बस्तर में नक्सलवाद की कमर तोड़ने वाले IPS पी. सुंदरराज को NIA में मिली महा-जिम्मेदारी, आंतरिक सुरक्षा होगी और मजबूत
भारत सरकार के गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा कॉरिडोर्स से इस वक्त की बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। आतंकवाद, देश विरोधी ताकतों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों की जांच करने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित एजेंसी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण यानी एनआईए (NIA) में एक बेहद महत्वपूर्ण और कद्दावर अधिकारी की एंट्री हुई है। छत्तीसगढ़ कैडर के बेहद तेजतर्रार, जांबाज और अनुभवी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी. सुंदरराज (IPS P Sundarraj) को केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ी और नई जिम्मेदारी सौंपते हुए एनआईए में शामिल किया है। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों, विशेषकर बस्तर (Bastar) संभाग में माओवादियों और नक्सली नेटवर्क को नेस्तनाबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले इस जांबाज पुलिस अफसर की एनआईए में तैनाती के बाद से ही देश के सुरक्षा तंत्र में भारी हलचल देखी जा रही है।
जानिए कौन हैं पी. सुंदरराज और क्यों माना जाता है इन्हें संकटमोचक पुलिस अफसर
आईपीएस पी. सुंदरराज भारतीय पुलिस सेवा के एक बेहद सम्मानित और रणनीतिक सोच रखने वाले अधिकारी हैं। मूल रूप से छत्तीसगढ़ कैडर के रहने वाले सुंदरराज ने राज्य के सबसे चुनौतीपूर्ण और खूंखार नक्सली मोर्चों पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG Bastar Range) के रूप में उनके कार्यकाल को इतिहास में सबसे सफल ऑपरेशन्स के लिए जाना जाता है। उन्होंने न केवल जंगलों के भीतर घुसकर बड़े-बड़े माओवादी कमांडरों को मार गिराया, बल्कि भटके हुए आदिवासियों और स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई बेहतरीन और मानवीय अभियान भी चलाए। उनकी इसी बेजोड़ रणनीतिक सूझबूझ और देश के प्रति उनके अटूट समर्पण को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की इस शीर्ष सुरक्षा एजेंसी में उन्हें इतनी बड़ी कमान सौंपी है।
बस्तर में नक्सलवाद को घुटनों पर लाने और माओवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने में निभाया अहम रोल
छत्तीसगढ़ की भौगोलिक और सुरक्षा स्थितियों को करीब से समझने वाले रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पी. सुंदरराज का एनआईए में जाना देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित होगा। बस्तर संभाग में उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ कई ऐतिहासिक और निर्णायक लड़ाइयां लड़ीं, जिससे माओवादियों का गढ़ कहा जाने वाला यह इलाका अब पूरी तरह से शांति और विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने नक्सलियों के लॉजिस्टिक्स, हथियारों की सप्लाई चेन और अर्बन नक्सल नेटवर्क (Urban Naxal Network) को तोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र को बेहद मजबूत किया था। अब एनआईए में आने के बाद, वे देश भर में फैले टेरर फंडिंग, वामपंथी उग्रवाद और राष्ट्र विरोधी ताकतों के खिलाफ वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जांच और अभियानों का खाका तैयार करेंगे।
नई दिल्ली के गृह मंत्रालय से लेकर छत्तीसगढ़ और लखनऊ तक इस बड़ी नियुक्ति की गूंज
इस हाई-प्रोफाइल और महत्वपूर्ण नियुक्ति की खबर सामने आते ही देश की राजधानी नई दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय से लेकर छत्तीसगढ़ के पुलिस मुख्यालय (PHQ) और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुरक्षा और प्रशासनिक महकमे तक भारी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस कप्तानों और खुफिया अधिकारियों का मानना है कि पी. सुंदरराज जैसे फील्ड ऑफिसर की केंद्रीय एजेंसी में मौजूदगी से राज्यों और केंद्र के बीच खुफिया इनपुट्स (Intelligence Inputs) का तालमेल और अधिक मजबूत होगा। आज के इस आधुनिक डिजिटल और एआई (AI) संचालित युग में गूगल डिस्कवर और जनरेटिव सर्च इंजनों पर 'आईपीएस पी सुंदरराज एनआईए अपॉइंटमेंट' और 'छत्तीसगढ़ बस्तर आईजी न्यू पोस्टिंग' को लेकर देश भर के नागरिक और सुरक्षा प्रेमी लगातार सर्च कर रहे हैं। अब देखना होगा कि एनआईए की इस नई और बड़ी कमान को संभालने के बाद देश विरोधी ताकतों के खिलाफ उनकी अगली बड़ी रणनीति क्या होती है।