Defense Deal : चीन को झटका इंडोनेशिया ने भारत से मांगी ब्रह्मोस, वजह बना हालिया युद्ध

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News India Live, Digital Desk :  दुनिया का भू-राजनीतिक (Geopolitical) नक्शा अब बदल रहा है, और इसमें भारत एक बहुत बड़े खिलाड़ी (Global Player) के तौर पर उभर रहा है। अभी हाल ही में जो कुछ भी सरहद पार हुआ, खासकर 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान की जो हालत हुई, उसने पूरी दुनिया की आंखें खोल दी हैं। इसका सबसे ताज़ा और बड़ा असर देखने को मिल रहा है इंडोनेशिया के फैसले में।

क्या है पूरी खबर?
दुनिया का सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश, इंडोनेशिया (Indonesia), अब भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Missiles) खरीदने की पूरी तैयारी में है। ये वही मिसाइल है जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में है। इंडोनेशिया ने साफ संकेत दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए अब पश्चिमी देशों या चीन पर निर्भर रहने के बजाय भारत की तकनीक पर भरोसा करना चाहता है।

पाकिस्तान को देख बदला नज़रिया
बात बिल्कुल सीधी है—जो दिखता है, वो बिकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, इंडोनेशिया ने भारत की तरफ रुख तब किया जब उसने देखा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय हथियारों और रणनीतियों ने पाकिस्तान के डिफेंस सिस्टम की धज्जियां उड़ा दीं। इस ऑपरेशन में जिस तरह की तबाही और सटीक मारक क्षमता (Precision Strike) देखी गई, उसने जकार्ता (इंडोनेशिया की राजधानी) को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि "हमें भी यही हथियार चाहिए।"

भारत के लिए ये बड़ी जीत क्यों है?
यह सिर्फ एक हथियारों की डील नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है।

  1. चीन को संदेश: इंडोनेशिया का समंदर (South China Sea) में चीन के साथ विवाद चलता रहता है। ऐसे में भारत से ब्रह्मोस लेना चीन के लिए सख्त संदेश है।
  2. विश्वास: एक इतना बड़ा मुस्लिम देश अगर भारत पर भरोसा जता रहा है, तो यह हमारी बढ़ती साख का सबूत है। फिलीपींस पहले ही हमसे यह मिसाइल ले चुका है, और अब इंडोनेशिया भी इसी लाइन में खड़ा है।

आगे क्या होगा?
बातचीत अब अंतिम दौर में मानी जा रही है। इस डील के पक्के होते ही भारत, डिफेंस एक्सपोर्ट (रक्षा निर्यात) के मामले में एक नई लीग में शामिल हो जाएगा। कल तक जो देश हमसे हथियार खरीदने में हिचकिचाते थे, आज वे 'ऑपरेशन सिंदूर' के नतीजे देखकर कतार में खड़े हैं।

भारत अब सिर्फ हथियार खरीदता नहीं है, दुनिया को बेचता भी है और वो भी अपनी शर्तों पर!