शास्त्र में समृद्धि और शक्ति का सबसे पवित्र प्रतीक माना जाता है. मंदिर तीन तरफ से हरे-भरे पहाड़ों और सुंदर प्रकृति से घिरा हुआ है, जो इसकी भव्यता और आध्यात्मिकता को और बढ़ाता है. तमिलनाडु के इस धार्मिक स्थल का सौंदर्य अप्रतिम है.

चमत्कारों की भूमि और अटूट विश्वास: मान्यताएं और चमत्कार

श्रीपुरम मंदिर को चमत्कारों की भूमि भी कहा जाता है. भक्तों का मानना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा पूरी होती है. जो लोग तनाव, बीमारियों या जीवन की किसी भी समस्या से जूझ रहे होते हैं, वे यहां आकर मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करते हैं. कहा जाता है कि मां लक्ष्मी की स्वर्णिम छवि के दर्शन मात्र से ही सारे दुख दूर हो जाते हैं और भक्तों को उनके जीवन में धन, वैभव और सुख का आशीर्वाद मिलता है. विशेषकर दिवाली के अवसर पर, तमिलनाडु के इस प्रसिद्ध मंदिर में मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए भक्त बड़ी संख्या में उमड़ते हैं. माना जाता है कि दिवाली की रात यहां पूजा करने से पूरे साल मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

अगर आप भी इस दिवाली अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि चाहते हैं, तो तमिलनाडु के श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर की यात्रा करना एक अविस्मरणीय और अद्भुत अनुभव साबित हो सकता है. मां लक्ष्मी की यह स्वर्णिम स्थली निश्चित रूप से आपकी किस्मत को भी चमका सकती है

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