गोवर्धन पूजा पर अब रहेगी सार्वजनिक छुट्टी, पहले ऐच्छिक अवकाश की सूची में था शामिल

गोवर्धन पूजा पर अब रहेगी सार्वजनिक छुट्टी, पहले ऐच्छिक अवकाश की सूची में था शामिल

कर्मचारियों, शिक्षकों और आम जनता के लिए राज्य सरकार की ओर से एक बड़ा और राहतभरा फैसला सामने आया है। सरकार ने अपने पूर्व में जारी किए गए छुट्टी के कैलेंडर (Holiday Calendar) में संशोधन करते हुए बड़ा बदलाव किया है। अब लोक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक 'गोवर्धन पूजा' (Govardhan Puja) के पावन अवसर पर प्रदेश भर में पूर्ण 'सार्वजनिक अवकाश' (Public Holiday) रहेगा। सरकार द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के बाद अब राज्य के सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज, बोर्ड, निगम और वित्तीय संस्थान गोवर्धन पूजा के दिन पूरी तरह से बंद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में जारी छुट्टियों की सूची में गोवर्धन पूजा को केवल 'ऐच्छिक अवकाश' (Restricted/Optional Holiday) की श्रेणी में रखा गया था, जिसे लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों, जन प्रतिनिधियों और धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगातार आपत्ति जताई जा रही थी। जनभावनाओं और धार्मिक महत्व का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर इस पुराने आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर नया शासनादेश लागू कर दिया गया है।

#1 पुराने आदेश में क्या था और क्यों उठ रही थी सार्वजनिक छुट्टी की मांग?

राज्य सरकार द्वारा वर्ष की शुरुआत में जारी आधिकारिक कैलेंडर में दीवाली के अगले दिन मनाई जाने वाली गोवर्धन पूजा को प्रतिबंधित या ऐच्छिक अवकाश की सूची में दर्ज किया गया था। ऐच्छिक अवकाश होने का सीधा मतलब यह था कि कर्मचारियों को इस दिन छुट्टी लेने के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था और संस्थानों का सामान्य कामकाज जारी रहता था। इस व्यवस्था से प्रदेश भर के लाखों सरकारी और निजी कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दीवाली की रात देर तक चलने वाले पूजा-अर्चना के बाद अगले ही दिन गोवर्धन पूजा का प्रमुख धार्मिक उत्सव होता है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण और प्रकृति की पूजा का विशेष महत्व है। विभिन्न शिक्षक संघों, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और समाज के प्रबुद्ध वर्गों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस ऐच्छिक अवकाश को अनिवार्य सार्वजनिक अवकाश में बदलने की पुरजोर मांग की थी।

#1 शासन का नया फरमान: संशोधित कैलेंडर जारी, इन संस्थानों में रहेगी पूर्ण तालाबंदी

कर्मचारी संगठनों और जनप्रतिनिधियों के दबाव तथा धार्मिक मान्यताओं की महत्ता को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही पुराना आदेश वापस ले लिया गया और गोवर्धन पूजा को 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' (NI Act) के तहत पूर्ण सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया। सरकार के इस नए आदेश के लागू होते ही अब गोवर्धन पूजा के दिन राज्य के सभी प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय, बैंक, कलेक्ट्रेट, तहसील दफ्तर और अन्य प्रशासनिक कार्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे। शासन ने सभी विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों (DM) को संशोधित आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

#1 गोवर्धन पूजा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: प्रकृति और पशुधन के संरक्षण का पर्व

भारतीय संस्कृति में दीवाली का पांच दिवसीय महापर्व अत्यंत पवित्र माना जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा का त्योहार सीधे तौर पर भगवान श्री कृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार को तोड़ने और ब्रजवासियों को मूसलाधार बारिश से बचाने के लिए 'गोवर्धन पर्वत' को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर धारण करने की पौराणिक घटना से जुड़ा है। इस दिन गांवों से लेकर शहरों तक घर-घर और मंदिरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उनकी पूजा की जाती है, अन्न्कूट का भोग लगाया जाता है और प्रकृति व गोवंश (पशुधन) की सेवा तथा संरक्षण का संकल्प लिया जाता है। उत्तर भारत विशेषकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा में इस पर्व की अभूतपूर्व धूम रहती है, ऐसे में सार्वजनिक छुट्टी घोषित होने से लोग अब अपने परिवार के साथ इस लोक पर्व को संपूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ मना सकेंगे।

#1 सरकारी कर्मचारियों और शिक्षक संघों ने सरकार के फैसले का किया जोरदार स्वागत

정부 (सरकार) द्वारा पुराने आदेश में बदलाव कर गोवर्धन पूजा पर पूर्ण अवकाश घोषित करने के फैसले का प्रदेश भर के कर्मचारी संगठनों, शिक्षक संघों और आम जनता ने खुलकर स्वागत किया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार ने जनभावनाओं का आदर करते हुए एक अत्यंत सराहनीय और व्यावहारिक निर्णय लिया है। दीवाली के तुरंत बाद काम पर लौटने के दबाव से अब कर्मचारियों और शिक्षकों को मुक्ति मिलेगी, जिससे वे अपने पैतृक गांवों और शहरों में जाकर पूरे परिवार के साथ इस पारंपरिक उत्सव का हिस्सा बन सकेंगे। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस निर्णय को अपनी सनातन परंपराओं को प्रोत्साहन देने वाला कदम करार दिया है।

#1 त्योहारी सीजन में आम जनता को बड़ी राहत, आधिकारिक आदेश की कॉपी सभी जिलों में भेजी गई

इस नए संशोधन के बाद अब दीवाली से लेकर भैया दूज तक का त्योहारी सीजन आम जनता और सरकारी अमले के लिए और भी ज्यादा खुशनुमा हो गया है। लगातार पड़ने वाली छुट्टियों के कारण लोगों को अपने परिजनों के साथ त्योहार मनाने और यात्रा करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने आधिकारिक पत्र जारी करते हुए सभी जिला पुलिस अधीक्षकों, मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि इस संशोधन को तुरंत अपने-अपने विभागों के सूचना पट्ट (Notice Board) पर प्रदर्शित करें ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति पैदा न हो।