छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली बच्चों और शिक्षकों को दिया दिवाली का बड़ा तोहफा
देशभर में इस बार दीपावली के पावन पर्व को लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं, और त्योहारों के इस उल्लास के बीच छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के स्कूली बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरों पर एक बड़ी मुस्कान ला दी है। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने दीपावली के अवकाश को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरा संशोधन आदेश जारी किया है। पहले जहां प्रशासनिक और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार दीपावली के अवसर पर स्कूलों में 6 नवंबर से 10 नवंबर तक यानी कुल 5 दिनों की छुट्टियों का प्रावधान तय किया गया था, वहीं अब सरकार ने बच्चों और शिक्षकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस अवकाश में एक दिन की और बढ़ोतरी कर दी है। इस ताजा संशोधन के बाद अब छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में दीपावली के मौके पर कुल 6 दिनों की लंबी छुट्टियां मिलेंगी, जिससे छात्र-छात्राएं और शिक्षक अपने परिवार के साथ बिना किसी जल्दबाजी के त्योहार का भरपूर आनंद उठा सकेंगे।
पहले तय कार्यक्रम में हुआ बदलाव, क्यों बढ़ाई गई छुट्टियों की संख्या?
अक्सर देखा जाता है कि दीपावली जैसे बड़े और पांच दिवसीय महापर्व के दौरान (धनतेरस से लेकर भाईदूज तक) दूर-दराज रहने वाले लोग और अपने घर से दूर शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षक अपने पैतृक गांवों और शहरों की ओर यात्रा करते हैं। ऐसे में 5 दिनों का अवकाश कई बार कम पड़ जाता था और आने-जाने की भागदौड़ में ही छुट्टियां खत्म हो जाती थीं। बच्चों, अभिभावक संघों और शिक्षक संगठनों द्वारा लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि त्योहारी सीजन की व्यस्तता और सुगम आवागमन को देखते हुए छुट्टियों के दायरे को थोड़ा और बढ़ाया जाए। राज्य सरकार ने जनभावनाओं और व्यावहारिक कठिनाइयों को गंभीरता से समझते हुए कैलेंडर में संशोधन किया और एक एक्स्ट्रा दिन की छुट्टी जोड़ने का फैसला लिया। सरकार के इस जनहितैषी कदम की हर तरफ सराहना हो रही है।
बच्चों और शिक्षकों को मिलेगा परिवार के साथ सुकून से समय बिताने का मौका
स्कूलों में 6 दिनों की लंबी छुट्टियां घोषित होने से सबसे ज्यादा खुशी नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चों के चेहरों पर साफ झलक रही है। लगातार पढ़ाई के बोझ और परीक्षाओं के तनाव के बीच यह ब्रेक बच्चों के लिए मानसिक ताजगी पाने का बेहतरीन जरिया साबित होगा। बच्चे अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ दीये जलाने, रंगोली बनाने, नए कपड़े खरीदने और मिठाइयों का लुत्फ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा, राज्यभर के सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले हजारों शिक्षकों को भी इस फैसले से बड़ी राहत मिली है। वे अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कर सकेंगे। दीपावली और गोवर्धन पूजा जैसे लोक पर्वों का असली आनंद तभी आता है जब व्यक्ति अपने परिवार के बीच बिना किसी समय सीमा के दबाव के मौजूद हो।
शिक्षा विभाग का आदेश जारी, सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए संशोधित आदेश को राज्य के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रदेश के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश भेज दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाएं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथियों के दौरान यदि कोई स्कूल खुला पाया जाता है या नियमों की अनदेखी की जाती है, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। इस आधिकारिक पुष्टि के बाद स्कूलों में पढ़ाई का शेड्यूल भी तदनुसार समायोजित कर लिया गया है ताकि छुट्टियों के बाद कोर्स पूरा करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
त्योहारी बाजार और आर्थिक गतिविधियों को भी मिलेगी एक नई गति
जब स्कूलों में लगातार 6 दिनों की छुट्टियां होती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव केवल घरों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापार और आर्थिकी को भी मिलता है। बच्चे और उनके परिवार छुट्टियों के दौरान बाजारों में खरीदारी के लिए अधिक समय निकाल पाते हैं। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव और जगदलपुर सहित छत्तीसगढ़ के तमाम छोटे-बड़े बाजारों में कपड़ों, दीपों, पटाखों, सजावटी सामानों और उपहारों की दुकानों पर रौनक अभी से बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दी गई इस एक दिन की अतिरिक्त छुट्टी ने न केवल बच्चों और शिक्षकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, बल्कि पूरे राज्य में दीवाली के इस पावन पर्व के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है।