नीट मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी पर NSUI का आज कलेक्ट्रेट घेराव, IGKV में नोटों की माला पहनकर किया अनोखा प्रदर्शन

नीट मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी पर NSUI का आज कलेक्ट्रेट घेराव, IGKV में नोटों की माला पहनकर किया अनोखा प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहाँ मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़े नीट (NEET) की मेरिट लिस्ट में भारी अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप लगाए जा रहे हैं। राज्य में चिकित्सा शिक्षा के प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों के बीच भारी असंतोष व्याप्त है, जिसके बाद अब छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने सरकार और संबंधित प्राधिकरण के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के तहत आज रायपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने का बड़ा ऐलान किया गया है, जिसमें हजारों की संख्या में छात्र और युवा नेता शामिल होकर अपना कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के चलते योग्य और मेधावी छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है, जिससे पूरे प्रदेश के शैक्षणिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में हुआ अनोखा और जोरदार हंगामा

एक तरफ जहाँ मेडिकल प्रवेश परीक्षा की मेरिट लिस्ट को लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय यानी IGKV में भी छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। हाल ही में यूनिवर्सिटी के बीएससी द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) का पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद छात्रों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। इसी बीच, विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने भ्रष्टाचार और लचर प्रशासनिक व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए एक अनोखा तरीका अपनाया, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने नोटों की माला पहनकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही और कथित तौर पर चल रही अनियमितताओं के कारण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पेपर लीक और मेरिट सूची में गड़बड़ी से छात्रों का भविष्य दांव पर

छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक संस्थानों में पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रही धांधलियों और पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और उनके अभिभावकों की नींद उड़ा दी है। चाहे वह कृषि विश्वविद्यालय का लीक हुआ पेपर हो या फिर नीट की मेरिट लिस्ट में संभावित फेरबदल, दोनों ही मामलों ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सालों-साल दिन-रात कड़ी मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा जब इन प्रशासनिक चूकों के कारण खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं, तो उनका गुस्सा सड़कों पर फूटना लाजिमी हो जाता है। छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह की गड़बड़ियां होना असंभव है, इसलिए इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके।

उग्र प्रदर्शन की चेतावनी और पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद तैयारियां

आज होने वाले एनएसयूआई के इस विशाल प्रदर्शन को देखते हुए रायपुर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्ट्रेट कार्यालय और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था बिगड़ने की नौबत से निपटा जा सके। भारी संख्या में पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी छात्र संगठन के नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में संज्ञान लेकर पारदर्शी जांच के आदेश नहीं देते और दोषियों को बेनकाब नहीं करते, तब तक उनका यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करता रहेगा। छत्तीसगढ़ की राजनीति और छात्र संगठनों की इस सक्रियता ने राज्य सरकार की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

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