Delhi Blast Investigation : शाहीन बाग और जामिया के स्क्रैप डीलरों ने खरीदी थी आतंकियों की ब्रेजा कार
News India Live, Digital Desk: दिल्ली के सीआर पार्क इलाके में हुए बम धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब इस मामले के तार साउथ दिल्ली के शाहीन बाग और जामिया नगर से जुड़ गए हैं. जांच एजेंसियों को पता चला है कि आतंकियों द्वारा ब्लास्ट के लिए इस्तेमाल की गई मारुति सुजुकी ब्रेजा कार को धमाके से कुछ समय पहले शाहीन बाग और जामिया नगर में रहने वाले दो स्क्रैप डीलरों ने मिलकर खरीदा था.
ये दोनों स्क्रैप डीलर, शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील, इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं. जांच एजेंसियों को शक है कि इन दोनों ने ही आतंकियों को गाड़ी मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाई थी.
कैसे खरीदी गई थी यह कार?
सूत्रों के मुताबिक, यह सफेद रंग की ब्रेजा कार (रजिस्ट्रेशन नंबर DL10CT0287) एक डॉक्टर के नाम पर रजिस्टर्ड थी. इस कार का एक्सीडेंट हो गया था और यह 'टोटल लॉस' (पूरी तरह क्षतिग्रस्त) की कैटेगरी में थी, यानी बीमा कंपनी के मुताबिक यह चलने लायक नहीं बची थी.
- इसके बाद कार की ऑनलाइन नीलामी हुई.
- इस नीलामी में शाहीन बाग के शाहीन सईद और जामिया नगर के मुजम्मिल शकील ने मिलकर इस कबाड़ हो चुकी कार को खरीद लिया.
क्या सिर्फ पैसे के लिए की आतंकियों की मदद?
सुरक्षा एजेंसियां अब इस एंगल से जांच कर रही हैं कि क्या इन स्क्रैप डीलरों ने सिर्फ ज्यादा पैसे कमाने के लालच में यह कार आतंकियों को बेची थी, या फिर वे भी इस आतंकी साजिश का हिस्सा थे. क्या उन्हें इस बात की जानकारी थी कि इस कार का इस्तेमाल बम धमाके जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाने वाला है? इन दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है.
कार में बनाया गया था सीक्रेट चैम्बर
जांच में यह भी पता चला है कि कार की चेचिस से छेड़छाड़ की गई थी. जांच एजेंसियों को शक है कि कार में एक खास तरह का सीक्रेट चैम्बर (गुप्त जगह) बनाया गया था, जिसका इस्तेमाल विस्फोटक या हथियार छिपाने के लिए किया गया हो सकता है.
यह ब्लास्ट 15 नवंबर को दिल्ली के चितरंजन पार्क (सीआर पार्क) इलाके में हुआ था. धमाका बहुत शक्तिशाली नहीं था, लेकिन इसने सुरक्षा एजेंसियों को सकते में डाल दिया. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, आईबी और एनआईए जैसी सभी बड़ी एजेंसियां मिलकर इस मामले की जांच कर रही हैं और दिल्ली-एनसीआर में छिपे स्लीपर सेल्स की तलाश में जुटी हैं.
इस नए खुलासे ने जांच की दिशा को शाहीन बाग और जामिया नगर की तरफ मोड़ दिया है और उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता भी सलाखों के पीछे होंगे.