Delhi Air Crisis : क्या आप भी गैस चैंबर में सांस ले रहे हैं? जहांगीरपुरी और नोएडा का हाल जानकर डर जाएंगे

Post

क्या सुबह उठते ही आपको भी अपनी आँखों में हल्की जलन महसूस हो रही है? या फिर घर की बालकनी से बाहर झांकने पर वो साफ़ नीला आसमान अब धुंध की चादर के पीछे कहीं खो गया है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (Delhi-NCR) की हवा एक बार फिर 'जहरीली' हो चुकी है, और सच कहें तो हालात चिंताजनक हैं।

हम सब जानते हैं कि साल का ये वक्त दिल्ली वालों के लिए थोड़ा भारी गुजरता है, लेकिन ताज़ा हालात बता रहे हैं कि प्रदूषण का स्तर (AQI) खतरे के निशान को भी पार कर रहा है।

किन इलाकों में 'सांस लेना' सबसे ज्यादा भारी है?

ताजा अपडेट्स के मुताबिक, हालात सिर्फ़ खराब नहीं, बल्कि 'बहुत खराब' (Very Poor to Severe) कैटेगरी में पहुँच गए हैं। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति जहांगीरपुरी की है। वहां प्रदूषण का मीटर लाल निशान से भी आगे भाग रहा है। इसका सीधा मतलब है कि वहां खुली हवा में सांस लेना, सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदेह हो सकता है।

सिर्फ़ दिल्ली ही नहीं, उसके पड़ोसी शहर भी अछूते नहीं हैं। नोएडा का हाल भी कुछ ऐसा ही है। यहाँ की हवा में भी प्रदूषक कणों (PM 2.5 और PM 10) की मात्रा इतनी बढ़ गई है कि सुबह की सैर अब सेहत बनाने के बजाय बिगाड़ सकती है। एक तरह से पूरा NCR इस समय स्मॉग (Smog) की चपेट में है।

आखिर अचानक हवा इतनी ख़राब क्यों हुई?

ये सिर्फ़ गाड़ियों के धुएं का मामला नहीं है। सर्दियों की आहट के साथ हवा की रफ़्तार (Wind Speed) कम हो जाती है, जिससे धूल और धुएं के कण एक ही जगह टिके रह जाते हैं। ऊपर से तापमान गिर रहा है, जिससे ये 'पॉल्यूशन' वातावरण की निचली सतह में फंस गया है। नतीजा? विजिबिलिटी (Visibility) कम हो गई है और सांस लेना मुश्किल।

आपके लिए क्या जरूरी है?

यह सिर्फ़ एक ख़बर नहीं, एक Health Advisory जैसा है। अगर आप अस्थमा या सांस की किसी भी तकलीफ से जूझ रहे हैं, तो अभी बेहद सतर्क रहने का वक्त है।

  1. सुबह की सैर टाल दें: अगर मुमकिन हो, तो अभी अल सुबह बाहर एक्सरसाइज़ करने से बचें। सूरज निकलने और धुंध छंटने का इंतज़ार करें।
  2. बच्चों और बुज़ुर्गों का ख्याल रखें: बढ़ता प्रदूषण इनके फेफड़ों पर सबसे पहले असर डालता है।
  3. मास्क की वापसी: शायद हमें मास्क पहनना पसंद न हो, लेकिन अभी बाहर निकलते वक्त एन-95 (N95) मास्क का इस्तेमाल आपको डॉक्टर के चक्कर काटने से बचा सकता है।

प्रशासन अपनी तरफ से कड़े कदम उठा रहा है, ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के नियम भी लागू हैं, लेकिन असली सुरक्षा तो अपनी सावधानी में ही है। दिल्ली की हवा अभी 'बीमार' है, इसलिए अपना खयाल ज़्यादा रखें।

सुरक्षित रहें, और ताज़ी हवा की उम्मीद बनाए रखें