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March 12 2026 10:23 pm

Dhanu Sankranti : क्या आपकी भी कुंडली में सूर्य कमजोर है? ये सुनहरा मौका हाथ से जाने न दें

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News India Live, Digital Desk : दिसंबर का महीना आधा बीत चुका होता है और ठंड अपनी रफ़्तार पकड़ रही होती है। इसी बीच ज्योतिष की दुनिया में एक बहुत बड़ा बदलाव होता है। हम बात कर रहे हैं 'धनु संक्रांति' (Dhanu Sankranti) की।

आप सोच रहे होंगे कि संक्रांतियां तो हर महीने आती हैं, तो इसमें क्या खास है? दोस्तों, यह वाली संक्रांति बहुत खास है, क्योंकि इसके साथ ही हमारे घरों में होने वाले शादी-ब्याह और मांगलिक कार्यों पर एक महीने के लिए 'ब्रेक' लग जाता है।

क्या होता है धनु संक्रांति पर?
आसान भाषा में समझें तो सूर्य देवता, जो अभी तक वृश्चिक राशि में थे, अब निकलकर अपने मित्र गुरु की राशि 'धनु' (Sagittarius) में प्रवेश करेंगे। जब सूर्य देव धनु राशि में जाते हैं, तो इसे 'धनु संक्रांति' कहते हैं।

साल 2025 में यह बदलाव 16 दिसंबर (संभावित तिथि) के आसपास होने वाला है।

'खरमास' का साया और शुभ कार्यों पर रोक
जैसे ही सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं, 'खरमास' (Kharmas) या मलमास शुरू हो जाता है। हमारे बड़े-बुजुर्ग हमेशा कहते आए हैं कि खरमास में नई बहु घर नहीं लाते, शादी नहीं करते, और न ही कोई नया मकान खरीदते या मुंडन कराते हैं।
मान्यता है कि इस दौरान सूर्य की चाल थोड़ी 'धीमी' हो जाती है (धार्मिक दृष्टि से उनका प्रभाव कम हो जाता है), इसलिए शुभ कार्यों में वो ऊर्जा नहीं मिल पाती जिसकी जरूरत होती है। यह पाबंदी मकर संक्रांति (जब सूर्य दोबारा मजबूत होते हैं) तक चलती है।

इस दिन क्या करना है सबसे बेस्ट?
भले ही शादी-ब्याह न हो, लेकिन पूजा-पाठ के लिए यह महीना सोने जैसा कीमती है।

  1. सूर्य को अर्घ्य दें: संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठें, तांबे के लोटे में पानी, थोड़ा सा कुमकुम और लाल फूल डालकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दें।
  2. सेहत का वरदान: ज्योतिष शास्त्र कहता है कि अगर आप हड्डियों के दर्द या आंखों की समस्या से परेशान हैं, तो इस दिन सूर्य पूजा जरूर करें।
  3. मीठा खाना और खिलाना: उड़ीसा जैसे राज्यों में इस दिन भगवान जगन्नाथ को विशेष मीठा भोग लगाया जाता है। आप भी गरीबों को मीठे चावल या खिचड़ी का दान कर सकते हैं।

एक छोटी सी सलाह
अगले एक महीने (खरमास) को आप अपनी 'स्पिरिचुअल डिटॉक्स' (आध्यात्मिक शांति) का समय मान सकते हैं। जब बाहरी शोर-शराबा और पार्टियां कम होंगी, तो खुद को और ईश्वर को जानने का समय मिलेगा।

तो, तैयार हो जाइए सूर्य देव के स्वागत के लिए और इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय आपकी बंद किस्मत के ताले भी खोल सकते हैं।