रायपुर के बाजार गुलजार, जानिये सोने-चांदी और बर्तन की खरीदारी क्यों है शुभ

रायपुर के बाजार गुलजार, जानिये सोने-चांदी और बर्तन की खरीदारी क्यों है शुभ

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला पावन पर्व धनतेरस (धन्वंतरि जयंती) देश भर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी भारी उमंग और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। धनतेरस के इस बेहद शुभ अवसर पर रायपुर के गोल बाजार, मालवीय रोड, पंडरी, सदर बाजार और कटोरा तालाब जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र ग्राहकों की भारी भीड़ से पूरी तरह गुलजार हो चुके हैं। मान्यता है कि इस दिन देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरि, धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और आरोग्य का वास होता है। इस शुभ दिन पर सोना, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। यदि आप भी इस पावन अवसर पर खरीदारी करने और पूजा की तैयारी में जुटे हैं, तो आइए जानते हैं रायपुर के बाजारों का हाल, खरीदारी का सही समय और पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त।

रायपुर के सर्राफा और बर्तन बाजारों में बंपर रौनक, धनतेरस पर खरीदारी क्यों मानी जाती है बेहद शुभ?

रायपुर के ऐतिहासिक सदर बाजार और मालवीय रोड के सर्राफा आभूषण शोरूम्स में सुबह से ही खरीदारों का तांता लगा हुआ है। व्यापारी संघों के अनुसार, इस बार धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्कों, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों और पारंपरिक आभूषणों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की जा रही है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक त्रयोदशी के दिन ही भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए थे। चूंकि वे कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन धातु के बर्तन, विशेषकर पीतल और तांबे के बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक विद्वानों का कहना है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई कोई भी वस्तु या संपत्ति घर में 13 गुना वृद्धि लाती है, यही वजह है कि लोग बर्तन और सर्राफा की खरीदारी को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं।

धनतेरस 2026 पूजा और खरीदारी का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त: जानें किस समय करें खरीदारी

ज्योतिषियों और पंचांग गणना के अनुसार, धनतेरस के दिन पूजा और खरीदारी के लिए शुभ चौघड़िया व स्थिर लग्न का होना अति आवश्यक माना जाता है। इस वर्ष त्रयोदशी तिथि के दौरान रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में पूजा व खरीदारी के प्रमुख शुभ समय की समय-सारणी इस प्रकार है:

पूजन व खरीदारी मद प्रारंभ समय समाप्ति समय
धन्वंतरि व कुबेर पूजा मुहूर्त शाम 06:15 बजे रात 08:10 बजे
प्रदोष काल (लक्ष्मी पूजन) शाम 05:45 बजे रात 08:20 बजे
वृषभ लग्न (स्थिर लग्न) शाम 06:25 बजे रात 08:22 बजे
सोना-चांदी व बर्तन खरीदारी मुहूर्त दोपहर 12:30 बजे रात 09:30 बजे

धनतेरस की शाम यमदीप दान की परंपरा, ऐसे करें घर में सुख-शांति की स्थापना

धनतेरस की शाम को केवल खरीदारी और महालक्ष्मी पूजन ही नहीं किया जाता, बल्कि अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए 'यमदीपम' (यमराज के नाम दीपदान) की भी विशेष धार्मिक परंपरा है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके आटे का चौमुखी दीपक जलाया जाता है, जिसमें पुराना सिक्का और सरसों का तेल डाला जाता है। इसे यमराज का दीपक कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मुख्य द्वार पर यमदीप जलाने से परिवार के सदस्यों को निरोगी काया मिलती है और अकाल मृत्यु का भय हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। रायपुर के प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर भी धन्वंतरि पूजन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जहां श्रद्धालु आरोग्य और समृद्धि की कामना के साथ दीप जला रहे हैं।