KKR की टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी पर बोले धीरेंद्र शास्त्री, क्या कह दी शाहरुख खान को ये बात?

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News India Live, Digital Desk : बाबा बागेश्वर (पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) का नाम और उनके बयान हमेशा ही सुर्खियों में बने रहते हैं। कभी वो अपने दरबार को लेकर चर्चा में होते हैं, तो कभी देश के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी से रखने के लिए। हाल ही में एक और मामला सामने आया है, जहाँ बाबा ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के मालिक शाहरुख खान और टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी को लेकर कुछ ऐसी बातें कही हैं, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।

दरअसल, बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री अक्सर सनातन और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर मुखर रहते हैं। जब उनसे आईपीएल (IPL) और खास तौर पर शाहरुख खान की टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर सवाल किया गया, तो उनका अंदाज हमेशा की तरह सीधा और स्पष्ट था।

क्या था मामला?
खबरों के अनुसार, धीरेंद्र शास्त्री से पूछा गया कि एक तरफ जहाँ सीमाओं पर तनाव की खबरें आती रहती हैं, वहीं दूसरी तरफ क्रिकेट के मैदान पर पड़ोसी देशों के खिलाड़ियों को जगह दी जाती है। इस पर बाबा ने अपनी राय देते हुए कहा कि खेल अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्र के सम्मान और जनता की भावनाओं से समझौता नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर किसी को कटघरे में खड़ा करने के बजाय ये संदेश दिया कि देश का पैसा और अवसर देश के लिए ही पहले होने चाहिए।

शाहरुख खान और KKR को लेकर उठते सवाल
शाहरुख खान की टीम KKR अक्सर अपने ग्लोबल टच के लिए जानी जाती है, और इसी टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है। सोशल मीडिया पर एक धड़ा इस बात को लेकर नाराजगी जाहिर करता रहता है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले बर्ताव के बीच भारत में उन्हें खेल के अवसर देना कितना सही है। इसी संदर्भ में जब धीरेंद्र शास्त्री से सवाल हुआ, तो उन्होंने साफ कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है, यहाँ के युवाओं को ज्यादा मौका मिलना चाहिए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
जैसे ही बाबा का यह बयान वायरल हुआ, लोग दो गुटों में बंट गए। कुछ लोगों का कहना है कि खेल को राजनीति और धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए, जबकि एक बड़ा वर्ग धीरेंद्र शास्त्री की बात से सहमत नजर आ रहा है कि "भारत का मान पहले" होना चाहिए।

बाबा ने बातों-बातों में यह भी इशारा किया कि जिस व्यक्ति का जो काम है उसे वह पूरी ईमानदारी से करना चाहिए, लेकिन अगर बात सांस्कृतिक चेतना और सुरक्षा की हो, तो वहां समझौता करना ठीक नहीं। उनके इस बयान ने एक बार फिर से इस चर्चा को गरम कर दिया है कि क्या मनोरंजन जगत और क्रिकेट को राष्ट्रहित की नजर से अलग रखकर देखना मुमकिन है?

फिलहाल, इस पूरे मामले पर न तो KKR की तरफ से और न ही शाहरुख खान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री के शब्दों ने यह तो तय कर दिया है कि वह केवल आध्यात्मिक विषयों तक सीमित रहने वाले नहीं हैं।