'कांग्रेस छोड़कर बाकी सभी पार्टियों की दुकानदारी हो रही बंद

'कांग्रेस छोड़कर बाकी सभी पार्टियों की दुकानदारी हो रही बंद

छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों बयानों का तीर और सियासी घमासान अपने चरम पर पहुंच गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जुबान फिसलने से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार हमला बोला है। दरअसल, एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जुबान फिसल गई और उन्होंने भाजपा के स्थान पर कांग्रेस का नाम लेते हुए कह दिया कि "कांग्रेस को छोड़कर बाकी सभी राजनीतिक दलों की दुकानदारी बंद हो रही है"। इस वीडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद कांग्रेस खेमे को भाजपा और राज्य सरकार पर तंज कसने का एक बड़ा मौका मिल गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आक्रामक रुख और जनमुद्दों को उठाने की वजह से भाजपा के शीर्ष नेताओं से लेकर मुख्यमंत्रियों तक की 'लाइन और लेंथ' पूरी तरह बिगड़ चुकी है।

#1 सीएम विष्णुदेव साय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, कांग्रेस ने बनाया निशाना

छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में हुए विभिन्न राजनीतिक और विकास कार्यक्रमों के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का एक संक्षिप्त वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। कार्यक्रम के दौरान भाषण देते वक्त सीएम साय कहना तो भाजपा की उपलब्धियों और विरोधी दलों के खत्म होते जनाधार के बारे में चाहते थे, लेकिन प्रवाह में उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने बोल दिया कि कांग्रेस पार्टी को छोड़कर बाकी सभी राजनीतिक दलों का अस्तित्व और दुकानदारी बंद होने की कगार पर है। इस जुबानी चूक (Slip of tongue) को पकड़ते हुए कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल और वरिष्ठ नेताओं ने वीडियो को तुरंत री-पोस्ट करना शुरू कर दिया और इसे भाजपा का 'सच्चा आत्मस्वीकार' करार दे दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जो बात भाजपा नेताओं के दिल और अवचेतन मन में है, वही बात अब धोखे से उनकी जुबान पर आने लगी है।

#1 'नंबर 1 और 2 सहित सबकी नींद उड़ी', पूर्व सीएम भूपेश बघेल का भाजपा पर बड़ा हमला

मुख्यमंत्री के वायरल बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर करते हुए भाजपा के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व पर निशाना साधा। बघेल ने लिखा कि आजकल केंद्र के 'नंबर 1 और नंबर 2' (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह) से लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक सबकी नींद उड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह से देश के ज्वलंत मुद्दों, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए मुखर होकर आवाज उठा रहे हैं, उसने भाजपा की पूरी रणनीतिक लाइन और लेंथ को ध्वस्त कर दिया है। बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के नेता बौखलाहट में ऐसे बयान दे रहे हैं जो उनके आंतरिक डर और आने वाले राजनीतिक बदलाव की आहट को साफ दर्शाते हैं।

#1 मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक बयानों की चूक पर सियासत तेज

भूपेश बघेल ने केवल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के बयान पर ही तंज नहीं कसा, बल्कि हाल ही में पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और अन्य भाजपा शासित प्रदेशों में हुए बयानों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में मध्य प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने नारेबाज़ी के दौरान बयानों में गड़बड़ी देखी गई थी। इसी तरह राजनांदगांव में भाजपा-आरएसएस से जुड़े नेताओं के विवादित बयानों का जिक्र करते हुए बघेल ने दावा किया कि भाजपा नेताओं का संतुलन बिगड़ चुका है। उन्होंने कहा कि जब कोई राजनीतिक दल देश की वास्तविक समस्याओं—जैसे बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक विभाजन—का जवाब नहीं दे पाता, तो उसके नेताओं की जुबान का फिसलना और दिशाहीन बयानबाजी करना स्वाभाविक हो जाता है।

#1 उपमुख्यमंत्री अरुण साव का पलटवार: 'कांग्रेस नगरीय निकाय चुनावों में पहले ही मान चुकी है हार'

दूसरी तरफ, कांग्रेस और भूपेश बघेल के आक्रामक बयानों पर पलटवार करते हुए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। मीडिया से बातचीत करते हुए अरुण साव ने कहा कि किसकी लाइन-लेंथ बिगड़ी है और कौन राजनीति से गायब हो रहा है, यह पूरा देश भली-भांति देख रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बेफिजूल के आरोप लगाने और जुबान फिसलने जैसे सामान्य घटनाक्रमों पर राजनीति करने में लगी हुई है। अरुण साव ने दावा किया कि राज्य में होने वाले आगामी 17 नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस अपनी तय हार को देखकर बौखला गई है और हार के बहाने तलाशने के लिए इस तरह की बयानबाजी का सहारा ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस नेता (राहुल गांधी) के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार दर्जनों चुनाव हार चुकी है, देश की जनता उन पर अब कोई भरोसा नहीं करती है।

#1 जनता की नजर और छत्तीसगढ़ के भावी राजनीतिक समीकरण

छत्तीसगढ़ में इस तरह का जुबानी घमासान और बयानों की खींचतान आने वाले दिनों में और तेज होने की पूरी संभावना है। जहां एक ओर कांग्रेस मुख्यमंत्री के वायरल वीडियो को जनता के बीच यह कहकर भुनाने की कोशिश कर रही है कि यह भाजपा की घटती साख का प्रमाण है, वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे महज एक आम बोलचाल की मानवीय त्रुटि मानकर खारिज कर रही है और अपने विकास कार्यों व सुशासन के एजेंडे पर कायम है। राज्य के आम मतदाताओं और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस सियासी नूराकुश्ती और वीडियो वॉर का आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर क्या असर पड़ता है।