कोरबा न्यूज: तरदा और कुदुरमाल एनीकट में फिर दिखा खूंखार मगरमच्छ, स्थानीय ग्रामीणों में फैली दहशत
छत्तीसगढ़ के कोरबा (Korba) जिले से एक बार फिर सनसनीखेज और डराने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने स्थानीय नदी किनारे रहने वाले लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। जिले के प्रसिद्ध तरदा और कुदुरमाल एनीकट (Tarda and Kudurmala Anicut) के आसपास के इलाकों में एक बार फिर विशालकाय मगरमच्छ को खुलेआम घूमते हुए देखा गया है। मगरमच्छ के लगातार दिखाई देने से नदी के करीब रहने वाले ग्रामीणों और मवेशी चराने वालों के बीच भारी दहशत का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि पानी का जलस्तर बढ़ने और भोजन की तलाश में ये जलीय जीव अक्सर रिहायशी इलाकों के करीब आ जाते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी अनहोनी होने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों में खौफ और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता
तरदा और कुदुरमाल क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार मगरमच्छ को पानी से बाहर धूप सेकते हुए या एनीकट के पत्थरों पर आराम करते हुए देखा है। इस इलाके के पास से लगातार लोगों का आना-जाना लगा रहता है, और ग्रामीण अक्सर दैनिक कार्यों या नहाने के लिए नदी के घाटों पर जाते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और माता-पिता अपने बच्चों को नदी के आसपास जाने से सख्त मना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या को लेकर संबंधित प्रशासन और वन विभाग के सामने अपनी चिंता जाहिर की है ताकि समय रहते कोई ठोस कदम उठाया जा सके।
वन विभाग की टीम हुई अलर्ट, इलाके में लगातार बढ़ाई गई गश्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोरबा वन विभाग (Korba Forest Department) की टीम तुरंत हरकत में आ गई है। वन अधिकारियों ने नदी किनारे के सभी संवेदनशील बिंदुओं पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। विभाग की रेस्क्यू टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है ताकि मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उसे सुरक्षित तरीके से गहरे पानी या किसी सुरक्षित प्राकृतिक आवास की ओर खदेड़ा जा सके। प्रशासन ने आसपास के सभी गांवों में मुनादी करवाकर लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल नदी के पानी में उतरने से पूरी तरह बचें।