शराब के नशे में 6 घंटे तक 150 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, मिन्नतों के बाद आखिरकार नीचे उतरा युवक

शराब के नशे में 6 घंटे तक 150 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, मिन्नतों के बाद आखिरकार नीचे उतरा युवक

उत्तर प्रदेश के किसी स्थानीय रिहायशी इलाके से एक ऐसा सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने प्रशासन, पुलिस और वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की सांसें घंटों तक अटकाए रखीं। नशे में धुत एक युवक अचानक अपनी सुधबुध खो बैठा और किसी फिल्मी सीन की तरह सीधे लगभग 150 फीट ऊंचे बिजली के एक खतरनाक हाईटेंशन टावर पर जा चढ़ा। इतनी अधिक ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा के बैठे उस युवक को देखकर नीचे खड़े लोगों के रोंगटे खड़े हो गए, क्योंकि एक छोटी सी चूक या संतुलन बिगड़ने से उसकी जान जा सकती थी। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर दौड़ पड़ा और इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। करीब 6 घंटे तक चले इस लंबे और तनावपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस अधिकारियों और युवक के परिवार वालों ने लगातार उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारने की कोशिश जारी रखी। आखिरकार लंबी मान-मव्वल और प्रशासनिक सूझबूझ के बाद वह शराबी युवक टावर से सुरक्षित नीचे उतर आया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस अजीबोगरीब और खतरनाक घटना ने एक तरफ जहां लोगों को हंसाया और हैरान किया, वहीं दूसरी तरफ शराब के नशे में इस तरह की खतरनाक हरकतें करने वाले लोगों की मानसिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शराब के नशे में धुत युवक का खौफनाक कारनामा और 150 फीट की ऊंचाई

घटना की शुरुआत तब हुई जब अचानक एक सिरफिरे युवक ने शराब के नशे में चूर होकर अपनी जिंदगी को दांव पर लगाने का यह खतरनाक फैसला किया। चिलचिलाती धूप या अंधेरे के बीच जब वह बिना किसी डर के उस भारी-भरकम हाईटेंशन टावर की सीढ़ियां चढ़ता हुआ सबसे ऊपरी छोर पर पहुंच गया, तो नीचे खड़े राहगीरों के होश उड़ गए। हाईटेंशन बिजली के टावर आम तौर पर बहुत अधिक वोल्टेज वाले तारों से जुड़े होते हैं, जहां से गुजरने वाली विद्युत धारा किसी भी इंसान को पलभर में राख बना सकती है, हालांकि गनीमत यह रही कि उस समय उस लाइन का लोड या स्थिति ऐसी थी कि एक बड़ा हादसा टल गया। युवक टावर की सबसे ऊंची चोटी पर बैठकर कभी हाथ हिला रहा था तो कभी अजीबोगरीब हरकतें कर रहा था, जिससे नीचे खड़े उसके परिजन बार-बार रोकर उसे नीचे उतरने की गुहार लगा रहे थे। इस तरह के नशे में किए गए कारनामे न केवल उस व्यक्ति की अपनी जान के लिए खतरा बनते हैं, बल्कि पुलिस और प्रशासन के अमले को भी घंटों तक पसीना बहाने पर मजबूर कर देते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस तरह की ऊंचाई पर चढ़ने की हिम्मत कोई सामान्य व्यक्ति होश की हालत में कभी नहीं कर सकता, और यह सब कुछ केवल उस भारी नशे का असर था जिसके कारण उसे अपनी जान की परवाह भी नहीं रही।

6 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ड्रामा और पुलिस की सूझबूझ

जैसे ही इस बात की खबर स्थानीय थाने और पुलिस कंट्रोल रूम को मिली, तुरंत पुलिस बल, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और बचाव दल के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। टावर के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और नीचे गद्दे व सुरक्षा जाल बिछाने की तैयारियां शुरू कर दी गईं ताकि यदि युवक नीचे गिर भी जाए तो उसकी जान बचाई जा सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के जरिए उस युवक से लगातार संवाद स्थापित करने की कोशिश की और उसे भरोसा दिलाया कि नीचे आने पर उसके साथ कोई सख्ती नहीं की जाएगी, बल्कि उसकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा। स्थानीय भीड़ में खड़े लोग अपने मोबाइल फोन से इस लाइव ड्रामे को रिकॉर्ड करने में लगे हुए थे, जिससे प्रशासन को भीड़ को नियंत्रित करने में भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग 6 घंटे तक चले इस मानसिक तनाव और थका देने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हर पल यह डर सता रहा था कि कहीं नशे की हालत में युवक का पैर न फिसल जाए और कोई अनहोनी न हो जाए। पुलिस की इस टीम ने जिस संयम, धैर्य और समझदारी का परिचय दिया, उसकी तारीफ वहां मौजूद हर आम नागरिक ने की, क्योंकि इस तरह के मामलों में जरा सी जल्दबाजी किसी की भी जान ले सकती थी।

परिवार की गुहार और सुरक्षित नीचे उतरने के बाद राहत की सांस

इस पूरे छह घंटे लंबे नाटक का सबसे भावुक और निर्णायक मोड़ तब आया जब पुलिस ने युवक के बुजुर्ग माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को मौके पर बुलाकर उसके सामने माइक पर बोलने के लिए कहा। परिवार वालों के आंसुओं, गिड़गिड़ाने और बार-बार नीचे उतरने की मिन्नतों का असर आखिरकार उस शराबी युवक पर हुआ और उसने धीरे-धीरे टावर से नीचे उतरना शुरू किया। जैसे ही उसने टावर के निचले हिस्सों को छुआ और जमीन पर पैर रखा, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और राहत दल ने तुरंत उसे अपनी गिरफ्त में लिया और सुरक्षित वाहन में बिठाकर अस्पताल की तरफ रवाना किया। परिवार ने चैन की सांस ली कि उनका बेटा सुरक्षित वापस लौट आया है, वरना छह घंटे तक चली इस सांस रोक देने वाली कशमकश ने सबको झकझोर कर रख दिया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर किस परिस्थिति में उस युवक ने इतना बड़ा कदम उठाया और क्या उसके पीछे कोई पारिवारिक कलह या अन्य मानसिक तनाव था। इस घटना ने एक बार फिर से इस समाज में बढ़ती नशे की लत और उसके घातक परिणामों पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है, जो हंसते-खेलते परिवारों को पलभर में बर्बादी के कगार पर ला खड़ा करती है।