Corruption Case : भगवंत मान सरकार का बड़ा एक्शन, पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत पर चलेगा अब भ्रष्टाचार का मुकदमा

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News India Live, Digital Desk: Corruption Case :  पंजाब की भगवंत मान सरकार भ्रष्टाचार (Corruption) के ख़िलाफ लगातार कड़े कदम उठा रही है. इसी कड़ी में एक और बड़ा फैसला लिया गया है, जिसमें पंजाब के पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत (Sadhu Singh Dharamsot) के ख़िलाफ अब औपचारिक तौर पर भ्रष्टाचार का मुक़दमा चलाया जाएगा. पंजाब कैबिनेट (Punjab Cabinet) ने इस कार्रवाई को मंज़ूरी दे दी है, जिसके बाद धर्मसोत की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

यह मामला सीधे-सीधे भ्रष्टाचार के उन आरोपों से जुड़ा है, जो पूर्व की कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते हुए धर्मसोत पर लगे थे. आरोप था कि उन्होंने पेड़ काटने की एवज में रिश्वत ली थी. यानी, सरकारी पेड़ों को काटने के लिए नियमों का उल्लंघन किया गया था और इसमें मोटी रकम का लेन-देन हुआ था. इसके साथ ही, सरकारी नियमों की अनदेखी करके कुछ अवैध गतिविधियां भी की गई थीं.

हालांकि, इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने धर्मसोत को पहले ही गिरफ़्तार कर लिया था. उनकी गिरफ़्तारी 7 जून, 2024 को हुई थी, और तब उनके साथ तीन और अधिकारियों को भी पकड़ा गया था. उनके नाम साधु सिंह धर्मसोत के ओएसडी रह चुके दलजीत सिंह गिल, वन अधिकारी गुजिंदर सिंह और फ़ॉरेस्ट कॉन्ट्रैक्टर हरमोहिंदर सिंह थे. इन सभी पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे. जांच में पता चला था कि ये सब मिलकर एक बड़ा भ्रष्टाचार रैकेट चला रहे थे.

इस मामले में धर्मसोत को बाद में जमानत (Bail) मिल गई थी. लेकिन अब पंजाब कैबिनेट ने यह साफ कर दिया है कि उन्हें अदालत में मुक़दमे का सामना करना पड़ेगा. इसका मतलब है कि अब यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में चलेगा, जहाँ उनके ख़िलाफ लगे आरोपों की जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर फैसला लिया जाएगा.

भगवंत मान सरकार ने पहले दिन से ही भ्रष्टाचार को अपनी प्राथमिकता में रखा है. इस तरह के फैसले यह दिखाते हैं कि सरकार राज्य से भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए गंभीर है और कोई भी नेता, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर वह भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. यह कार्रवाई उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो सार्वजनिक पद पर रहकर गलत काम करने की सोचते हैं.