Delhi Murder Case: दिल्ली के चंदन पार्क में खौफनाक वारदात, मां और 3 मासूम बच्चों का गला रेतकर बेरहमी से कत्ल; पति फरार
राजधानी दिल्ली के समयपुर बादली इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाली और बर्बर घटना सामने आई है। उत्तरी-बाहरी दिल्ली के चंदन पार्क इलाके में एक घर के भीतर एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई है। इस सामूहिक हत्याकांड (Mass Murder) ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। वारदात के बाद से ही महिला का पति फरार है, जिस पर इस खौफनाक कत्लेआम को अंजाम देने का शक है।
दरवाजे से रिसते खून ने खोला खौफनाक राज
यह घटना 60 फीट रोड, गली नंबर तीन में स्थित एक मकान की है। रात करीब 9 बजे जब पूरा इलाका सोने की तैयारी कर रहा था, तब पड़ोस में रहने वाली एक महिला की नजर उस घर के दरवाजे पर पड़ी। दरवाजे की दरारों से खून की लाल लकीरें बाहर की तरफ रिस रही थीं। अनहोनी की आशंका में जब महिला ने अंदर झांका, तो वहां का खौफनाक मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई। उसने तुरंत कांपते हाथों से पुलिस को इस घटना की सूचना दी।
खून से लथपथ मिले चार शव, 3 साल के मासूम को भी नहीं बख्शा
समयपुर बादली थाने की पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची और दरवाजा खोला, तो अंदर का दृश्य बेहद विचलित करने वाला था। कमरे में अलग-अलग जगहों पर चार शव खून से लथपथ पड़े थे।
मृतकों की पहचान: मृतक महिला की पहचान 'अनीता' के रूप में हुई है।
मासूमों की निर्मम हत्या: अनीता के साथ उसके तीन मासूम बच्चों को भी मौत के घाट उतार दिया गया था। बच्चों की उम्र महज 7 साल, 5 साल और सबसे छोटे बच्चे की उम्र सिर्फ 3 साल थी।
वारदात का तरीका: चारों मृतकों की गर्दनें किसी तेज धारदार हथियार से रेती गई थीं। यह एक सोची-समझी और ठंडे दिमाग से रची गई साजिश का हिस्सा लग रहा है।
आरोपी पति की तलाश में जुटी पुलिस
इस नृशंस हत्याकांड के बाद से ही पुलिस की रडार पर अनीता का पति है। जिस घर में पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े थे, वहां से पति रहस्यमयी ढंग से फरार है।
फोरेंसिक जांच: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स (Forensic Experts) की टीम ने रात में ही मौके पर पहुंचकर बारीकी से सबूत इकट्ठा किए हैं।
पुलिस एक्शन: पुलिस ने आरोपी पति की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। रात भर संभावित ठिकानों पर छापेमारी और नाकेबंदी की गई है। जानकारों और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम: चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है, ताकि मौत का सटीक समय और अन्य सुराग मिल सकें।
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ पारिवारिक हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।