Cricket Bravery : आज भी रोंगटे खड़े कर देता है वो पल, जब पुजारा ने खेली दर्द में डूबी हुई ऐतिहासिक पारी, अब बताया अनुभव
News India Live, Digital Desk: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2021 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज को कौन भूल सकता है! वो सीरीज सिर्फ जीत के लिए नहीं, बल्कि भारतीय खिलाड़ियों के बेजोड़ जज्बे और दर्द सहने की क्षमता के लिए भी जानी जाती है. उस सीरीज के एक ऐसे ही हीरो चेतेश्वर पुजारा ने अब उस भयानक अनुभव को याद किया है, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों की बाउंसरों को अपने शरीर पर बार-बार झेला था. पुजारा ने बताया है कि जब गेंद शरीर पर बार-बार लगती है, तो उसका दर्द कैसा होता है.
यह वही सीरीज थी, जब भारतीय टीम चोटों से जूझ रही थी और उसके कई प्रमुख खिलाड़ी बाहर थे. ऐसे में युवा और अनुभवहीन खिलाड़ियों के साथ पुजारा जैसे 'दीवार' बने बल्लेबाजों पर जिम्मेदारी थी कि वे विकेट पर टिके रहें. पुजारा ने सिडनी और खासकर ब्रिस्बेन टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के हमलों को बखूबी सहा था. वे लगातार अपनी छाती, पसलियों और हेलमेट पर गेंदें खाते रहे, लेकिन विकेट पर डटे रहे ताकि दूसरी तरफ के बल्लेबाज रन बना सकें और टीम को जीत के करीब ले जा सकें.
पुजारा ने हाल ही में अपने उस अनुभव को साझा करते हुए कहा कि एक या दो गेंद लगने पर दर्द बर्दाश्त किया जा सकता है, लेकिन जब लगातार शरीर पर गेंदें लगने लगें, तो वह असहनीय हो जाता है. उन्होंने अपनी मानसिक ताकत और टीम के प्रति समर्पण दिखाया, जिससे उन्हें वो दर्द सहने में मदद मिली. उनके शरीर पर लगे हर नीले निशान ने टीम के हौसले को और बढ़ाया, और आखिरकार भारत ने ऐतिहासिक तरीके से ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर मात दी. यह वाकई उनकी बहादुरी और अटूट दृढ़ संकल्प की कहानी है, जिसने भारतीय क्रिकेट फैंस के दिलों में उनकी एक अलग पहचान बना दी है.