CM Yogi on Noida Protest: "मजदूरों के हक से समझौता नहीं", नोएडा हिंसा पर सीएम योगी सख्त; उपद्रवियों के पोस्टर लगाने और 'जीरो टॉलरेंस' का दिया आदेश
लखनऊ/नोएडा: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रमिकों के अधिकारों, उनकी गरिमा और सामाजिक सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अशांति फैलाने वाले बाहरी तत्वों की पहचान कर उनके पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएं और औद्योगिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए।
उपद्रवियों पर 'पोस्टर' वाली कार्रवाई, बाहरी तत्वों पर नजर
सोमवार को नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हुई पत्थरबाजी और वाहनों में आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि:
श्रमिकों के बीच छिपकर अशांति फैलाने वाले गैर-श्रमिक तत्वों को बेनकाब किया जाए।
भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें फैलाने वालों की तस्वीरें सार्वजनिक जगहों पर लगाई जाएं।
सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
वेतन और सुरक्षा पर सख्त आदेश: ईएसआई-बीमा की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास आयुक्त और श्रम विभाग को निर्देश दिया कि वे प्रदेश भर की औद्योगिक इकाइयों की गहन जांच करें। इस जांच में निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा:
वेतन का भुगतान: 1 अप्रैल से प्रभावी संशोधित वेतन सभी श्रमिकों को समय पर और पूरा मिलना चाहिए।
कानूनी लाभ: श्रमिकों को मिल रहे ESI, बीमा और अन्य अनिवार्य लाभों की जमीनी हकीकत परखी जाएगी।
पारदर्शिता: वेतन सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर हो और दुर्घटना की स्थिति में बीमा लाभ सुनिश्चित हो।
मजदूरों के लिए हॉस्टल और सस्ती आवास योजना
मुख्यमंत्री ने विकास प्राधिकरणों को केवल राजस्व वसूली तक सीमित न रहकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए सस्ते आवास और छात्रावास (Hostels) बनाने की योजना तैयार की जाए। साथ ही, फैक्ट्रियों में बेहतर मेस सुविधा और कामकाजी माहौल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
योगी आदित्यनाथ ने जोर दिया कि श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी भी सरकार और प्रबंधन की है। उन्होंने अधिकारियों को उद्यमियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया, लेकिन चेतावनी दी कि इन वार्ताओं में केवल वास्तविक श्रमिक ही शामिल होने चाहिए, ताकि कोई असामाजिक तत्व इसका फायदा न उठा सके।
अधिकारियों का दावा: बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि वेतन बढ़ने के फैसले से अधिकांश श्रमिक संतुष्ट हैं और गौतम बुद्ध नगर में स्थिति अब नियंत्रण में है। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि किसी भी मजदूर को शिकायत के लिए सड़क पर न उतरना पड़े, इसके लिए कंपनियों में ही मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली (Grievance Redressal) बनाई जाए।