Cyber Security : गूगल ने चीनी हैकर्स को सिखाया सबक, अब खरबों की धोखाधड़ी का होगा हिसाब
News India Live, Digital Desk: इंटरनेट की दुनिया में धोखाधड़ी के मामले रोज़ बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन इस बार गूगल ने इन धोखेबाज़ों के ख़िलाफ़ एक बहुत बड़ा क़दम उठाया है. गूगल ने चीन में बैठे कुछ हैकर्स पर एक बड़ा मुकदमा दायर किया है, जिन्होंने दुनिया भर में लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया और अरबों रुपये की ठगी को अंजाम दिया.यह हैकर्स का गिरोह "लाइटहाउस" (Lighthouse) नाम से एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म चला रहा था, जो 'फ़िशिंग-एज़-ए-सर्विस' (Phishing-as-a-Service) मॉडल पर काम करता था.
कैसे काम करता था यह धोखाधड़ी का नेटवर्क?
यह नेटवर्क उन लोगों को रेडीमेड टूल और फ़र्ज़ी वेबसाइट किट बेचता था, जिन्हें टेक्नोलॉजी की ज़्यादा समझ नहीं होती. ये लोग एक छोटी सी फ़ीस चुकाकर हज़ारों फ़र्ज़ी वेबसाइट टेम्पलेट, डोमेन नेम और पेमेंट गेटवे तक का एक्सेस पा लेते थे. इसके बाद, ये धोखेबाज़ लोगों को टेक्स्ट मैसेज (SMS) या ईमेल भेजते थे, जिसमें अक्सर यह लिखा होता था कि आपका कोई पैकेज रुका हुआ है या टोल टैक्स का पेमेंट बाक़ी है.
जैसे ही कोई व्यक्ति इस मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करता, वह एक नकली वेबसाइट पर पहुँच जाता, जो देखने में बिल्कुल असली लगती थी. ये वेबसाइट्स अक्सर गूगल, जीमेल या किसी बैंक के पेज की नकल होती थीं. लोग अनजाने में वहाँ अपनी बैंक डिटेल्स या पासवर्ड डाल देते और उनकी सारी निजी जानकारी चोरी हो जाती थी.
गूगल के नाम का इस्तेमाल कर बनाया निशाना
सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इन हैकर्स ने लोगों को धोखा देने के लिए गूगल के ही लोगो और ब्रांड्स का इस्तेमाल किया.उन्होंने 100 से ज़्यादा ऐसी फ़र्ज़ी वेबसाइट्स बनाईं, जिनमें गूगल, यूट्यूब और जीमेल के लोगो लगे थे ताकि लोग आसानी से भरोसा कर सकें.इस नेटवर्क ने दुनिया के 120 से ज़्यादा देशों में 10 लाख से ज़्यादा लोगों को निशाना बनाया और अनुमान है कि कुल मिलाकर 1 अरब डॉलर से भी ज़्यादा की धोखाधड़ी की गई है.
गूगल की क़ानूनी कार्रवाई का क्या होगा असर?
गूगल ने इन हैकर्स के ख़िलाफ़ अमेरिका के रैकeteer इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशन्स (RICO) एक्ट के तहत मुकदमा दायर किया है. यह एक सख़्त क़ानून है जो आमतौर पर संगठित अपराध से निपटने के लिए इस्तेमाल होता है. इस क़ानूनी कार्रवाई का मक़सद सिर्फ़ इन हैकर्स को सज़ा दिलाना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ख़त्म करना है हालांकि यह माना जा रहा है कि इन चीनी हैकर्स को अमेरिकी अदालत में पेश करना काफ़ी मुश्किल होगा, लेकिन गूगल की इस पहल से दुनिया भर में ऐसे धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों को एक कड़ा संदेश ज़रूर जाएगा.