विदेश से लौटते ही कोर्ट का नोटिस ,तेजस्वी और लालू यादव की नई याचिका पर हाई कोर्ट ने क्यों मांगा जवाब?

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News India Live, Digital Desk: आज 6 जनवरी 2026 है। सुबह से ही बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव के लौटने की चर्चा थी। लेकिन जैसे ही दोपहर हुई, हेडलाइंस बदल गईं। दिल्ली हाई कोर्ट ने चर्चित आईआरसीटीसी (IRCTC) घोटाला मामले में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की याचिका पर केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई (CBI) को नोटिस जारी कर दिया है।

पूरा माजरा क्या है?
देखा जाए तो यह मामला पुराना है, लेकिन कानूनी बारीकियां नई हैं। दरअसल, निचली अदालत (Trial Court) ने इस मामले में आरोप यानी 'चार्ज' गठित करने का फैसला सुनाया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए तेजस्वी यादव दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे। उनकी मांग साफ़ है कि उन पर जो आरोप तय किए गए हैं, उन पर फिर से विचार किया जाए या उन्हें हटाया जाए। इसी पर सुनवाई करते हुए आज अदालत ने सीबीआई से अपना पक्ष रखने को कहा है।

इंतज़ार 14 जनवरी का
अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को तय की है। गौर करने वाली बात यह है कि यह वही दिन है जब तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद यादव की इसी तरह की एक याचिका पर भी हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। यानी 14 जनवरी का दिन, जब देश में लोग मकर संक्रांति मना रहे होंगे, लालू परिवार के लिए अदालती गलियारों में बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है।

एक साधारण व्यक्ति के नज़रिए से समझिए
अक्सर कानूनी प्रक्रियाओं में 'नोटिस जारी होने' को लेकर भ्रम हो जाता है। इसका सरल मतलब यह है कि कोर्ट ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, बल्कि उसने दूसरी पार्टी (सीबीआई) को मौका दिया है कि वे बताएं कि तेजस्वी की याचिका पर उनकी क्या राय है।

फिलहाल, तेजस्वी और लालू दोनों ही दिल्ली में हैं। विदेश से लौटकर अपने पिता से मिलने के तुरंत बाद कोर्ट की इस सक्रियता ने यह साफ़ कर दिया है कि साल 2026 की शुरुआत कानूनी मोर्चे पर उनके लिए काफी व्यस्त रहने वाली है। बिहार के राजद कार्यकर्ता इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा मानते हैं, लेकिन अब सब कुछ अदालत के फैसले पर टिका है। मकर संक्रांति से पहले आने वाली ये तारीख क्या रंग लाती है, इस पर पूरे देश की नज़र बनी हुई है।