छत्तीसगढ़ के जंगलों और आदिवासी संस्कृति को बनाएंगे ग्लोबल टूरिज्म

छत्तीसगढ़ के जंगलों और आदिवासी संस्कृति को बनाएंगे ग्लोबल टूरिज्म

छत्तीसगढ़ के जंगलों की हरियाली, वहां की प्राचीन और समृद्ध आदिवासी संस्कृति तथा राज्य के अनछुए प्राकृतिक सौंदर्य को अब अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान मिलने जा रही है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार छत्तीसगढ़ को पर्यटन के मानचित्र पर एक ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है. इसी विजन को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इन दिनों सिंगापुर के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वे दुनिया भर के आधुनिक टूरिज्म मॉडल, तकनीकी नवाचारों और पर्यावरण-अनुकूल विकास रणनीतियों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं. इस हाई-प्रोफाइल दौरे का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के भीतर इको-टूरिज्म (पारिस्थितिकी पर्यटन) को बढ़ावा देना, आदिवासी जीवनशैली और कला को वैश्विक पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए और स्थायी अवसर पैदा करना है. छत्तीसगढ़ जैसे वन-आच्छादित राज्य के लिए यह दौरा मील का पत्थर साबित हो सकता है, क्योंकि सिंगापुर अपनी बेहतरीन शहरी हरियाली और सस्टेनेबल टूरिज्म के लिए पूरी दुनिया में एक मिसाल माना जाता है.

सिंगापुर के ग्लोबल टूरिज्म मॉडल से सीखेंगे छत्तीसगढ़ के विकास के नए गुर

सिंगापुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का वहां के प्रवासी भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठनों द्वारा भव्य स्वागत किया गया. अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों, कंजर्वेशन पार्कों और आधुनिक मनोरंजन तथा प्रकृति के समन्वय वाले क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया. उन्होंने सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों और वहां के ग्लोबल इन्वेस्टर्स के साथ उच्चस्तरीय बैठकें भी कीं, जिनमें इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि कैसे प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हरे-भरे सघन जंगल, कल-कल करती नदियां, झरने और विभिन्न वन्यजीव अभयारण्य मौजूद हैं, लेकिन आधुनिक सुविधाओं और वैश्विक प्रचार-प्रसार के अभाव में ये स्थल अभी तक देश-दुनिया की नजरों से थोड़े ओझल रहे हैं. सिंगापुर के तर्ज पर छत्तीसगढ़ के जंगलों में इको-लॉज, ट्री-हाउस, नेचर ट्रेल्स और एडवेंचर टूरिज्म की अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश के सैलानी यहां आकर प्रकृति के बीच एक अनोखा अनुभव प्राप्त कर सकें.

आदिवासी संस्कृति और कला को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की तैयारी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह सिंगापुर दौरा केवल पर्यावरण या जंगलों के पर्यटन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में छत्तीसगढ़ की मूल पहचान यानी उसकी अनूठी आदिवासी संस्कृति, लोक कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक खान-पान को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाना भी शामिल है. मुख्यमंत्री ने सिंगापुर में निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा और अन्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों की संस्कृति दुनिया के सबसे प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है. यहां के स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए जाने वाले बस्तरिया ढोकरा क्राफ्ट, टेराकोटा, बांस शिल्प और जैविक वनोपज उत्पादों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी बढ़ सकती है. सरकार की योजना है कि इको-टूरिज्म सेंटर्स के साथ-साथ 'एथनिक विलेज' यानी पारंपरिक आदिवासी गांवों की तर्ज पर टूरिस्ट विलेज बसाए जाएं, जहां पर्यटक सीधे जाकर आदिवासियों की जीवनशैली, उनके लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकें. इससे न केवल छत्तीसगढ़ की लोक कला का वैश्विक स्तर पर प्रचार होगा, बल्कि वहां के स्थानीय आदिवासी युवाओं को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ और सम्मानजनक रोजगार भी मिलेगा.

मुख्यमंत्री के इस दौरे से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

पर्यटन उद्योग किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था को बदलने की असीम क्षमता रखता है, और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसी क्षमता का पूरा दोहन करने के लिए सिंगापुर के अनुभवों का छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. इस दौरे के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कंपनियों और निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और वेलनेस सेंटर्स के क्षेत्र में निवेश करने को लेकर गहरी रुचि दिखाई है. सरकार का मानना है कि जब छत्तीसगढ़ के जंगलों और प्राकृतिक पर्यटक स्थलों पर विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार होगा, तो बड़े पैमाने पर विदेशी और घरेलू सैलानी राज्य का रुख करेंगे. इससे न केवल होटल और परिवहन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि गाइड, होमस्टे संचालक, हस्तशिल्प विक्रेता और स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के हजारों नए रास्ते खुलेंगे. मुख्यमंत्री ने अपने सिंगापुर प्रवास के दौरान वहां के निवेशकों को छत्तीसगढ़ आने का खुला निमंत्रण दिया और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव प्रशासनिक सहायता और पारदर्शी नीतियां प्रदान करेगी. छत्तीसगढ़ के जंगलों और संस्कृति को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की यह पहल आने वाले समय में राज्य की तस्वीर और तकदीर दोनों को पूरी तरह से बदल कर रख देगी.