'दिल से' की शूटिंग का वो खौफनाक मंजर, जब डलहौजी की ढलान पर बाल-बाल बची थीं अभिनेत्री मीता वशिष्ठ

'दिल से' की शूटिंग का वो खौफनाक मंजर, जब डलहौजी की ढलान पर बाल-बाल बची थीं अभिनेत्री मीता वशिष्ठ

बॉलीवुड के 'किंग खान' यानी शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) अपनी ऑन-स्क्रीन बेहतरीन एक्टिंग, रोमांटिक अंदाज और दरियादिली के लिए तो पूरी दुनिया में जाने ही जाते हैं, लेकिन असल जिंदगी में भी वे कई बार अपने साथी कलाकारों के लिए असली हीरो साबित हुए हैं। बॉलीवुड और थिएटर जगत की जानी-मानी दिग्गज अभिनेत्री मीता वशिष्ठ (Mita Vashisht) ने हाल ही में शाह रुख खान के साथ जुड़ी एक ऐसी चौंकाने वाली और दिल को छू लेने वाली घटना का खुलासा किया है, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। साल 1998 में रिलीज हुई निर्देशक मणिरत्नम की क्लासिक फिल्म 'दिल से' (Dil Se) की शूटिंग के दौरान शाह रुख खान ने एक खतरनाक हादसे से मीता वशिष्ठ की जान बचाई थी। डलहौजी की कड़ाके की ठंड और खड़ी ढलान पर हुई इस घटना को याद करते हुए अभिनेत्री आज भी भावुक हो जाती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि 'दिल से' के सेट पर शाह रुख खान और मीता वशिष्ठ के बीच का वह डरावना और यादगार किस्सा क्या था।

जब फाइट सीक्वेंस के दौरान शाह रुख खान ने रखा को-स्टार का पूरा ख्याल

अभिनेत्री मीता वशिष्ठ और शाह रुख खान ने मणिरत्नम की कल्ट क्लासिक फिल्म 'दिल से' में साथ काम करने से पहले 'द इडियट' (The Idiot) में भी साथ काम किया था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान मीता ने उस पुराने दौर को याद करते हुए बताया कि जब वे 'दिल से' के सेट पर दोबारा शाह रुख से मिलीं, तो सुपरस्टार ने उनका बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया और पूरी शूटिंग के दौरान एक सह-कलाकार के रूप में उनका विशेष ध्यान रखा।

मीता ने एक एक्शन और फाइट सीक्वेंस से जुड़ा किस्सा साझा करते हुए बताया कि हालांकि उस सीन को बाद में फिल्म के फाइनल कट से हटा दिया गया था, लेकिन शूटिंग के दौरान शाह रुख का पेशेवर रवैया और दरियादिली गजब की थी। उन्होंने बताया, "जब भी एक्शन सीक्वेंस के दौरान शाह रुख को मुझे किसी पत्थर की दीवार की तरफ धकेलना होता था, तो वे अपना हाथ बहुत सावधानी से मेरे सिर के पीछे लगा लेते थे ताकि मुझे जरा सी भी चोट न लगे।" उन्होंने शाह रुख को एक बेहतरीन और केयरिंग को-स्टार बताया। हालांकि, उसी सीक्वेंस के दौरान एक बार गलती से मीता के हाथ से एक छोटा सा पत्थर छूट गया था जो सीधे शाह रुख के सिर पर जा लगा और उन्हें चोट आ गई थी, लेकिन इसके बावजूद सुपरस्टार ने बहुत ही प्यार और बड़प्पन से बात संभाली थी और शूटिंग जारी रखी थी।

डलहौजी की बर्फीली वादियां और वो खौफनाक पल जब ढलान पर फिसल गईं अभिनेत्री

इस साधारण शूटिंग के अलावा एक ऐसा भयानक वाकया भी हुआ जिसने अभिनेत्री मीता वशिष्ठ की सांसें थमा दी थीं। यह घटना हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन डलहौजी की है, जहां फिल्म के एक महत्वपूर्ण दृश्य की शूटिंग चल रही थी। उस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही थी और सीन के अनुसार मीता के हाथ में एक भारी-भरकम एके-47 (AK-47) बंदूक थी। उन्हें शाह रुख खान को आंखों पर पट्टी बांधकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाना था।

उस भयानक ठंड और बर्फीले माहौल को याद करते हुए मीता ने बताया, "हमें जो जूते दिए गए थे, उनके तलवे प्लास्टिक के थे, जिसके कारण हमें अपने पैरों के नीचे जमीन का सही से अहसास नहीं हो पा रहा था। निर्देशक मणिरत्नम लगातार चिल्ला रहे थे—'पीछे जाओ, पीछे जाओ, पीछे जाओ।' इसलिए मैं बहुत संभलकर छोटे-छोटे कदम रखते हुए पीछे की तरफ बढ़ रही थी।" लेकिन तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। मीता ने बताया कि उन्हें अचानक ऐसा महसूस हुआ जैसे वे आसमान की तरफ देख रही हैं और नीचे गिर रही हैं। असल में, वे पीछे चलते-चलते एक बहुत ही खड़ी ढलान (Steep Cliff) के बिल्कुल मुहाने पर पहुंच गई थीं और बस खाई में गिरने ही वाली थीं।

जैकेट पकड़कर शाह रुख खान ने खींचा पीछे, टल गया एक बड़ा हादसा

उस जानलेवा और खौफनाक पल में भगवान बनकर शाह रुख खान ने फूर्ती दिखाई। जैसे ही मीता वशिष्ठ ढलान से नीचे फिसलने लगीं, शाह रुख ने तुरंत आगे बढ़कर उनकी जैकेट कसकर पकड़ ली और उन्हें अपनी तरफ खींच लिया।

इस घटना को याद करते हुए मीता वशिष्ठ ने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, "उस दिन सच कहूं तो शाह रुख ने मेरी जान बचा ली थी। हाथ में भारी बंदूक का वजन और सामने गहरी ढलान, अगर वे मुझे उस वक्त न पकड़ते तो मैं नीचे खाई में गिर जाती और वहां मुझे संभालने वाला कोई नहीं था। पता नहीं क्या भयानक हादसा हो जाता, लेकिन उनकी गजब की फुर्ती और सतर्कता की वजह से एक बहुत बड़ी अनहोनी टल गई।"

मणिरत्नम की मास्टरपीस फिल्म 'दिल से' की यादें

वर्ष 1998 में आई रोमांटिक थ्रिलर फिल्म 'दिल से' भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में गिनी जाती है, जिसे मणिरत्नम ने लिखा और निर्देशित किया था। इस फिल्म में शाह रुख खान के साथ मनीषा कोइराला और प्रीति जिंटा ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। फिल्म की कहानी अमर (शाह रुख खान) नाम के एक रेडियो पत्रकार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे एक रहस्यमयी लड़की मेघना से प्यार हो जाता है, लेकिन बाद में उसे पता चलता है कि मेघना के अतीत में कई खतरनाक राज दफन हैं। पर्दे पर अपनी बेहतरीन अदाकारी से इतिहास रचने वाली यह फिल्म अपने मेकिंग के दौरान कलाकारों के बीच हुए ऐसे तमाम अनसुने किस्सों के लिए भी हमेशा याद रखी जाती है।