दुर्ग में ईडी की बड़ी दबिश: रियल एस्टेट कारोबारी विश्वास गुप्ता और सजल जैन के ठिकानों पर कार्रवाई

दुर्ग में ईडी की बड़ी दबिश: रियल एस्टेट कारोबारी विश्वास गुप्ता और सजल जैन के ठिकानों पर कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के दुर्ग और भिलाई इलाके में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया है। केंद्रीय एजेंसी की टीमों ने शहर के जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारियों विश्वास गुप्ता और सजल जैन के ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी है। सुबह-सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई से स्थानीय व्यावसायिक और राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वित्तीय अनियमितताओं, टैक्स चोरी और भूमि सौदों में गड़बड़ी की शिकायतों के आधार पर यह छापेमारी की जा रही है, जिसमें दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच की जा रही है।

सुबह तड़के शुरू हुई छापेमारी और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ईडी के अधिकारी और कर्मचारी भारी पुलिस बल के साथ दुर्ग और भिलाई क्षेत्र में स्थित विश्वास गुप्ता और सजल जैन के आवास, दफ्तरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पहुंचे। कार्रवाई की गोपनीयता बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के बजाय केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को तैनात किया गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडियाकर्मी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। टीम के सदस्यों द्वारा संबंधित ठिकानों पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और बैंक खातों, लॉकरों तथा संपूरक दस्तावेजों की फाइलें खंगाली जा रही हैं।

रियल एस्टेट कारोबार और वित्तीय लेनदेन पर जांच की सुई

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े पैमाने पर हो रहे निवेश और वित्तीय लेन-देन को लेकर केंद्रीय एजेंसियों की नजर लगातार बनी हुई है। विश्वास गुप्ता और सजल जैन का नाम क्षेत्र के बड़े बिल्डर्स और कारोबारियों में शुमार है। आरोप है कि संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और बड़े प्रोजेक्ट्स के विकास में नियमों को ताक पर रखकर अघोषित आय का निवेश किया गया है। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कारोबार के पीछे कौन-कौन से वित्तीय नेटवर्क जुड़े हुए हैं और क्या इसमें किसी प्रकार की मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) को अंजाम दिया गया है।

दस्तावेजों की स्कैनिंग और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया

छापेमारी के दौरान ईडी की तकनीकी विंग भी सक्रिय नजर आ रही है, जो कारोबारियों के कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और सर्वर से डेटा रिकवर करने और वित्तीय लेन-देन के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। इसके अलावा, संपत्तियों के मूल्यांकन और पिछले कुछ वर्षों के इनकम टैक्स रिटर्न की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है ताकि वास्तविक आय और खर्च के बीच के अंतर को स्पष्ट किया जा सके।

स्थानीय व्यवसायियों में मचा हड़कंप और आगे की कार्रवाई

दुर्ग-भिलाई में रियल एस्टेट दिग्गजों पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद से शहर के अन्य कारोबारियों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि इस रेड के बाद आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ईडी की यह कार्रवाई देर शाम तक या अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिसके पूरा होने के बाद ही एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रेस नोट जारी किया जाएगा। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस छापेमारी में एजेंसी को क्या कुछ हाथ लगता है।

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