CID Investigation : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को मिली जान से मारने की धमकी, पत्र में लिखा-आपका बेटा भी
News India Live, Digital Desk: CID Investigation : झारखंड की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा से कांग्रेस विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी को जान से मारने की धमकी मिली. यह धमकी किसी फोन कॉल पर नहीं, बल्कि एक पत्र के जरिए दी गई है, जिसे जामताड़ा के एक कुख्यात अपराधी ने भेजा है. पत्र में न सिर्फ मंत्री को, बल्कि उनके बेटे को भी जान से मारने की बात लिखी गई है, जिसके बाद से पूरे महकमे में खलबली मच गई है.
किसने दी और क्यों दी धमकी?
यह धमकी भरा पत्र खुद को "जामताड़ा का राजा" बताने वाले अपराधी राजा कुमार उर्फ टाइगर ने भेजा है. इस पत्र को गढ़वा जेल से मंत्री के रांची स्थित आवास पर भेजा गया है. पत्र में धमकी देने की जो वजह बताई गई है, वह काफी चौंकाने वाली है. अपराधी ने लिखा है कि जामताड़ा सदर अस्पताल में मरीजों के लिए खराब गुणवत्ता वाला खाना परोसा जा रहा है, और इसमें सुधार नहीं किए जाने पर वह मंत्री और उनके बेटे की हत्या कर देगा.
पत्र में यह भी लिखा गया है कि जेल के अंदर उसे मंत्री की सारी गतिविधियों की खबर मिल रही है. इस धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जेल के अंदर से कोई अपराधी इतनी आसानी से एक कैबिनेट मंत्री को धमकी कैसे भेज सकता है.
मंत्री ने मांगी Z+ सुरक्षा, CID जांच की मांग
इस धमकी के बाद से स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी और उनका पूरा परिवार गहरे सदमे और दहशत में है. उन्होंने तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और राज्य के डीजीपी से मुलाकात की है.
- सुरक्षा बढ़ाने की मांग: उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए Z+ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है.
- CID जांच: मंत्री ने इस पूरे मामले की जांच किसी साधारण पुलिस से न कराकर सीआईडी (CID) से कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह एक गहरी राजनीतिक साजिश भी हो सकती है.
- सुरक्षा पर उठाए सवाल: डॉक्टर अंसारी ने कहा, "जब एक मंत्री ही सुरक्षित नहीं है, तो राज्य की आम जनता का क्या होगा?"
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. पत्र भेजने वाले अपराधी राजा कुमार उर्फ टाइगर का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है. इस घटना ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था और जेलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.